गामक तिला संक्रांति

बच्चा मे जखन गाम मे रहय छलौं तं तिला संक्रांति केर बड़ उमंग रहैत छल. पावनि सं पहिने चूड़ा कुटैनाए... मुरही भुजैनाय... गुड़ खरीदनाय... तिल धोनाय... सूखैनाय... तिलबा बनैनाय सभ चारि-पांच दिन पहिनहिं सं शुरू भ जाएत छल.

गाम मे पहिने उजरका तिल सं तिलबा नहि बनैत छल. करिकबा तिल के धो...सूखा ओकर छिलका हटा तखन तिलबा बनैल छल. बड़ परिश्रम लगैत छल एहिमे. आब त उजरका तिल
सं तिलबा बनैनाए एकदम आसान भ गेल अछि.

गाम मे एहन होए छल जे पावनि सं पहिने तिलबा खाए लेल नहि मिलैत छल. तिला संक्रांति के नहैला के बाद... तिल ... दक्षिणा-सीधा छूला के बादहिं खाए लेल मिलैत छल.

नहैनाएओ ओना नहि... गामक नदी- पोखर मे जाsक पांच-सात डूबकी लगा क अएला के बाद. गाम मे घरक पास नदी नहि छल त पोखर सं थरथराएत आबैत छलहुं नहा क. माय ... दीदी सभ झट सं डगरा मे राखल तिल... सीधा केर चावल-दक्षिणा सभ छूअ लेल कहैत छलीह.
कपड़ा बदलि घूर आ बोरसी के पास बैस जाए छलहुं खादी के मोटका चादर लपैटि. फेर आबैत छल फुलहा थारी मे दही सं ढकल चूड़ा... आलू-मटर केर रसदार तरकारी... अचार ... मुरलाई... चूड़लाई आओर तिलबा.

आनंद आबि जाएत छल. ठंड मे दही- चूड़ा खाए के स्वर्गीक आनंद एकदम हरिंमोहन झा जीक चूड़ा दही चीनी जकां. एहि दिन के बाद मास धरि तिलबा- लाई चलैत रहैत छल.

गाम सं बाहर रहला पर सेहो ई सभ होएत अछि मुदा गाम वाला आनंद शहर मे नहि मिलैत अछि. पावनि त्योहार पर गाम-घर किछ बेसि याद आबैत अछि .
Photo: Alok Kumar
ठंड मे तिला संक्रांति के अपन विशेष महत्व अछि. ई लोक के सेहत... स्वास्थ्य सं जुड़ल पावनि अछि. जाड़ मे तिल...गुड़ खनाय स्वास्थ्य के लेल नीक मानल जाएत अछि. गरीब लोक के सेहो काए लेल मिलय एहि लेल तिलबा- लाई बांटल सेहो जाएत अछि.

मकर संक्रांकि मनाबय के एकटा कारण एहि दिन सूर्य के दक्षिणायन सं उत्तरायन मे प्रवेश करनाय अछि. यानी सूर्य देव धनु राशि सं मकर राशि मे प्रवेश करैत अछि. एहि दिन मलमास खत्म होएत अछि.

सूर्य देवता के मकर रेखा सं उत्तरी कर्क रेखा मे जनाए उत्तरायन कहाएत अछि आओर कर्क रेखा सं दक्षिण मे मकर रेखा के ओर जनाए दक्षिणायन कहलाबैत अछि. एहि दिन के बाद शुभ काज करनाए शुरू भ जाएत अछि.

गाम मे छी त जमि क चूड़ा दही तिलबा के आनंद लिअ ...नहि छी त बाजार सं खरीदल दही...चूड़ा... तिलकुट खाएय गाम के याद करु. अहां सभ के तिला संक्रांति केर शुभकामना.

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