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Showing posts from September, 2007

बारिश सँ बेहाल

मिथिलांचल केर लोक सभ क जेना नियति भ गेल छै परेशानी सँ दुई-चारि होय के...एकटा खत्म होय नई छै कि दोसर शुरू भ जाइत छै...अखन बाढ़ि सँ छुटकारा मिलबो नहिं करल कि एक हफ्ता सँ भ रहल बरखा स हालात आओर बिगड़ि गेल...बारिश अई जे थमई के नाम नहिं ल रहल छै...बारिश के साथे तेज हवा सेहो चलि रहल अछि...एहि स परेशानी आओर बढ़ि गेल...गाछ गिरल...कइटा घर के सेहो नुकसान पहुंचल...बाध-बन के तS बाते छोड़ु सड़क सभ पर ठामे-ठाम ठेहुन भर पानि लागल अछि...कई ठाम त सड़क पर पानि में गाड़ी सभ सेहो फंसल अछि...गाम घर त गाम घर...आहि-काल्हि अहां दरभंगा के टॉवर चौक नहिं जा सकय छी...टॉवरो चौक पर पानि लागल छै...लोक सभ के एक किलोमीटर जाय के लेल तीन-तीन चारि चारि मीटर लंबा रास्ता तय करय पडैत छैन... बारिश नहिं रुकला स लोक सभ के घर स निकलनाय मुश्किल भ गेल अछि...कई मुहल्ला में त घर स बाहर निकलु नहिं कि ठेहुन भर पानि केर दर्शन भय जाएत...कई ठाम घर में सेहो पानि धुसि गेल छै...दरभंगा सँ लहेरियासराय जाय के क्रम में अहां के कई ठाम मेन रोड पर ठेहुन भर पानि मिल जाएत...बस स्टैंड, बेला...टॉवर चौक सँ लक लक्ष्मीसागर......

रिंकु पर केस

तीन साल के बुच्ची...आओर ओकरा पर मारि-पीट करय के केस...विश्वास नहिं होयअ... हमरो नहिं होयत छल...मुदा कि करबय । अपन मिथिलांचल में रोज किछु नई किछु नव होयत रहैत अछि...दरभंगा के बहादुरपुर में एहिना भेल...एहि ठाम चोरि आ मारि-पीट के आरोप में एकटा तीन साल के बुच्ची के अभियुक्त बनाओल गेल...ओना तीन साल के रिंकु के साथ ओकर सात साल के दोसर बहिन...माई-बाप आओर चाचा के सेहो अभियुक्त बनाओल गेल...बुच्ची पर बगल वाला घर स बर्तन आओर रुपया चुराबय के आरोप छई... बुच्ची के अभियुक्त बनौला से लोक सभ सन्न छथि... इलाका में जिनका एहि बारे में पता चलय छनि ओ चौंक जाई छथि...हुनका सभ के विश्वास नहिं भ रहल छनि जे ई बुच्ची पर केस भ गेल...सिर्फ लोके सभ नहिं कानून के जानकार लोकनि सेहो हैरान छथि... मुदा पुलिस के कि कहल जाउ हुनकर त दुनिया अलग छैन...पुलिस के त ई हाल जे ओ अपन गलति मानय लेल तैयार नहिं... दर-दुनिया स अंजान तीन साल के बुच्ची के त ईहो नहिं पता छै जे केस कि होइछ आओर ओकरा घर के बाहर एकाएक एतेक भीड़ किएक लागि गेल छै...पेपर...टीवी के कैमरामैन...पत्रकार सभ ओकर आगा- पीछा कए फोटो लेबय...समाचार बनाबय में लागल छथि...जे...

सिलीगुड़ी में कर्फ्यू

दार्जिलिंग के प्रशांत तमांग जखन सोनी टीवी चैनल के रियलिटी शो में 'इंडियन आइडल' बनलाह त पूर्वोत्तर में जश्न मनाओल गेल...लोक सभ खुशी स झूमि उठल... खूब पटाखा फोड़ल गेल...मुदा दिल्ली के रेड एफएम पर हुनका बारे में एकटा आपत्तिजनक बयान अबितहिं बवाल शुरू भ गेल... सिलीगुड़ी में शुक्रवार के भड़कल हिंसा के बाद कर्फ़्यू लगा देल गेल...खबर अछि जे एफ़एम पर प्रसारित टिप्पणी के विरोध करैत लोक सभ जखन हॉस्पिटल रोड स गुजरि रहल छल तखन एकटा मरीज के ल जा रहल एंबुलेंस भीड़क बीच स निकलय के कोशिश करय लागल...जकरा प्रदर्शनकारि सभ नहिं निकलय दैत छलाह...स्थानीय लोक सभ एकर विरोध कयलन्हि त तोड़फोड़ शुरू भ गेल...प्रदर्शनकारी में स किछु लोक हिंसा पर उतारु भ गेलाह आओर कइटा गाड़ी आ दोकान में आगि लगा देलाह.. लोक जखन तोड़फोड़ पर उतरि अएलाह त पुलिस के लाठीचार्ज करय परल आओर हवा में गोलि दागय परल..।करीब तीस लोक घायल भेलाह... सेना बुलाबय परल... कर्फ़्यू सेहो लगा देल गेल... प्रशांत तमांग पश्चिम बंगाल पुलिस में कॉंस्टेबल छथ छथि ...आओर ओ लोक सभ के शांत रहबाक लेल आग्रह कयलन्हि अ...हुनकर इहो कहनाय छैनि जे एकरा लेल तोड़फोड़ ...

मधेशी पर मार

मिथिलांचल केर बहुत बड़का इलाका नेपाल में आबैत अछि...अगर भारत नेपाल दुई देशक बात नहिं कएल जाय त मिथिलांचल चौदद्दी उत्तरी बिहार स लक नेपाल तक फैलल अछि...दुनु देशक लोक मैथिल कहाबय छैथि...आओर एहि कारणे दुनु देशक लोक कखनो एक दोसरा के अलग नहिं मानला...शुरू स एकटा परिवार जका रहैत गेला...मुदा नेपाल में माओवादी के आबिते ई सभ बदैलि गेल... पहिने त भारत नेपाल भेल...आब मधेशी वाला बखेड़ा खाड़ भ गेल छै...नेपाल के अपन नागरिक के ई साबित करय पड़ि रहल छै जे ओ नेपाली छैथि की नहिं...हिनका सभके मधेशी कहि भगाइल जा रहल अछि...जबकि नेपालक अर्थव्यवस्था में सभस बड़का योगदान हिनके सभक अछि...नेपाल में राजशाही खत्म होबय के बाद ई लगैत छल जे माओवादी आब शांति स रहता आओर हिंसा त्याग देताह...मुदा आब ओ मधेशी सभके निशाना बनाबय लगलाह अ... नवम्बर में ओहि ठाम चुनाव होबय वाला अछि... एहि के लक बिहार सरकार सेहो चिंता में अई... आशंका अछि जे चुनाव के समय माओवादी या नक्सली गतिविधि तेज भ सकैत अछि...एहि लक पटना में बिहार सरकार आओर नेपाल सरकार के आला अफसरक बैठक सेहो भेल अछि...असल में नेपाल आओर बिहार क बीच ७५० किलोमीटर...

लक्ष्मी मित्तल स आगा मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी दुनिया के सभस अमीर भारतीय बनि गेलाह अ...धन दौलत, सम्पति के मामला में ओ इस्पात किंग के नाम स मशहूर लक्ष्मी निवास मित्तल स आगा भ गेलाह अछि...रिलायंस इंडस्ट्रीज के सर्वेसर्वा मुकेश अंबानी के एहि ठाम पहुंचबा में सभस बड़का योगदान शेयर बाजार में आयल भारी तेजी के अछि... बुधवार के सेंसेक्स के १७ हजार के आंकड़ा पार करैत रिलायंस इंडस्ट्रीज, रिलायंस पेट्रोलियम, आईपीसीएल आओऱ रिलायंस इंडस्ट्रीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयर के भाव के आधार पर हिनकर सम्पत्ति ५० अरब डॉलर स ऊपर चलि गेल...एकरे साथ ओ एतेक पाई वाला दुनिया के चौथा आदमी भ गेलाह ...हिनका स आगा छैन...अमेरिका के साफ्टवेयर महारथी बिल गेट्स, मैक्सिको के कार्लोस स्लिम हेलू आओर वॉरेन बफेट। मार्च में जखन मशहूर पत्रिका फोर्ब्स में अमीर लोकक सूची जारी भेल छल तखन स्टील किंग श्री मित्तल पांचवां स्थान पर छलाह आओर मुकेश अंबानी चौदहवां स्थान पर ...ओना तहिया स दुनु गोटा के धन दौलत में इजाफा भेल अ मुदा मुकेश अंबानी क सम्पत्ति ज्यादा बढलैन्ह अ... पचास अरब डॉलर(करीब 2 लाख करोड़ रुपया) से ज्यादा पाई वाला मुकेश अंबानी के रिलायं...

कलुआही में इतिहास

मधुबनी जिला में कलुआही प्रखंड के मधेपुर गांव में एकटा खेत स दुटा मृदभांड आओर मूर्ति मिलल अ ...एकरा देखय लेल लोकक भीड़ उमड़ि पड़ल... पिछला दस दिन स लोक सभ दूर-दूर स एकरा देखय लेल आबि रहल छथिन्ह। मुदा पुरातत्व विभागक ओर स एहि पर कोनो खास ध्यान नहिं देल गेल अछि। मधुबनी से हमर मित्र श्री अवनींद्र झा जी क कहनाय छैन जे जखन स कलुआही के मधेपुर गाम में ई मृदभांड आओर मूर्ति मिलल अ तखन स उ खेत एकटा तीर्थस्थल जका बनि गेल अछि...असल में एहि बेर आयल भारी बाढ़ि में खेतक माइट पानि के साथ बहि गेल... माटि के पानि साथ बहला के बाद ई अवशेष ऊपर आबि गेल आ जे कहुं देखाय लागल॥ई काफी समय स माटि के अंदर दहॉबल छल...ओना अखन ई पता नहिं चलल अ जे ई कोन काल के अछि॥लोक सभ एकरा एकटा चमत्कार के रूप में देख रहल छथिन्ह... ओना मिथिलाक इतिहास काफी समृद्ध रहल अछि...मुदा सही रखरखाव...देखरेख...संरक्षण नहिं भेलाह स पुरातात्विक महत्व वाला बहुत त नष्ट भ गेल आओर कइटा नष्ट होय वाला अछि...कतेक एम्हर ओन्हर भ गेल... जरूरत अछि जे पुरातत्व विभाग एकरा देखि एकरा बारे में पता लगाबय आओर लोक सभ के ई बताब...

चौबीस साल बाद...

एकरा स बड़का नशा की होएत...एकरा स बड़का खुशी के पल कोन होएत...एहि स बड़का भीड़ कोन होएत...मुम्बई क छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर जखन भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य पहुंचला त लाखों क्रिकेट प्रेमी फूल-माला, ढोल नगाड़ा के साथ हुनका स्वागत कयलाह। लोक सभक कहनाय छलन्हिजे ऐहन स्वागत आई धरि ककरो भेल होय आ कोन काजक लेल एतेक भीड़ उमड़ल होय से हुनका ध्यान नहिं छैन... ट्वेंटी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान के हराकए बुधवार सुबह जखन टीम इंडिया के खिलाड़ी सभ मुम्बई पहुंचलाह त पूरा मुम्बई जेना हवाई अड्डा पर हुनका स्वागतक लेल उमड़ि गेल होय...एहि अवसर पर बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, मीडिया कर्मी ...क्रिकेट प्रेमी आओर की की कहल जाउ सभ ओहि ठाम मौजूद छलाह... सैकड़ों...हजारों के बात नहिं लाखों प्रशंसक...मुम्बई के समुद्रके पास जेना जनसमुद्र उमड़ि पड़ल होय। हवाई अड्डा पर तिलक लगाकय स्वागत भेला के बाद खिलाड़ी सभ के दो मंजिला बस पर बैसा वानखेडे स्टेडियन ल जायल गेल...हवाई अड्डा स वानखेडे स्टेडियम के दूरी करीब ३० किलोमीटर अछि मुदा एतेक दूरी ...

दरभंगा जयनगर बड़ी लाइन

आखिरकार दरभंगा स जयनगर के बीच ट्रेनक चलनाय शुरू भ गेल...रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव २५ तारीख के जयनगर स कोलकाता के बीच चलय वाला गंगासागर एक्सप्रेस के झंडा दिखा बड़ी लाइन के उद्घाटन कएलाह...एहि अवसर पर रेलमंत्री मिथिलांचलक लोकके भरोसा देलथिन्ह जे जल्दीए जयनगर-दिल्ली के बीच गरीब रथ ट्रेन शुरू कएल जायत आओर जयनगर स्टेशन के माडल स्टेशन बनायओल जाएत।जयनगर स्टेशन स फिलहाल दुई जोड़ी सवाड़ी गाड़ी, शहीद एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस, सरयू यमुना एक्सप्रेस आओर कमला गंगा इंटरसिटी एक्सप्रेस चलत...बाद में दोसरो गाड़ी के एहिठाम स विस्तार देल जायत...रेल मंत्री लालू यादव कहलथिल्ह जे सीतामढ़ी-भीट्ठामोड़, जयनगर, लौकहा, निर्मली, रेल लाईन के सर्वे कार्य संपन्न भ चुकल छै आओर अगला बजट में सीतामढ़ी, निर्मली रेल लाईन के कार्य आरंभ कए देल जाएत। दरभंगा जयनगर के बीच मीटर गेज (एमजी) बिछय के लगभग सौ साल बाद ब्राड गेज (बीजी) गाड़ी के परिचालन शुरू भेल अछि .. 1964 ई. में प्रकाशित पीसी चौधरी जीक किताब'बिहार डिस्ट्रिक्ट गजेटियर' के अनुसार 1907 वर्ष में सकरी-जयनगर के बीच नयी लाइन शुरू कएल गेल छल श्री लालू यादव के सभा में भ...

टीवी, एफएम पर मैथिली

एहि बेर दरभंगा राजनगर यात्रा में सबसे सुखद बात ई रहल जे नेपाल के सीमावर्ती इलाका में छ टा ( ६ ) एफएम चैनल सुनय लेल मिलय...ओहो मैथिली में...एतेक खुशी भेल जे कहि नहिं सकय छी...रेडियो जानकी...जनकपुर एफएम...रेडियो जनकपुर...मिथिला एफएम...एफएम टुडे...जलेश्वर एफएम लोकक बीच धमाल मचौने अछि... जनकपुर, जलेश्वर स एकर प्रसारण होयत अछि...दरभंगा स जयनगर...सीतामढ़ी, बैरगनिया...वीरगंज...एम्हर सहरसा निर्मली तक सभतर हर दलान ...दोकान...घर में एफएम रेडियो के क्रेज छा गेल अछि...गीत संगीत... नाटिका... चर्चा... फोन ईन कार्यक्रम स लSक विज्ञापन तक सभ किछु मैथिली में... हम त दु तीन दिन तक खुशी स बौराइल रहलहुं... दिन- राति बस एफ एम सुनैत छलहुं... एम्हर अपना इलाका में एफएम रेडियो के बिक्री सेहो बड़ बढ़ि गेल अछि...सय...डेढ़ सय वाला रेडियो खुब बिक रहल अछि...एकरा प्रचार में एफएम वाला मोबाइल फोन सेहो सहयोग द रहल अछि... गीत-नाद त रमनगर रहबे करय अछि ...बीच बीच मे चुटकि.... चुटकुला सब लोक के गुदगुदयने रहैत अछि ... अपन मिथिलाक जे गप्पक रंग छै... एक बेर फेर ऊपर भेल अछि... मैथिली के तरफ लोकक रुझ...

मिथिलाक पान

मिथिलाक पहचान पान माछ मखान में से हम मखान के बारे में अहांके बता चुकल छी...आई हम बात करब पान के बारे में...मिथिलांचल में पानक विशेष महत्व देल गेल अछि...मिथिलांचल में पानक शौकीन लोक अहांके सभ ठाम मिल जाइत... कोनो एहन गाम नहिं मिलत जहां पानक दुकान नहिं होय...कोनो चौक चौराहा पर चलि जाउ सब ठाम पानक दुकान मिली जाइत...ओना बहुत लोक अपना घर में सेहो पान रखय छैथि...जखन मन भेल दुटा पान लगैलौंह और गाल मे खिल्ली दबा चलि देलौंह...कोनो काज प्रयोजन होय...पूजा पाठ होय...आ फिर कोनो मेहमानक...पाहुनक स्वागत होय... बिना पानक काज नहिं होयत...भोज भात के बाद त पान के लूटि मचि जाइत अछि....हमरा दिअ त हमरा दिअ....पानक हरिहर हरिहर पात लिय...चूना कत्था लगाउ...ओकरा उपर कतरल सुपारी डाली खिल्ली बना मुंह में दबा दिअउ... ओना गाम घर में बेसि लोक जर्दा...पत्ती संग पान काई छथि...शहर में रहय वाला सब त मीठा पत्ता खाई छैथि...पहिने हीरा मोती मीठा पान नामी छल आब त ढेर सारा ब्रांड आबि गेल अछि... मिथिला में पानक शौकीन लोग के त ई कहना छैन जे पान माछ आ मखान स्वर्ग टा में नहिं मिलैत अछि...अहि लेल जखन धरि पृथ्वी पर छी ई तीनोक ...

ऑर्कुट पर प्रेस क्लब

एकटा नया सर्वे आयल अछि... सर्वे के कहवाक छै जे भारत में इंटरनेटक इस्तेमाल करय वाला करीब आधा लोगसोशल नेटवर्किंग में अपन समय बिताबय छथिन्ह... एहि मामला में ऑर्कुट नम्बर १ पर अछि... एकर बाद डेटिंगआओर वैवाहिक साइट सभ के नंबर अछि...आई काल्हि ऑर्कुट पर नेटवर्किंग के जोर पकड़ल अछि... मेट्रो सS लक छोट छोट शहर...गांव घर तक ऑर्कुट अपन पक़ड बनौले जा रहल अछि...कोनो साइबर कैफे में चलिजाउ...आधा स ज्यादा लोग ऑर्कुटियाब में लगल मिल जाइत....ओना एकर फायदा सेहो बड़ छै...दोस्त सभ खूबबनय छै...अहांक संगी सभ जे बिछुड़ गेल छथि...बहुत दिन स भेट घांटि नहिं बेल छै...ऑर्कुट के माध्यम ससम्पर्क में बनल रहि सकय छी...मुदा ऑर्कुट पर चिरकुटौय सेहो कम नहिं भ रहय अछि...हाल फिलहाल में कईटाएहन कांड भ गेल अ जहि स एकरा ऊपर सवाल सेहो उठय लागल अई...ई क्राइम... सेक्स...देह व्यापार के सहायकसेहो बनल जा रहल अछि... एहि पर लोग सभ अपन अपन कम्युनिटी सेहो बनौले छथि...अपन विचारधारा...धर्म...जात... रोजगार...कामकाजस जुड़ल कम्युनिटी बनल अछि...ई लोक सभ के एकटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध करबावय छै... ऑर्कुट स हमहुं जुड़ल छी आओर मिथिलाक कम्युनिटी स से...

राजनगर राज कैम्पस-२

राजनगर राज परिसर स्थापत्य कला....शिल्पकला...चित्रकला के साथ साथ संस्कृति सभ्यता के जीबैत मिसाल अछि...राजमहल आओर एहिठाम बनल मंदिर कला प्रेमी के लेल कोनो दस्तावेज स कम नहिं अछि...एहिठामक लोकक कहनाई के मुताबिक महाराज के तंत्र मंत्र स विशेष लगाव छलन्हि...एहि कारणे वो परिसर में ग्यारह टा मंदिर बनवयलाह...आ एकरा में तंत्र मंत्र केसाथ अध्यात्म आओर वैदिक कला के संगम देखल जा सकय अ... लोक सबसे ईहो कहबा छैन जे एकरा बनवाबय लेल महाराज फ्रांस स ऑर्किटेक्ट मंगवौने छलाह... परिसर में चारू कात मंदिर बनल अछि...मुदा हुनकर तंत्र मंत्र स आस्थाक कारणे एकर मुंह दक्षिण तरह अई...संगमरमर वाला मंदिर के छोड़ि आओर सभ मंदिरक स्थिति खराब अछि... सरकार अगर चाहैत त एकरा पर्यटक स्थल के रूप मे विकसित कए सकैत छल...मुदा सरकार उदासीन रवैया अपनैने अछि... अखनो राजनगर आ आस पास के गांव में आबय वाला लोक सभ राज में घुमय लेल जरूर आबैत छैथि...छठ आओर एक जनवरी नववर्ष के त एतय भारी मेला लगि जाइत अछि...लोक सभ एतय पिकनिक मनावय छैथि...मिथिलांचल में अगर दू चारि टा घुमय वाला जगह अछि त ओहि में राजनगर के स्थान दरभंगाके बाद तय अछि......

राजनगर राज कैम्पस-1

पिछला लेख में दरभंगा से राजनगर यात्राके बारे में अहां स बात भेल ... आब बात करई छी राजनगर के बारे में ... राजनगर के राजपरिसर के दरभंगा महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह के छोट भाई महाराज रामेश्वर सिंह करवैने छलखिन्ह ... मिथिलाक कला और संस्कृति में माछ के साथ हाथी के बड़ महत्व अछि ... राज परिसर में जहां तहां अहां माछक निशान देख सकैय छी ... एकरा शुभ मानल जाइत अछि ... कोनो काम स पहिने माछक दर्शन शुभ होय अछि ... आओर हाथी के राजसी शान के पहचान मानल गेल अछि .... एहि कारणे राज कैम्पस में हाथी महल ... ई महल के दरवाजा पर दू टा हाथीके विशाल प्रतिमा बनल अछि ... बच्चा में जखन हम सभ एतय जाइत छलहुं त एकरा हाथी वाला महल कहिक पुकारय छलहुं ... मधुबनी स करीब १५ किलोमीटर दूर राज परिसरक महल के महाराज रामेश्वर सिंह अपने लेल बनौने छलाह ... मुदा महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह के मृत्युक पश्चात दरभंगा चलि गेलाह ... हुनका दरभंगा गेलाह के बाद एकर उचित देखरेख नहिं भेल ... आ धीरे धीरे ई खं...

दरभंगा स राजनगर

एहि बेर गर्मी छुट्टी में मन भेल जे दरभंगा राज सS राजनगर तक घुमल जाय... बिहार सम्पर्क क्रांति ट्रेन पकड़ि चलि पड़लऊ दरभंगा...गाम घर...अपन इलाका में पहुंचबाक खुशी...होइत छल जे कतेक जल्दी डेरा पर पहुंचु...ओहि दिन दरभंगा में मुसलाधार पानि रुकय के नामे नहि लैत छल...चप्पल उतारि..पेंट खोंसि स्टेशन सँ बाहर आबि ठेहुन भरि कादो पानि के बीच केहुना रिक्शा लय डेरा दिस विदा भेलहुं...भरि रास्ता लागय जे रिक्शा सS आब खसलहुं की तब खसलहुं...रोडक कतहुं पते नहिं चलय...ठेहुन भरि पानि स रिक्शा वाला सेहो परेशान छल...डेरा पहुंचि नहा-घो क टावर चौक दिस चलि देलंहु॥ चलय स पहिने अपन सभ जान पहचान वाला के फोन कय देलयन्हि दे आबि गेल छी...ओहि दिन वार्ड कमिश्नर चुनाव के रिजल्ट सेहो निकलल रहय ताहि शहर में काफी हो हल्ला रहय...सांझ में हमर सभक जुटानि भेल आजतक के रिपोर्टर प्रहलाद जी...उर्फ किलु जी के घर पर.... ओहि में सहारा समय राष्ट्रीय चैनल के जयपाल शर्मा जी...अजय मोहन प्रसाद जी...रोजाना के मणिशंकर जी...आंखो देखी के पप्पुजी...आओर एनडीटीवी के प्रमोद गुप्ता जी सेहो छलाह...हम १९८८ सँ २००१ तक प्रमोद जी के पिताजी श्री रामगोविन्...

नैका बंजारा

गाम घर में त दुर्गा पूजा...इंद्र पूजा...सरस्वती पूजा... चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर नाटक देखबाक लेल मिल जाइत छल...मुदा गाम घर से बाहर निकलला पर...सेहो बिहारक बाहर... दिल्ली, एनसीआर जइसन जगह में मैथिलीक कोनो नाटक...गीतनादक कार्यक्रम देखबा लेल कमे मिलैत अछि...आओर जों देखबाक लेल मिलैत अछि त वो एकटा सुखद अहसास स कम नहिं होयत अछि...ओना दिल्ली, नोएडा में मैथिली के आन कार्यक्रम...विद्यापति समारोह सभ होयत रहय छै...मुदा कार्यक्रमक बीच अंतराल एतेक होयत अछि जे पूछु नई... खैर बहुत दिनक बाद मैथिल लोकनि के दिल्ली में एकटा बढ़िया नाटक देखबाक लेल मिलल...दिल्ली के मंडी हाउस इलाका में मैथिली के प्रसिद्ध साहित्यकार ब्रजकिशोर शर्मा मणिपद्म जीक उपन्यास पर आधारित नाटक नैका बंजारा क मंचल कएल गेल... मिथिला में नैका बंजारा लोक कथाक रूप में प्रचलित अछि...एकरा ब्रजकिशोर शर्मा मणिपद्म जी उपन्यासक रूप देने छथिन्ह...जाहि लेल हुनका साहित्य अकादमी पुरस्कार स सेहो सम्मानित कएल गेल ...एहि उपन्यास के नाटकक रूप देला कुमार शैलेन्द्र जी...मैथिल दर्शक स भरल ऑडिटोरियम में मैथिली नाटक देखनाय लोकक लेल सुखद छल... ध्वनि आ प्रका...

मिथिला राज्य

मिथिला राज्य के मांग एक बेर फेर जोर पकड़य लागय अछि...देश में कइटा राज्य एहन अछि जे क्षेत्रफल आओर जनसंख्या के हिसाब स देखल जाय त मिथिला स छोट अछि...मुदा राज्य बनला के बाद वो खूब तरक्की कएलक अछि...ओहिठाम लोकक जीवन स्तर सुधरल अछि...लोकक इनकम आओर पर्चेज पावर बढ़ल अछि...लोक के रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहल अछि...उद्योग धंधा नहि रहलो पर ऊ राज्य खूब तरक्की कए रहल अछि...एहि में आईटी...बीपीओ...खाद्य प्रसंस्करण...पर्यटन...चिकित्सा, शिक्षा संस्थानक विशेष योगदान रहल अछि...मुदा एकरा लेल बेहतर इंफ्रास्ट्रकचर जरूरी अछि... बिना बेहतर रेल...सड़क संपर्क के विकासक बयार नहिं बहत...आओर ई बयार बहाबय लेल अलग राज्य बेहतर विकल्प भ सकैय अछि...अलग राज्यक मांग लय क पिछला दिन दिल्ली के जंतर मंतर पर मैथिली लोकनि धरना प्रदर्शन कएलन्हि... अखिल भारतीय मिथिला संघर्ष मोर्चाक अगुआई में भेल एहि धरना प्रदर्शन में मिथिला राज्य मांग जोर शोर सं उठाइल गेल....समिति के अध्यक्ष बैद्यनाथ चौधरी बैजू जीक संग सभ लोकनिक कहबाक छलैन जे मिथिला आदि काल स स्वतंत्र राज्य छल...मुदा आजादी के बाद राज्य नहिं बनला स ई उपेक्षा के शिकार बनल अछि......

दही-चूड़ा-चीनी

भोर में दफ्तर जाइ के धरफरि...दफ्तर पहुंचवा में एको मिनट देर भेल की आफत... नाश्ता तैयार नहिं आब कि कएल जाउ... ऐहने समय में काज आइल अपन मिथिलाक चूड़ा दही आओर चीनी...अहां एकरा मिथिलांचलक फास्ट फूड कही सकैय छी...एहि में कोनो संदेह नहि जे ई कोनो पिज़ा बर्गर...चाउमीन स फास्ट और पौष्टिक अछि... गाम में रहैत छलहुं त दही, चूड़ा- चीनी छल मुदा दिल्ली अएला के बाद ई चूड़ा -दही- चीनी में तब्दील भ गेल...ओना आब गामों में सेहे भ गेल छई...दूधक दिक्कत भ गेल छई...ओना आब गाम गाम में सुधा के दूध पहुंच लागल अछि... मिथिलाक ई फास्ट फूड में सबस बड़का खूबी ई अछि जे अहां के किछु खास नहिं करय के जरूरत अछि...बस पात बिछाऊ...चूड़ा-दही-चीनी राखू...साथ में जौं हरिहर मिरचाई...नून आओर अचार होय त की बात...शुरू करु आओर तृप्त भ जाउ...एहि में नहिं चुल्हा भूकए के झंझट नई सब्जी काटय बनाबय के परेशानी...बस चूड़ा-दही चीनी सानु और भ जाउ शुरू... पचयों में कोनो झंझट नहिं... चूड़ा-दही-चीनी में सबस बजका बात अछि जे ई पिजा बर्गर आ चाउमीन जका महंगा नहिं अछि...की गरीब...की अमीर सबके प्...

मिथिलाक मखान

मिथिलाक बारे में ई कहावत मशहूर अछि पग पग पोखर माछ मखान सरस बोल मुस्की मुख पान... मुदा मिथिला क पहचान मखान संकट में अछि... अई बेर आइल प्रलयंकारी बाढ़ स मखान क खेती के बड़ नुकसान पहुंचल अछि... भ सकय अ एहि बेर अहां के खाई लेल कम मखान मिलय... मखान एकटा नीक गुण बला आहार अछि... मखानक आनंद अहां कच्चा, धी में फ्राई क... खीर बना क ल सकैय छी... बच्चा में त हम सभ पोखरि में जाक कच्चा दाना खाक जे सुख पावैत छलौंह ओकरा कि कहल जाउ... मिथिलांचल आओर मखान भने एक दोसरके पर्याय होय... मिथिलांचलक लेल भने सांस्कृतिक आ आर्थिक रुपे अहम स्थान रखैत होय... मुदा एहि व्यवसाय के आई धरि नई त आगा बढ़ावय के कोशिश कएल गेल आओर नई आई धरि एकरा उद्योग के दर्जा देल गेल... मिथिला में जतय दोसर उद्योग धंधा नहिं अछि... कृषि आधारित उद्योग के बढ़ावा देबाक जरूरत अछि... मखान... आम... लीची... स जुड़ल उद्योग बनाबय पड़त.... मिथिलाक समृद्धि के लेल ई बड़ जरूरी अछि... मखानक खेती के बढ़ावा नहिं मिलला स किसान परेशान छथि... ओना आब गाम घर में नवका पोखरि सेहो नहि खुना रहल अछि... पोखरि कम भ रहल अछि... सुखा रहल अछि... आ एहि सभ कारणे ...

अपन शहर दरभंगा

अपन शहर दरभंगा . पग पोखरि माछ मखान सरस बोल मुसकि मुख पान विद्या वैभव शांतिक प्रतीक ललित नगर दरभंगा थीक... आई स पन्द्रह बीस साल पहिने जखन अहां दरंभगा में प्रवेश करितौह त अहि संदेश स अहांक स्वागत होयत.. एहिमें कोनो संदेह नहि जे दरमंगा सही मायने में ललित नगर अछि... आई के भागदौड़ वाला जमाना में अखनो धरि एहिठामक लोकक चेहरा पर मुसकि देखय लेल मिल जाएत...

हम मैथिल...

सांस्कृतिक रूप स मिथिला अपन भाषा , बोली , रचना , समृद्धि के लेल जानल जाइत अछि ... कला संस्कृति , भाषा वा साहित्य आदिकाल स मिथिलाक पहचान रहल अछि ... मुदा मैथिली भाषा के उचित सम्मान मिलवाक चाही आई धरि नहिं मिलल .. आई मैथिली समाजक लोक दुनिया भर में जतय छथि .. मैथिली में रचना कय रहल छथि .. अपन योगदान द रहल छथि .. एहि भाषाक विकासक लेल काम क रहल छथि .... हमरा सभके सरकारे टा पर निर्भर नहि रहय के चाही ... मातृभाषा संप्रेषण आओर रचनाक लेल सभस उत्तम माध्यम अछि ... फेर दुनिया में मैथिली स मधुर आओर कोनो भाषा मिलत ... आ ई खुशी केर बात अछि जे आईयो बिहार स बाहर मैथिली में रचना भ रहल अछि .. हम सभ एक दोसर स बातचीत में मैथिली के जीवित रखने छी ... मैथिली के ख्याति देश विदेश में पहुंचल एकर सबस बड़का श्रेय विद्यापति जी के जाइ छैन्ह .. हुनकर रचना लोकक लेल प्रेरणा बनल ...

अपन मिथिला

मिथिला प्राचीन काल में एकटा राज्य छल . आई - कालि उत्तर बिहार आओर नेपाल के तराई इलाका के मिथिलांचल नाम स जानल जाइत अछि .. मिथिलाक लोकक भाषा मैथिली अछि . धार्मिक ग्रंथ में सबसे पहिल इकर उल्लेख रामायण में मिलैत अछि . दरभंगा , मधुबनी , समस्तीपुर , मुजफ्फरपुर , सीतामढी , जनकपुर , पूर्णिया , सहरसा , कटिहार , राजबिराज , बिराटनगर मिथिलांचलक प्रमुख शहर अछि ... मैथिली के पहिने मिथिलाक्षर लिपि में लिखल जाइत छल जे बांग्ला स मिलैत अछि ... मुदा आब ज्यादा लोकनि देवनागरी में मैथिली लिखैत छथिन्ह ... विद्यापति मैथिलीक आदिकवि आओर सर्वाधिक ज्ञात कवि छथि ... विद्यापति साहित्यक भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभ मे स एक आओर मैथिली के सर्वोपरि कवि मानल जाइत अछि .. मिथिलाक लोकनि के ' देसिल बयना सब जन मिट्ठा ' क सूत्र द उत्तरी - बिहार में लोकभाषाक जनचेतना जागृत कएलाह .. लोकव्यवहार में आइओ हुनक रचनाक प्रयोग होयत अछि ... महाकवि विद्यापति संस्कृत , अबहट्ठ , मैथिली भाषाक प्रकाण्ड विद्वान छलाहकरीब ४ स 5 करोड...

यादों का दर्पण

मुझसे तुम क्या दूर गई यादों का दर्पण छोड़ गई ... दिल बहलता जिससे मेरा साथ जो मुझको मिलता तेरा पर तुम तो मुझसे रुठकर ऐसे क्यूं नाता तोड़ गई ... मुझसे ... इसमें जब तेरा चेहरा दिखता तब मैं खोया - खोया रहता पर तुम तो सदा के लिए मेरा तन्हाई से रिश्ता जोड़ गई ... मुझसे ... क्या - क्या नहीं सपने सजाये ? फूलों के शहर में महल बनाये पर दिल ही नहीं तुम तो मेरा ताजमहल भी तोड़ गई ... मुझसे ... सबने ही ठुकराया मुझको तुमतो कहती अपना मुझको औरों की क्या ! तुम भी तो मुंह मोड़ गई .. मुझसे तुम क्या दूर गई यादों का दर्पण छोड़ गई ... -हितेंद्र कुमार गुप्ता