कहां तुम चले गए…



गजल सम्राट जगजीत सिंह जी नहि रहलाह. आई भोरे सोमदिन मुम्बई मे हुनकर निधन भ गेलन्हि.


जगजीत सिंह जी के पिछला मास 23 सितंबर के ब्रेन हैमरेज भेलाह के बाद मुम्बई के लीलावती अस्पताल मे भर्ती कराएल गेल छलन्हि.

हिनका एक बेर पहिनहुं हर्ट अटैक
अएलाह के बाद एहन समस्या आएल छलन्हि.

जगजीत सिंह जीक जन्म राजस्थान के श्रीगंगानगर मे 8 फरवरी 1941 के भेल छलन्हि.

हिनकर पिताजी सरकारी कर्मचारी छलखिन्ह आओर ओ चाहय छलखिन्ह जे जगजीत जी सिविल सेवा मे जाए. मुदा हिनका तं गजल सम्राट के रूप मे अपना सभके बीच आबय के छलन्हि.

गजल के आम लोक के जुबान पर चढ़ाबय के श्रेय हिनका जाए छनि. हिनकर एक-एकटा गजल एतेक लोकप्रिय भेलन्हि जे लोक दोसर फिल्मी गीत छोड़ि हिनकर गजल गुनगुनाबय लागलख्निह.

जगजीत सिंह जी कइटा फिल्म मे सेहो अपन आवाज आओर संगीत देलखिन्ह. हिनकर किछ फिल्मी गजल मे होठों से छू लो तुम... झूकी झूकी सी नजर... तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो शामिल अछि.

एकरा संग तुमको देखा तो ये ख्याल आया... अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें... कल चौदहवीं की रात थी... वो कागज़ की कश्ती वो बारिश का पानी... मेरे जैसे बन जाओगे... आपको देखकर देखता रह गया... हंसके बोला करो हंसके बुलाया करो... हुजूर आपका भी एहतराम करता चलूं... हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा चांद... कतेक लिखल जाए सभ एक पर एक छनि.

जगजीत सिंह जी देश के संग दुनिया के तमाम देश मे अपन कार्यक्रम पेश करलखिन्ह. जगजीत सिंह जीक गाएल भजन सेहो काफी लोकप्रिय भेल छनि.

जगजीत सिंह जीक शादी 1069 मे चित्रा जी सं भेलन्हि. चित्रा जी सेहो बड़ नीक गायिका छथीह.
मुदा 1990 मे 18 सालक बेटा विवेक के कार दुर्घटना मे निधन के बाद गम सं एतेक टूटि गेलीह जे चित्रा जी गनाय छोड़ि देलीह.

गजल गनाय तं जगजीत जी सेहो छोड़ि देने छलखिन्ह मुदा बाद मे अपना के संभालैत ओ फेर सं गनाय शुरू करलखिन्ह.

हिनका कई तरहक सम्मान सं सम्मानित कएल गेलन्हि.हिनका पद्मभूषण सं सेहो सम्मानित कएल गेलन्हि.

हिनका हेलो मिथिलाक तरफ सं श्रद्धांजलि. ईश्वर हिनकर आत्मा के शांति प्रदान करथुन्ह.






 
 
(जगजीत सिंह जीक गजल सुनय लेल क्लिक करु- मस्त गाने)

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