ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय एडुसेट सं जुड़ि गेल अछि. बिहार में एडुसेट... एजुकेशन थ्रू सेटेलाइट सं जुड़य वाला मिथिला विश्वविद्यालय पहिल विश्वविद्यालय भs गेल अछि. एकरे संग ई देश के 49वां विश्वविद्यालय अछि जतय सेटेलाइट इंटरेक्टिव टर्मिनल... एसआईटी के जरिए पढ़ाई कएल जा सकय अछि. एसआईटी के माध्यम सं सेटेलाइट सं लिंक जोड़ल जाइत अछि . विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर जन्तु विज्ञान विभाग में इसरो के मदद सं एसआईटी के सुविधा उपलब्ध करायल गेल अछि . अखन देश में ई सुविधा सभ आईआईटी. केन्द्रीय विश्वविद्यालय आओर बड़का मेडिकल संस्थान के पास अछि . स्थानीय एसआईटी के प्रभारी स्नातकोत्तर जन्तु विज्ञान विभाग के रीडर एम. निहाल जी के बनाओल गेल अछि . करीब ढ़ाई साल पहिने जखन पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम दरभंगा डब्ल्यूआईटी... महिला प्रौद्योगिकी संस्थान के उद्धाटन करय आएल छलाह तखने कहने छलथिन्ह जे ओ एहिठाम एसआईटी के सुविधा देखय चाहैत छथिन्ह. हुनकर प्रयास सं इसरो एहिठाम सभ काज तेजी सं आओर बिना पाई के उपलब्ध करौलक अछि. आब मिथिला विश्वविद्यालय देश के सभ बड़का संस्थान सं जुड़ि गेल अछि. एकर फायदा सिर्फ विद्यार्थी आओर शिक्षके टा के नहिं मरीज सभ के सेहो मिलत.
Fropper.com - Indian Dating, Friendship, Romance पिछला पांच दिन सं बिहार मे जारी जूनियर डॉक्टर के हड़ताल खत्म भ गेल अछि. सरकार के मांग मानि लेबय के बाद डॉक्टर सभ काज पर वापस आबि गेलाह. आब हुनका सभ के 25 हजार रुपया के स्टाइपेंड मिलतन्हि. मुदा एहि हड़ताल के कारण इलाज नहि होए सं 46 लोक मारल गेलाह. हड़ताल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल... पीएमसीएच आओर दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल...डीएमसीएच दुनु मे छल. मांग मानि लेल गेलाह पर डॉक्टर सभ वापस त आबि गेलाह मुदा जे लोक इलाज के अभाव मे मरि गेलाह ओकर भरपाई केना होएत ? कि एकरा लेल हड़ताली डॉक्टर दोषी नहि छथि ? कि सरकार सं ई मांग दोसर कोनो तरहे नहि मनाएल जा सकय छल ? कि डॉक्टर के लेल आब सेवा भावना आओर शपथ कोनो मायने नहि रखैत अछि ? कि सभ किछ के पाइए सं तौलल जाएत ?. हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com Mithila, Maithili,Madhubani Paintings, Darbhanga, Samastipur, Muzaffarpur, Sitamarhi,nepal, janakpur,kamla balan, bagmati, kusha, ahilya, border, Janki, Kosi, Purnea, Saharsa, Madhepura, Araria, Supaul, Bihar, bihari, Patna, Lalu,laloo, Nitish, Paswan, Kojagra...
हितेन्द्र भैया, कईसे हव
ReplyDeleteहमका मैथिली तो आवत नाहीं सोचेन की अपने गाँव की ज़बान म सलाम करत चलन
असद (तुमरे पुराने दफ्तर वाले)
चलु ई त बड बढियां समाचार भेल. आब अप्पन छोट भाई सब के दसवीं के बाद पढ़ाई के लेल पटना आ दिल्ली नै जे पडत. मधुबनी आ दरभंगा में रहियो के बच्चा सब निम्मन पढ़ाई कैर पैत.
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