मिथिलांगन...मैथिलीक नव ठेकान


पिछला सोलह साल सं मैथिलीक विकास के लेल काज करय वाला मिथिलांगन के उद्देश्य आखिरकार पूर्ण भेल. सोलह साल पहिने जखन मिथिलांगन संस्थाक नींव पड़ल रहय तखन एकरा पाछू सभ सं पैघ उद्देश्य छल दिल्ली सं मैथिली में एकटा पत्रिकाक प्रकाशन. एकरे संगे मैथिली के मिलल एकटा नव ठेकान...त्रैमासिक पत्रिका मिथिलांगन. पत्रिका के नाम संस्था के नाम पर मिथिलांगन छै. दिल्ली के राजेन्द्र भवन में एकर विमोचन कएल गेल. पत्रिकाक विमोचन जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ कर्ण कएलथिन्ह. पहिल बेर एहन भेल अछि जे कोनो पत्रिका में मिथिलांचल के सामाजिक, सांस्कृतिक आओर आर्थिक पहलू के ध्यान में रखैत पत्रिका निकालल गेल अछि. डॉ कर्ण जीक कहनाय छलन्हि जे जेना ई संस्था मिथिलांगन आई धरि काज करैत रहल अ तहिना आगां सेहो अपन काज करैत रहत...अपन मिशन के जारी रखत. एहि अवसर पर गीत नाद आओर गजल के कार्यक्रम सेहो भेल.

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