राजकमल जयंती समारोह

मैथिली आओर हिन्दी के पैघ उपन्यासकार... साहित्यकार स्व राजकमल चौधरी (1929-1967) जीक जयंती समारोह हुनकर पैतृक गाम सहरसा के महिषी मे 13 तारीख के मनाएल गेल. हुनकर जयंती समारोह मे कइटा लेखक... साहित्यकार शामिल भेलाह. संस्कृति मिथिला मंच के तहत भेल एहि समारोह मे लोक सभ के कहनाय छलन्हि जे हुनकर ओहन रचना के प्रकाशित करय के कोशिश होबाक चाही जे आई धरि नहिं छपल. समारोह मे हुनकर रचना पर सेहो चर्चा भेल. सभ गोटे हुनकर रचना के बेजोड़ बतएलखिन्ह. सभ गोटेके कहनाय छलन्हि जे राजकमलजी स्त्री-रुष संबंध पर जे गप्प आई सं पचास साल पहिने छेड़लखिन्ह तकर बहस आइओ खत्म नहिं भेल अछि. जे ओ पचास साल पहिने कहलखिन्ह ओ आइओ भs रहल अछि. राजकमल जीक हिन्दी मे कइटा रचना छनि मुदा मैथिली मे हुनकर लोकप्रिय रचना मे ललका पाग... आदि कथा... पाथर फूल... आंदोलन... स्वरगंधा आओर कथा पराग शामिल अछि.

Comments

  1. जाड़ होय आकि बरखा, अहाँक ब्लॉगपर नव-नव समाचार अबिते रहैत अछि।

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