मिथिलाक लोकपर्व सामा चकेवा


छठि के भोरका अर्घ्य के दिन सं अपन मिथिला मे एकटा पावनि मनाएल जाएत अछि सामा-चकेवा. सामा-चकेबा के अहां मिथिलांचल के एकटा खास लोकपर्व कहि सकैत छी. सामा-चकेवा अहां के आओर दोसर ठाम देखय लेल नहि मिलत.
बच्चा मे गाम मे बहिन सभ के सामा-चकेवा पावनि के मनाबैत देखैत छलहुं. एकरा अहां सामा-चकेवा खेलैत सेहो कहि सकय छी. ओना त ई पावनि लड़की-महिला सभ के अछि... मुदा बच्चा मे ओहि मे हमहुं सभ शामिल भs जाएत छलहुं. मुदा शुरू मे एकरा बारे मे विस्तार सं ओतेक नहि मालूम छल. सामा-चकेवा नाटक देखला के बाद काफी किछ जानए लेल मिलल.
सामा चकेबा भाई-बहिनक प्रेमक पावनि अछि. अहि मे सामा-चकेवा... सतभइया... बृंदावन... चुगला... ढोलिया बजनिया... वन तितिर ... पंडित आओर दोसर मूर्ति खिलौना सं खेलल जाइत अछि... सन स बनल चुगला के जलायल जाइत अछि... सामा चकेवा भोरका छठि के शुरू भs कार्तिक पूर्णिमा के दिन तक खेलल जाएत अछि आओर विसर्जन करि देल जाइत अछि.
सामा चकेवा के बारे मे कहल जाइत अछि जे सामा भगवान श्रीकृष्ण के पुत्री श्यामा छलीह. ओ अपन पिताक शाप के कारण चिड़य बनि गेल छलीह. कहल जाइत अछि जे भगवान श्रीकृष्णजी के बेटी श्यामा... सामा के जंगल में खेलय के शौक छलन्हि... अपन एहि प्रकृति सं जुड़ल रहय के शौक... फूल पत्ती... पक्षी सं खेलय के शौक के लेल ओ हर दिन पौ फूटतहिं जंगल दिस चलि जाइत छलीह. सामा के प्रकृति सं जुड़य... गाछ-बृक्ष... पशु-पक्षी सं खेलय के ई बात चुगला...चूड़क के नीक नहि लागल. ओ श्रीकृष्णजी के पास जा क सामा के बारे मे उल्टा पुल्टा बात बता देलक. एहि पर खिसियाक भगवान कृष्ण सामा के चिड़य बनि जाइ के शाप दs देलथिन्ह. जेहि सं सामा चिड़य बनि गेलीह.
जखन एहि बातक पता सामा के भाई के लगलन्हि. त ओ अपन बहिन के शाप सं मुक्त करय आ वापस लाबय लेल लगि गेलाह. ओ तप करय लगलाह. हारि कs भगवान के कहय पड़लन्हि जे कार्तिक मास के अहांक बहिन अयताह आओर पूर्णिमा के दिन विदा भय जएताह. ताहि दिन सं भाई- बहिनक प्रेमक.. स्नेहक ई पावनि... सामा चकेबा के रूप में मनावल जाइत अछि.
एहि पावनि मे सामा-चकेवा के मूर्ति लs क आठों दिन सामा चकेवा खेलल जाएत अछि. एहि मे एकटा आओर बात अछि जे ई शाम के बाद खेलल जाएत अछि. सामा चकेवा के गीत गाएल जाएत अछि.



Share/Save/Bookmark
हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com


Comments

Popular posts from this blog

अथ श्री-श्री 108 स्वामी अनचिन्हारानन्द विरचित कलन्किया कथा

हमर विआह- 8

छोट राज्य के पक्ष मे नीतीश जी

फेर अगुआ बनत बिहार

मोन मिथिले मे अछि...

जिम्मेदार के ?

दिल्ली मे सामा चकेवा

दरभंगा मे मिथिला थीम पार्क

दिल्ली मे भेल मिथिला महोत्सव आओर मैथिली साहित्य महोत्सव

दरभंगा मे नवाह यज्ञ