-साहित्य अकादेमीक कथा रवीन्द्र दिल्लीमे समाप्त -रवीन्द्रक कथापर कोनो चर्चा नै भेल -रवीन्द्रनाथ टैगोरक१५०म जयन्तीपर साहित्य अकादेमीसँ फण्ड लेबा लेल मात्र नाम "कथा रवीन्द्र" राखल गेल -समाप्ति कालमे संयोजककेँ गलतीक भान भेलन्हि, तखन रवीन्द्रनाथ टैगोरक एकटा कविताक दू पाँतीक हिन्दी अनुवाद देवशंकर नवीन पढ़लन्हि -मात्र १८ टा कथाक पाठ भेल -७६म सगरराति दीप जरय चेन्नैमे विभारानी