मिथिलांचल केर लोक सभ क जेना नियति भ गेल छै परेशानी सँ दुई-चारि होय के...एकटा खत्म होय नई छै कि दोसर शुरू भ जाइत छै...अखन बाढ़ि सँ छुटकारा मिलबो नहिं करल कि एक हफ्ता सँ भ रहल बरखा स हालात आओर बिगड़ि गेल...बारिश अई जे थमई के नाम नहिं ल रहल छै...बारिश के साथे तेज हवा सेहो चलि रहल अछि...एहि स परेशानी आओर बढ़ि गेल...गाछ गिरल...कइटा घर के सेहो नुकसान पहुंचल...बाध-बन के तS बाते छोड़ु सड़क सभ पर ठामे-ठाम ठेहुन भर पानि लागल अछि...कई ठाम त सड़क पर पानि में गाड़ी सभ सेहो फंसल अछि...गाम घर त गाम घर...आहि-काल्हि अहां दरभंगा के टॉवर चौक नहिं जा सकय छी...टॉवरो चौक पर पानि लागल छै...लोक सभ के एक किलोमीटर जाय के लेल तीन-तीन चारि चारि मीटर लंबा रास्ता तय करय पडैत छैन... बारिश नहिं रुकला स लोक सभ के घर स निकलनाय मुश्किल भ गेल अछि...कई मुहल्ला में त घर स बाहर निकलु नहिं कि ठेहुन भर पानि केर दर्शन भय जाएत...कई ठाम घर में सेहो पानि धुसि गेल छै...दरभंगा सँ लहेरियासराय जाय के क्रम में अहां के कई ठाम मेन रोड पर ठेहुन भर पानि मिल जाएत...बस स्टैंड, बेला...टॉवर चौक सँ लक लक्ष्मीसागर......
हेलो मिथिला - मिथिलाक गप मैथिली मे