ब्रिटेन मे सम्मानित भेलाह बिहारी

ब्रिटेन मे एकटा बिहारी डॉक्टर के सम्मानित करय के खबर मिलल अछि. ई सम्मान ब्रिटिश महारानी के तरफ सं छनि. सम्मानित होय वाला डॉक्टर छथिन्ह डॉ अशोक पाठक.

डॉ अशोक पाठक जी ऑर्थोपेडिक सर्जन छथिन्ह. भारत आओर यॉर्कशायर मे चिकित्सा क्षेत्र मे कएल गेल हिनकर योगदान
के देखैत... जनसेवा के देखैत हिनका Member of the British Empire (MBE) बनाएल गेलन्हि.

58 साल के डॉ पाठक पिछला 30 साल सं ब्रिटेन मे रहय छथिन्ह. कोसी मे आएल बाढ़ि के समय डॉ पाठक बिहार मे आबि पीड़ित के सेवा मे जोर-शोर सं जुटल छलखिन्ह.

ब्रिटेन मे रहैत बिहार सं जुड़ल रहय छथिन्ह. साल मे कम सं कम दू बेर भारत आबय छथिन्ह. बीच-बीच मे आबि एहिठाम डॉक्टर सभ के चिकित्सा क्षेत्र के नव-नव बात सेहो बताबैत रहय छथिन्ह.

पाठक जी बिहार मे कइटा हेल्थ कैंप लगबा चुकल छथिन्ह. अस्पताल के लेल धन जुटाबय लेल क्रिकेट मैच करवा चुकल छथिन्ह. पाठक जी खुद क्रिकेट खिलाड़ी रहि चुकल छथिन्ह. रणजी आओर यॉर्कशायर के तरफ सं खेल चुकल छथिन्ह.

हिनकर पिताजी डॉ मुनिश्वर पाठक जी डेहरी ओन सोन मे जगजीवन टीबी अस्पताल खोलने छथिन्ह. एकरो देखरेख के लेल बीच-बीच मे आबैत रहय छथिन्ह. एहिठाम गरीब-गुरबा मे मुफ्त इलाज कएल जाएत अछि.

डॉ अशोक पाठक जी पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल... पीएमसीएच सं डॉक्टरी पढ़ि ब्रिटेन गेल छथिन्ह. हिनकर कोशिश आब बिहार मे चिकित्सा सुविधा के बेहतर आओर आम लोक के पहुंच वाला बनाबय के छनि.

डॉ पाठक यार्कशायर मे लॉर्ड पारेख के संग मिलsक 'हल हिंदू कल्चर असोसिएशन' सेहो बनौने छथिन्ह. पाठक जी देश के कइटा क्रिकेटर के यार्कशायर खेलय लेल सेहो ल गेल छथिन्ह.

2008 मे हिनका चिकित्सा सेवा मे योगदान के लेल India International Foundation Award सम्मान देल गेल छलन्हि. एहि सम्मान पर पाठक जी खुशी जतएलख्निह.

Share/Save/Bookmark 
हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com

Comments

Popular posts from this blog

खत्म होएत गैस के किल्लत...

जेएमआईटी बनल डीईसी

हमर विआह- 8

ट्विटर स्पेस: मिथिला राज्य निर्माण पदयात्रा पर भेल चर्चा

राष्ट्र निर्माणमे राज दरभंगाक योगदानक चर्चा दिल्ली मे

दिल्ली मे भेल मिथिला महोत्सव आओर मैथिली साहित्य महोत्सव

मिथिला लेल पैघ खबर- मैथिल पुत्र विजय झा जी पंडौल मे करय जा रहल छथिन्ह 200 करोड़ के निवेश

जगदीश मंडल जी के उपन्यास 'पंगु' लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार

ट्विटर स्पेस पर रोज भs रहल अछि मिथिला-मैथिली पर सार्थक चर्चा, अहुं सभ लिअ भाग

विज्ञान सं रुझान कम किएक ?