बिहार सं दिल्ली आओर दिल्ली सं सूरत. दिल्ली सं सूरत अएलाह हफ्ता भर भ चुकल अछि. एतेक दिन सं सभक मुंह सं गुजरात के बारे मे सुनैत रहय छलहुं. मुदा अखन धरि गुजरात आबय के मौका नहि मिलल छल. तै द्वारे एहि बेर जेनाहि गुजरात सं एकटा ऑफर आएल हम ओकरा स्वीकार करय मे देर नहि लगैलहुं. मने-मोन कहलौं जे एहि बेर गुजरात घुमि कs आबय के चाही. किएक तं बूढ़ सभ कहि गेल छथिन्ह कि जतेक बाहर घूमब-फिरब ओतेक अनुभव हेत...ओतेक दिमाग खुलत. ओनाहुं पटना...
हेलो मिथिला - मिथिलाक गप मैथिली मे