Chunchun Mishra (25-10-1942-- 15-11-2010) चुनचुन मिश्रजीक पार्थिव शरीर के माँ मैथिली अपन कोरा मे नुका लेलनि। 1942 के क्रान्तिगर्भसँ जनमल चुनचुन बाबू आजीवन संघर्ष करैत रहलाह। डाँ जयकांत मिश्र जी जेका चुनचुनबाबू सेहो 16-11-2010 के 2 बजे रति मे मिथिला राज्यक सपना लेने स्वर्गीय भयगेलाह्। एकटा आधा बाहि वाला कुर्ता, दू टा कपड़ा वल गन्जी, एकटा गमछा आ एकटा धोती बस सबटा एकटा झोरा मे। कोनो लाम काफ नहि। कोनो रिजर्वेशन के चिन्ता नहि। ककरो डर नहि। कानपुर, बम्बई, दिल्ली, हैदराबाद आ कतय नहि, चुनचुन बाबू सबठाम्। आन्दोलन मैथिली के अष्ट्म सूचिक लेल हो, मिथिला राज्य के लेल हो, या सैराठ सभाक उत्थान के लेल चुनचुन बाबू के अगुआ बिना कोना एखन धरि सम्भव नहि भेल छल्। दिल्ली मे हुनका देखितहि Intelligence ओ दिल्ली पुलिस सब कहनि, “आ गये मिथिला राज्य वाले”। जन्त्तर मन्तर पर एकटा पुलिस कहलकनि “बाबा आप चौरहे से पीछे जा कर धरना पर बैठिये, यहाँ जाम लग जायेगा” चुनचुन बाबू कहल्थिन “कोनो हम पहुनाई करय आयल छियैक, हम त धरना पर आयल छियौक, बैसबौ त एहिठाम, हिम्मत छौ त पकड़ि क हमरा जेहल में दय दे। ओहि समय मात...