मैथिली के चौबीसों घंटा वाला अपन चैनल 18 जून सं शुरू भs रहल अछि. चैनल के नाम अछि सौभाग्य मिथिला . मिथिला... मैथिलीक लेल ई नीक खबर अछि. करीब पांच करोड़ मैथिल के लेल ई मैथिलीक पहिल मनोरंजन चैनल होएत. लाइन मे किछ आओर चैनल अछि मुदा किछ एहन पेंच... कारण अछि जेहि सं ओ ऑन एयर नहि भS रहल अछि. सौभाग्य मिथिलाक तैयारी अखन जोर-शोर सं चलि रहल अछि. चैनल के काज देख रहल छथिन्ह प्रफुल्ल कुमार मिश्रजी. प्रफुल्लजी करीब 14 साल सं टीवी सं जुड़ल छथिन्ह. आओर सौभाग्य मिथिला के धरातल पर लाबय लेल दिन-राति एक कएने छथिन्ह. प्रफुल्ल जीक संग चैनल सं कइटा आओर अनुभवी लोक सभ जुड़ल छथिन्ह जे मिथिला... मैथिल सभ्यता... संस्कृति आओर साहित्य के लोक के बीच पहुंचाबय लेल प्रयासरत छथिन्ह. प्रिंट पत्रकारिता आओर रंगमंच सं जुड़ल कुमार शैलेन्द्र जी चैनल के प्रोग्रामिंग देख रहल छथिन्ह. उम्मीद करबाक चाही जे ओ नीक-नीक कार्यक्रम लsक अएताह. कईबेर हुनकर नाटक देखय के मौका मिलल अछि. नीक काज करय छथिन्ह. सौभाग्य मिथिला पर भोर मे 6 बजे सं लs क राति साढ़े दस बजे धरि अहां के नबका-नबका कार्यक्रम देखायल जाएत. राति मे अहां दिनका किछ नीक कार्यक्रम...
ट्विटर स्पेस पर 20 सितंबर केर मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर चर्चा राखल गेल छल। परिचर्चा के शुरुआत सभदिन जकां नित्यानंद झा जी करलखिन्ह। बाद मे नितेश झा निक्की जी सेहो जुड़ि गेलखिन्ह। परिचर्चा मे मिथिला स्टूडेंट यूनियन के युवा नेता अनूप मैथिल जी मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर विस्तार सं अपन बात राखलखिन्ह। अनूप जी कहलखिन्ह जे हम सभ गाम-गाम जा मिथिला के आम लोक के जगाबय के काज करब।
शनि दिन 4 तारीख के नोएडा स्टेडियम मे विद्यापति स्मृति पर्व समारोह भेल. समारोहक टाइम देल गेल छल सांझ सात बजे. मुदा गीतनादक कार्यक्रम शुरू भेल राति के ग्यारह बजे. राति के पौने दस बजे सं ग्यारह बजे राति धरि मुख्य अतिथि बीजेपी नेता राजनाथ सिंह जीके स्वागत होएत रहल.
इंस्टिट्यूटक आखिरी दिन छल... कॉन्वोकेशन मे शामिल अठाइसो स्टुडेंट... स्टुडेंट नहि जर्नलिस्ट कहिऔ...बड़ खुश छलखिन्ह...कॉन्वोकेशन केर बाद भेल पार्टी मे कई अखबारक एडिटर... बड़का-बड़का पत्रकार... मंत्री... नेता... अधिकारी... आओर दिल्ली मे रहय वाला पत्रकार सभ अपन-अपन दोस्त... परिवार के संग आएल छलाह. सभ एक-दोसरा सं मिल रहल छलाह... नाचि-गा रहल छलाह... खा-पीब रहल छलाह. हमहुं किनको सं गप करय मे बिजी छलहुं...कि मिताली आबि कहलीह, “हाय हितेंद्र, हिनका सं मिलु... हमर कजिन तान्या...फाइनल ईयर मे छथीह” घर पर अक्सर अहांक आओर दोसर फ्रेंड सभ के बारे मे गप होएत रहैत अछि. मुदा ई अहां सं किछ बेसि प्रभावित छथीह कि आखिर हितेंद्र मे कि छनि जे हम एतेक तारीफ करैत रहय छिएन्हि...लिअ आई खुद मिलि लिअ...एतेक कहि ओ तान्या के हमरा पास छोड़ि दोसर लोक सभ सं मिलए-जुलए लगलीह. तान्या! अहा कि कहल जाए. हम देखतहि रहि गेलहुं. जेना कोनो फिल्मी हीरोईन... जेना कोनो स्वर्गक अप्सरा साक्षात हमरा आगां ठाड़ होतहि. सुन्दरता के जतेक प्रसंशा कएल जाए कम होएत... गोर खिलल-खिलल चेहरा... एकटा अलगे लालिमा लेने... जेना दूध मे सिंदूर मिला द...
राजनगर राज कैंपस मे आई सं मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल शुरू भ रहल अछि। चारि दिन चलई वाला एहि आयोजन केर उद्घाटन मिथिला चित्रकला केर प्रतिमान पद्मश्री गोदावरी दत्त जी करतीह। उद्घाटन सत्र मे
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
दिल्ली मे रहय वाला मैथिल भाई-बहिन लोकनि के लेल बड़ नीक खबर अछि. आई 21 तारीख रवि दिन बिरला मंदिर मे सामा चकेवा के कार्यक्रम भ रहल अछि. सामा चकेवा भाई बहिन के प्रेमक त्योहार अछि. गाम मे रहय छलहुं त बच्चा मे दीदी...बुआ सभ के संग हमहुं सभ शामिल भ जाए छलहुं. सामा चकेवा कार्तिक शुक्ल द्वितीया के शुरू भ पूर्णिमा धरि चलैत अछि. एहि मे भाई आओर पति के दीर्घायु के लेल भगवान सं कामना कएल जाएत अछि. बिरला मंदिर मे यूथ ऑफ मिथिला के तरफ सं सामा फोरन कार्यक्रम सेहो भ रहल अछि. जे एकदम सं मैथिल तौर तरीका सं होएत. ई कार्यक्रम जय मिथिला ग्रुप के लहकचहक डॉट कॉम के सहयोग सं आयोजित भ रहल अछि. दिल्ली मे रहय वाला सभ मैथिल के एहि कार्यक्रम के लेल न्योत छनि. अहां सभ एहि कार्यक्रम के देखय लेल... एहि मे शामिल होए लेल अवश्य आबि. सामा चकेवा कार्यक्रम के समय अछि सांझ 6 बजे. ई करीब 8 बजे राति धरि चलत. कार्यक्रम स्थल के पूरा पता अछि. वाटिका, बिरला मंदिर, मंदिर मार्ग, नई दिल्ली- 110001 कोनो तरहक परेशानी होए त अहां सभ एहि फोन पर सम्पर्क क सकय छी. 96540-15163 आओर 90159-42074 त फेर भेंट होएत अछि बिरला मंदिर मे. Plann...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अलग मिथिला राज्य के लेल धरना प्रदर्शन कएल गेल. ई अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति के तरफ सं कएल गेल. एहि प्रदर्शन मे कीर्ति झा आजाद... महाबल मिश्रा... माहेश्वर हजारी आओर अनिल कुमार झा के संग डा. वैद्यनाथ चौधरी सेहो शामिल छलाह. धरना- प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम सं एकटा ज्ञापन सेहो सौंपल गेल. सभ लोकनिक कहनाय छलनि जे मिथिलाक विकास बिना अलग राज्य बनले नहि होएत. हिनकर सभक कहनाय छलनि जे मिथिलाक सदिखन उपेक्षा के नजर सं देखल गेल. ई इलाका सदिखन राजनीतिक भेदभाव आओर पक्षपात के शिकार बनैत रहल. धरना मे बीजेपी-कांग्रेस दुनू पार्टी के नेता सभ शामिल छलाह. मुदा आम लोक के भागीदारी कम देखल गेल. असल मे दिल्ली मे आ कतहुं किछ होएत अछि त लोक सभ के ठीक सं बताएल नहि जाएत अछि. आब एहि धरना के देखु. भीख नहि अधिकार चाही...हमरा मिथिला राज चाही. दिल्ली मे मैथिली मे नारा लगाबैत लोक के देखि ओम्हर सं गुजरय वाला लोक सब कनि देर लेल ठिठकि जाए छलखिन्ह. दिल्ली मे तं मिथिलाक बड़ लोक रहय छथिन्ह ओ सभ ठमकि कs जानय चाहय छलखिन्ह... कि भs रहल अछि? दिल्ली मे मिथिला-मैथिली सं जुड़ल कइटा कार्य...
गर्मी छुट्टी शुरू होए वाला अछि. बच्चा सभ आम खाय लेल आ दादा-दादी सं मिलय लेल गाम जाए चाहय छथिन्ह. लगन सेहो शुरू भ रहल अछि. गाम मे कइटा विवाह अछि. बारात जाए आओर भोज खाए के नीक मौका अछि. मुदा जखन टिकट लेल गेलहुं तं कोनो ट्रेन मे टिकट नहि मिलल. आब समस्या ई जे गाम केना जाएल जाए. आब आ तं दलाल सं टिकट लेल जाए आ फेर तत्काल के इंतजार कएल जाए. तत्काल मे कोनो ठिकान नहि. खिड़की खुलल नहि कि
अपनेहू के खूब शुभकामना
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