Skip to main content

मिथिलाक मखान


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी



मिथिलाक
बारे में कहावत मशहूर अछि पग पग पोखर माछ मखान सरस बोल मुस्की मुख पान...मुदा मिथिलापहचान मखान संकट में अछि... अई बेर आइल प्रलयंकारी बाढ़ मखान खेती के बड़ नुकसान पहुंचलअछि... सकय एहि बेर अहां के खाई लेल कम मखान मिलय... मखान एकटा नीक गुण बला आहारअछि...मखानक आनंद अहां कच्चा, धी में फ्राई क...खीर बना सकैय छी...बच्चा में हम सभ पोखरि मेंजाक कच्चा दाना खाक जे सुख पावैत छलौंह ओकरा कि कहल जाउ...
मिथिलांचल आओर मखान भने एक दोसरके पर्याय होय...मिथिलांचलक लेल भने सांस्कृतिक आर्थिक रुपेअहम स्थान रखैत होय...मुदा एहि व्यवसाय के आई धरि नई आगा बढ़ावय के कोशिश कएल गेल आओर नईआई धरि एकरा उद्योग के दर्जा देल गेल... मिथिला में जतय दोसर उद्योग धंधा नहिं अछि...कृषि आधारित उद्योग केबढ़ावा देबाक जरूरत अछि... मखान... आम... लीची... जुड़ल उद्योग बनाबय पड़त.... मिथिलाक समृद्धि के लेलबड़ जरूरी अछि... मखानक खेती के बढ़ावा नहिं मिलला किसान परेशान छथि... ओना आब गाम घर मेंनवका पोखरि सेहो नहि खुना रहल अछि...पोखरि कम रहल अछि...सुखा रहल अछि... एहि सभ कारणेमखान मिथिला खत्म रहल अछि...केवटी दरभंगा के श्री विद्यानाथ झा जी एकरा विकासक लेल जीजान काम जुटल छथिन्ह॥मुदा हुनका जे सहयोग मिलवाक चाहि से नहिं मिल रहल अछि...
ओना आब मखान सिर्फ मिथिलांचले नहिं मेट्रो सिटी में जतय ताकु मिल जाइत... किराना दुकान में मिल जाइतअछि॥मुदा आधुनिक बाजारत चमक दमक में व्यवसाय पिछैड़ रहल अछि... किसान मखानक खेती छोड़िदोसर धंधा अपना रहल छैथि...खेती छोड़ि दिल्ली...पंजाब के रुख कए रहल छथि...एकर खेती के व्यावसायिक ढंगसे बढ़ावा देबय के जरूरत अछि...एकर औषधिय पौष्टिक गुण के प्रचारित करय के जरूरत अछि...एकर महत्वके प्रचारित करय के जरूरत अछि...ज्यादा ज्यादा पोखरि बनावय के जरूरत अछि... अगर एकर खेती के बढावादेल जाउ एहि में कोनो संदेह नहि जे लोग सभ के रोजगार भेटबे करतैंह...मिथिलांचलक पहचान मखान सेहोबचल रहत

Comments

Popular posts from this blog

हमर विआह- 8

श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...

फर्स्ट आउ छात्रवृत्ति पाउ

बिहार सरकार के तरफ सं एकटा छात्रवृत्ति योजना शुरू कएल गेल अछि. एहि मे एससी... एसटी, अल्पसंख्यक आओर अत्यंत पिछला वर्ग सं मैट्रिक मे फर्स्ट आबय वाला विद्यार्था के 10 हजार रुपया के छात्रवृत्ति देल जाएत. एकर शुरूआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी पटना मे किछ छात्र के 10 हजार रुपया के चेक द कएलखिन्ह. अहांके कि लगैत अछि कि ई एकटा नीक कदम अछि? कि एहि सं बेसि सं बेसि विद्यार्थी पढ़ाई-लिखाई के तरफ ध्यान देताह ? कि ई राज्य मे साक्षरता लाबय के दिशा मे नीक पहल अछि? आ फेर एकरो हाल दोसर योजना के जकां रहत? सरकार एहि सं पहिनहुं चरवाहा विद्यालय... साइकिल योजना... मिडडे मील नहि जाने कि कि चलाबैत अछि...कि एकरो हाल ओकरे जकां होएत? अहां सभ अपन-अपन विचार जरूर राखु आओर इहो बताउ जे शिक्षा क्षेत्र मे बेहतरी के लेल सरकार के आओर कि- कि करबाक चाही?   Mithila News Fropper.com - Indian Dating, Friendship, Romance हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com Mithila, Maithili,Madhubani Paintings, Darbhanga, Samastipur, Muzaffarpur, Sitamarhi,nepal, janakpur,kamla balan, bagmati,Janki, Kosi, Purnea, Saharsa, Madhepur...

सौभाग्य मिथिला : मैथिलीक अपन चैनल

मैथिली के चौबीसों घंटा वाला अपन चैनल 18 जून सं शुरू भs रहल अछि. चैनल के नाम अछि सौभाग्य मिथिला . मिथिला... मैथिलीक लेल ई नीक खबर अछि. करीब पांच करोड़ मैथिल के लेल ई मैथिलीक पहिल मनोरंजन चैनल होएत. लाइन मे किछ आओर चैनल अछि मुदा किछ एहन पेंच... कारण अछि जेहि सं ओ ऑन एयर नहि भS रहल अछि. सौभाग्य मिथिलाक तैयारी अखन जोर-शोर सं चलि रहल अछि. चैनल के काज देख रहल छथिन्ह प्रफुल्ल कुमार मिश्रजी. प्रफुल्लजी करीब 14 साल सं टीवी सं जुड़ल छथिन्ह. आओर सौभाग्य मिथिला के धरातल पर लाबय लेल दिन-राति एक कएने छथिन्ह. प्रफुल्ल जीक संग चैनल सं कइटा आओर अनुभवी लोक सभ जुड़ल छथिन्ह जे मिथिला... मैथिल सभ्यता... संस्कृति आओर साहित्य के लोक के बीच पहुंचाबय लेल प्रयासरत छथिन्ह. प्रिंट पत्रकारिता आओर रंगमंच सं जुड़ल कुमार शैलेन्द्र जी चैनल के प्रोग्रामिंग देख रहल छथिन्ह. उम्मीद करबाक चाही जे ओ नीक-नीक कार्यक्रम लsक अएताह. कईबेर हुनकर नाटक देखय के मौका मिलल अछि. नीक काज करय छथिन्ह. सौभाग्य मिथिला पर भोर मे 6 बजे सं लs क राति साढ़े दस बजे धरि अहां के नबका-नबका कार्यक्रम देखायल जाएत. राति मे अहां दिनका किछ नीक कार्यक्रम...