एम्हर किछ दिन सं अहां सभ सं नीक सं गप नहि भs रहल अछि. असल मे प्रेस क्लब दिल्ली मे भs रहल चुनाव मे ठाड़ छी आओर बीच मे बीमार से पड़ि गेलहुं. आब नीक भs गेलहुं अ चुनाव सं सेहो रवि दिन तक निश्चिंत भs जाएब. त सोम दिन से फेर अहां सभ से गप-शप होएत रहत.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
दिल्लीक ताज पैलेस होटलमे 31 अगस्तक दिन आयोजित भव्य संगोष्ठी आ पुस्तक विमोचन समारोह मिथिला आ सम्पूर्ण भारतक सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक चेतनाक दृष्टिकोण सं एकटा महत्वपूर्ण अवसर रहल। एहि आयोजनक मुख्य विषय छल 'भारतक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ
हमर गाम केवटी मे मिथिला पेंटिंग ट्रेनिंग सेंटर खुली रहल अछि. गाम के लेल ई बड़ नीक गप अछि. एहि सं दरभंगा-मधुबनी जिला के एकटा बड़का इलाका के लोक फायदा उठा सकय छथिन्ह. किएक त हमर गाम दरभंगा आओर मधुबनी जिला के बीच मे अछि. केवटी द क दरभंगा सं नेपालक सीमा जयनगर के जोड़य वाला नेशनल हाइवे सेहो जाएत अछि. हमर गामक हाईस्कूल मे अखनो इलाका के 10-12 किलोमीटर तक के छात्र पढ़य आबय छथिन्ह. ओना जखन हम स्कूल मे छलहुं तखन कहि सकय छी 50-50 किलोमीटर दूर तक के छात्र एहि ठाम पढय आबय छलखिन्ह. ओहि टाइम एहि ठाम छात्रावास के नीक व्यवस्था छल. सुदिष्ठ झा जीक समय केवटी स्कूल के पूरा दरभंगा-मधुबनी जिला मे एकटा अलग प्रतिष्ठा प्राप्त छल. आब गाम मे मिथिला पेंटिंग ट्रेनिंग सेंटर खुली रहल अछि. एहि सेंटर के खोलय के शुभ कार्य करय जा रहल छथिन्ह राम कुमार दास जी. राम कुमार दास जी रिटायर माइनिंग इंजीनियर छथिन्ह. दास जी अखन 65 साल के छथिन्ह. दस साल के उम्र मे गाम सं पढ़ाई-लिखाई... नौकरी के सिलसिला मे जे बाहर निकललखिन्ह तं आब 55 साल बाद फेर सं गाम वापस आबय के मौका मिललन्हि. पढ़ाई-लिखाई आ नौकरी लेल गाम सं निकलला पर कई बेर लोक म...
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मे शनि दिन, 12 नवम्बर के मिथिला महोत्सव-6 आ मैथिली साहित्य महोत्सव-3 के आयोजन कएल गेल। मैथिल पत्रकर ग्रुप द्वारा प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया आ ओखला प्रेस क्लब के सहयोग स एहि कार्यक्रम केर आयोजन कएल गेल। आयोजनक शुरुआत मैथिली साहित्य महोत्सव ३ सं भेल। साहित्य महोत्सव के दू सत्र मे दूटा विषय पर चर्चा भेल, ‘हवाई जहाज दरभंगा पहुँचला पर मिथिलाक विकास केँ कतेक पाँखि भेटल’ आ
आई कोजगरा के दिन बड्ड नीक खबर मिलल। एमएसयू के कर्ताधर्ता आओर युवा नेता अनूप मैथिल जी ट्वीट कs जानकारी देलाह जे मैथिल पुत्र विजय झा जी पंडौल मे 200 करोड़ के निवेश करय जा रहल छथिन्ह। अनूप जी अपन ट्वीट मे लिखलाह जे,
अलग मिथिला राज्य लेल आई रविदिन, 21 अगस्त के दिल्लीक जंतर-मंतर पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन तरफ सं विशाल प्रदर्शन कएल गेल। हजारों केर संख्या मे मैथिल लोक सभ जंतर-मंतर पर आबि अलग मिथिला राज्यक मांग जोर-शोर सं उठैलाह।
मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल के आई, मंगलदिन राजनगर राज कैंपस में रंगारंग शुरुआत भेल। पद्मश्री गोदावरी दत्त जी द्वीप प्रज्वलित क फेस्टिवल के शुरुआत केलीह। उद्घाटन सत्र के बाद शैक्षणिक न्याय, मिथिलाक
ट्विटर स्पेस पर 20 सितंबर केर मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर चर्चा राखल गेल छल। परिचर्चा के शुरुआत सभदिन जकां नित्यानंद झा जी करलखिन्ह। बाद मे नितेश झा निक्की जी सेहो जुड़ि गेलखिन्ह। परिचर्चा मे मिथिला स्टूडेंट यूनियन के युवा नेता अनूप मैथिल जी मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर विस्तार सं अपन बात राखलखिन्ह। अनूप जी कहलखिन्ह जे हम सभ गाम-गाम जा मिथिला के आम लोक के जगाबय के काज करब।
वरिष्ठ साहित्यकार श्री जगदीश मंडल जी के हुनक उपन्यास 'पंगु' लेल वर्ष 2021 केर मैथिली भाषाक साहित्य अकादमी पुरस्कार सं सम्मानित कएल जएबाक निर्णय भेल अछि। एहि सम्मान के लेल मंडल जी के हार्दिक बधाई आ शुभकामना। हिनकर उपन्यास 'पंगु' साल 1942-75 के बीच केर किसानक परिवेश पर आधारित अछि। ई उपन्यास साल 2018 मे छपल छल।
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