पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के बाद आब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारी अछि. अरे... हम साइडलाइन होए बारे मे नहि कहि रहल छी. बात अछि जे आब नीतीशजी के सेहो विदेशी विश्वविद्यालय सं लेक्चर के लेल बुलाबा आएल छनि. नीतीशजी के लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स के तरफ सं ‘ग्रोथ वीक 2009’ मे भाग लेबय लेल न्योता देल गेलन्हि. ‘ग्रोथ वीक 2009’ के आयोजन 22 सं 25 सितम्बर तक लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स मे भs रहल अछि.
मुख्यमंत्री के इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर सं मिलल न्योता मे विकास के विभिन्न आयाम... खासकर ग्रामीण क्षेत्र मे विकास के लेल होए वाला अनुसंधान आओर नीति निर्धारण पर बोलय के लेल कहल गेल छनि. ओना अखन धरि हुनका लंदन जाए के बारे मे कोनो फैसला नहि कएल गेल अछि. ई पूरा राज्य के हालात पर निर्भर करैत अछि... किएक त राज्य मे आई-काल्हि ओहिना सूखा के लs क हाल खराब अछि.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अलग मिथिला राज्य के लेल धरना प्रदर्शन कएल गेल. ई अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति के तरफ सं कएल गेल. एहि प्रदर्शन मे कीर्ति झा आजाद... महाबल मिश्रा... माहेश्वर हजारी आओर अनिल कुमार झा के संग डा. वैद्यनाथ चौधरी सेहो शामिल छलाह. धरना- प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम सं एकटा ज्ञापन सेहो सौंपल गेल. सभ लोकनिक कहनाय छलनि जे मिथिलाक विकास बिना अलग राज्य बनले नहि होएत. हिनकर सभक कहनाय छलनि जे मिथिलाक सदिखन उपेक्षा के नजर सं देखल गेल. ई इलाका सदिखन राजनीतिक भेदभाव आओर पक्षपात के शिकार बनैत रहल. धरना मे बीजेपी-कांग्रेस दुनू पार्टी के नेता सभ शामिल छलाह. मुदा आम लोक के भागीदारी कम देखल गेल. असल मे दिल्ली मे आ कतहुं किछ होएत अछि त लोक सभ के ठीक सं बताएल नहि जाएत अछि. आब एहि धरना के देखु. भीख नहि अधिकार चाही...हमरा मिथिला राज चाही. दिल्ली मे मैथिली मे नारा लगाबैत लोक के देखि ओम्हर सं गुजरय वाला लोक सब कनि देर लेल ठिठकि जाए छलखिन्ह. दिल्ली मे तं मिथिलाक बड़ लोक रहय छथिन्ह ओ सभ ठमकि कs जानय चाहय छलखिन्ह... कि भs रहल अछि? दिल्ली मे मिथिला-मैथिली सं जुड़ल कइटा कार्य...
जकर डर छल, सेहे भेल। पार्टी मे आएल किछु महिला सभ लेल त जेना मुंह मांगल मुराद पूरा भ गेलन्हि। गाम-घर के माए-बहिन सभ के जखन शहरक कोनो मसाला मिलि जाए छनि, त ओकरा चटकारा ल क सुनाबए मे कोनो कसर नहि छोड़ै छथिन्ह। पार्टी खत्म भेल, मुदा कानाफूसी शुरू भ गेल। मामला दिल्ली सं वाया रिश्तेदारी गाम तक पहुंचि गेल। सभ ठाम गप्प के केंद्र बनि गेल अल्का के हमरा सं चिपैट जनाए। अगर ई चिपटनाए कॉलेज मे भेल रहैत, त आम बात रहैत। मुदा मिथिलाक समाज मे, गाम-घर के लोक के बीच, ओहो मे एकटा विआहल महिला के—ई बात सभक लेल हजम करनाए कठिन छल। एक सं दोसरा, दोसरा सं तेसरा—बात फैलैत-फैलैत हमर गाम तक पहुंचि गेल। मां-बाबूजी के कान मे सेहो पड़ि गेल। पंडित जी के कान मे सेहो। मां-बाबूजी जतबा चिंतित, पंडितजी ओतबा उत्साहित। ओ सीधा हमर घर पहुंचि गेलाह, आ अपन पक्ष राखए लगलाह—हमरा प्रति लोक के भड़काबय के जतेक कोशिश होएत अछि, सब करय लगलाह। मुदा बाबूजी संयमित स्वर मे पंडित जी से कहलखिन्ह- एक त हमर बेटा चिपटल नहि, दोसर ओ लड़की विआहल छथीह, नीक परिवार के छथीह, आओर दिल्ली मे पढ़ि-लिखि क अमेरिका मे रहय छथीह। जतए गला मिलनाए साधारण बात छी। दून...
दरभंगा के जेएमआईटी सं डॉ जगन्नाथ मिश्रा के नाम हटा देल गेल अछि. आब एकर नाम सिर्फ दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज रहत. इंजीनियरिंग कॉलेज सं जगन्नाथ बाबू के नाम हटाएल गेला सं लोक सभ नाराज छथिन्ह आओर एकर विरोध सेहो भs रहल अछि. पूर्व विधायक लोकनि एहि बारे मे अपन विरोध जताबैत सरकार के चिट्ठी सेहो लिखलथिन्ह . ओना एकरा अखनो लोक जेएमआईटी के नाम सं पुकारय छथिन्ह. नाम के लs क एकटा पेंच सेहो अछि. जगन्नाथ मिश्रा इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के नाम दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज त कs देल गेल मुदा कॉलेज के मान्यता ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय सं जेएमआईटी के नाम सं मिलल अछि. आब एकरा लेल सरकार के पत्र जारी करय पड़त एहि सभ मे टाइम लगि सकैत अछि. लोक सभ के इहो कहनाय छनि जे जखन एकर नाम बदलहे के छल त दु दिन पहिने एकरा जेएमआईटी के नाम सं विश्वविद्यालय सं किएक संबंध कएल गेल. ओना एहि ठाम आब पढ़ाई शुरू भs गेल अछि. एहि ठाम अखन सवा सय छात्र अछि. एकर उद्घाटन 20 नवम्बर के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी कएलथिन्ह. एहि अवसर पर मुख्यमंत्री जी के साफ कहनाय छलन्हि जे बिह...
शनि दिन 4 तारीख के नोएडा स्टेडियम मे विद्यापति स्मृति पर्व समारोह भेल. समारोहक टाइम देल गेल छल सांझ सात बजे. मुदा गीतनादक कार्यक्रम शुरू भेल राति के ग्यारह बजे. राति के पौने दस बजे सं ग्यारह बजे राति धरि मुख्य अतिथि बीजेपी नेता राजनाथ सिंह जीके स्वागत होएत रहल.
श्वेता, हिनका सं मिलू... अपन दरभंगे के छथिन्ह। ई कहि राजीव जी विस्तार सं हमर परिचय देबय लगलाह। हम दूनू हाथ जोड़ि नमस्कार क श्वेता के जन्मदिनक शुभकामना देलौं आ अपना संग लाएल गिफ्ट हुनका थमा देलौं। राजीव जी हमरा दूनू के अकेला मे बातचीत करय के मौका देबय लेल खाना-पीना के तैयारी देखय के नाम पर ओतय सं चलि गेलाह। बर्थडे विश के बाद आब की गप्प कएल जाए- दूनू गोटे के जेना किछु फुराइए नै रहल छल। बस एक-दोसर के देखैत, मुस्कुरा रहल छलौं। मोन मे होए छल जे ई कहिएन्हि त ओ कहिएन्हि, मुदा शब्द जेना गुम भ गेल छल। जिनका सं मिलए लेल ओतेक तैयारी- सामने अएलि त एकदम सं बोलती बंद! जेना-जेना लोक सभ के हमरा बारे मे पता चलय लगलन्हि, खुसुर-पुसुर शुरू भ गेल। सभ गोटे के नजर हमरा आ श्वेता पर। मुदा हम त जेना ओहि ठाम के लोक, देश-दुनिया सं बेखबर, बस श्वेता मे गुम। ओहि बीच श्वेता के नजर शेखर पर पड़ल। हाए शेखर, केहन छी अहां? की सभ भ रहल छै? शेखर सं गप्प करैत देख, राजीव जी हमरा अपन आओर रिश्तेदार, गाम-घर के लोक सभ सं मिलाबय लगलाह। लोक सभ सं परिचय होएत रहल, गप्प-सप्प चलैत रहल। मुदा बीच-बीच मे नजर अपने-आप श्वेता दिस चलि जाइत छल...
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मे शनि दिन, 12 नवम्बर के मिथिला महोत्सव-6 आ मैथिली साहित्य महोत्सव-3 के आयोजन कएल गेल। मैथिल पत्रकर ग्रुप द्वारा प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया आ ओखला प्रेस क्लब के सहयोग स एहि कार्यक्रम केर आयोजन कएल गेल। आयोजनक शुरुआत मैथिली साहित्य महोत्सव ३ सं भेल। साहित्य महोत्सव के दू सत्र मे दूटा विषय पर चर्चा भेल, ‘हवाई जहाज दरभंगा पहुँचला पर मिथिलाक विकास केँ कतेक पाँखि भेटल’ आ
ट्विटर स्पेस पर 20 सितंबर केर मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर चर्चा राखल गेल छल। परिचर्चा के शुरुआत सभदिन जकां नित्यानंद झा जी करलखिन्ह। बाद मे नितेश झा निक्की जी सेहो जुड़ि गेलखिन्ह। परिचर्चा मे मिथिला स्टूडेंट यूनियन के युवा नेता अनूप मैथिल जी मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर विस्तार सं अपन बात राखलखिन्ह। अनूप जी कहलखिन्ह जे हम सभ गाम-गाम जा मिथिला के आम लोक के जगाबय के काज करब।
फोटो देखला के बाद, मोन मे अजीब बेचैनी समा गेल। लागैत छल, जेना दस दिन बाद आबय वाला जन्मदिन अखने आबि जाए। मन मे एकटा मीठ मिठास आ उत्सुकता भरि गेल। बार-बार लिफाफा खोलि, फोटो निकालि निहारय लागय छलहुं। किएक, मन कतहुं आओर लगात। हृदय मे एकटा अनजान उमंग, एकटा नबका सपना पलय लागल। हमर ई मनोदशा डेरा के पास रहय वाला गामक एकटा लड़का के पता चलि गेल। ओकरा सं बात आगां बढ़ि गेल। विआहक गप्प चलि रहल अछि, ई गप्प दिल्ली मे रहय वाला गामक सभ दोस्त सभ के कानों-कान खबर भ गेल। हमर गाम के हिसाब सं देखल जाय, त रोड कात मे गुप्ताजी सभ, आओर बाकी में कायस्थ-ब्राह्मणक बेसि आबादी छनि। लालाजी सभ के बेसि होए के कारण, सभ एक-दोसर के नाम के अंत मे 'लाल' लगा क पुकारैत छथिन्ह। गाम मे लोक सभ हमरो ‘हितलाल’ कहि क बुलाबैत छलाह। गाम मे हम सभ एक-दू क्लास आगां-पाछां के लड़का सभ- संगहि घुमलौं-फिरलौं, हंसी-मजाक, मस्ती, आ अपनापन के रंग मे रंगायल जिनगी बितेलौं। पढ़ाई आ काम-काज के सिलसिला मे गाम सं काफी लोक सभ दिल्ली आबि गेल छथिन्ह। हमहुं गाम सं दिल्ली अएला के बाद एहिठाम रहय वाला शेखरलाल, सुमनलाल, राजीवलाल, उदयलाल, विनोदलाल, मनोज...
मिथिला-मैथिलीक लेल मैथिल युवा सभक प्रतिबद्धता देखि मन गदगद अछि। मिथिला राज्य लेल हिनक सभक तीव्र इच्छा सभ मैथिल के दिल मे हलचल मचा देने अछि। पिछला किछ साल सं अलग मिथिला राज्यक मांग लेल जे आंदोलन चलि रहल छल ओकर एकटा आकार 21 अगस्त के जंतर-मंतर पर देखय लेल मिलल। एहि आंदोलन के संपूर्ण मिथिलाक लोक के सहयोग मिलल। संगहि संग पहिल बेर कइटा संगठन एक संग आबि अलग मिथिला राज्यक मांगके अपन समर्थन देलखिन्ह।
नीतीश जी को बधाई।
ReplyDeleteSundar prayaas.
ReplyDeleteवैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं, राष्ट्र को प्रगति पथ पर ले जाएं।