विवश

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मैने
आज भी
देखा है
तुम्हारी आंखों
में
प्यार का सागर...
जो
दिल की बातें
कहने को
व्याकुल रहने पर
भी
खामोश थीं
ना जाने
क्या
कारण है
जो
तुम्हें
विवश कर देता
है
कुछ बोलने से
तुम
इसे कैसे
सह सकोगी

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