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'मिथिला राज चाही'


दिल्ली के जंतर-मंतर पर अलग मिथिला राज्य के लेल धरना प्रदर्शन कएल गेल. ई अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति के तरफ सं कएल गेल. एहि प्रदर्शन मे कीर्ति झा आजाद... महाबल मिश्रा... माहेश्वर हजारी आओर अनिल कुमार झा के संग डा. वैद्यनाथ चौधरी सेहो शामिल छलाह. धरना- प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम सं एकटा ज्ञापन सेहो सौंपल गेल.

सभ लोकनिक कहनाय छलनि जे मिथिलाक विकास बिना अलग राज्य बनले नहि होएत. हिनकर सभक कहनाय छलनि जे मिथिलाक सदिखन उपेक्षा के नजर सं देखल गेल. ई इलाका सदिखन राजनीतिक भेदभाव आओर पक्षपात के शिकार बनैत रहल. धरना मे बीजेपी-कांग्रेस दुनू पार्टी के नेता सभ शामिल छलाह. मुदा आम लोक के भागीदारी कम देखल गेल.

असल मे दिल्ली मे आ कतहुं किछ होएत अछि त लोक सभ के ठीक सं बताएल नहि जाएत अछि. आब एहि धरना के देखु. भीख नहि अधिकार चाही...हमरा मिथिला राज चाही. दिल्ली मे मैथिली मे नारा लगाबैत लोक के देखि ओम्हर सं गुजरय वाला लोक सब कनि देर लेल ठिठकि जाए छलखिन्ह. दिल्ली मे तं मिथिलाक बड़ लोक रहय छथिन्ह ओ सभ ठमकि कs जानय चाहय छलखिन्ह... कि भs रहल अछि?

दिल्ली मे मिथिला-मैथिली सं जुड़ल कइटा कार्यक्रम मे जाए के मौका मिलल अछि मुदा बैसि कार्यक्रम जानकारी मुंहामुंही मिलल अछि. कोनो अखबार पेपर...पर्चा... झंडा- बैनर सं प्रचार-प्रसार नहि. बस अपन जान पहचान के दू चारि लोक के बता दय छथिन्ह. अगर पेपर सभ मे देबो करय छथिन्ह त ऐना जे पते नहि चलत. अहां के देखय पड़त जे कोन-कोन पेपर मे देलाह पर बेसि लोक के पास सूचना पहुंचत.

दिल्ली मे मीडिया... प्रेस सं जुड़ल लोक सभ सेहो बड़ छथिन्ह. अगर अहां हुनको सभ के बता देबय त कार्यक्रम सं पहिने किछ खबर आबि जाएत. ब्लॉग...फेसबुक... ऑर्कुट आओर ट्विटर पर सेहो प्रचार-प्रसार कs सकैत छी. ई सभ बस नेता सभ के टाइम ल लैत छथिन्ह...कार्यक्रम के लेल बुक करि लय छथिन्ह. काज खत्म. अगर अहां मिथिला राज्य के लेल गंभीर छी त सभ किछ गंभीरता सं लेबय पड़त आओर बेसि सं बेसि युवा लोकनि के जोड़य पड़त.

एकटा चीज आओर जे मैथिली- मिथिला सं जुड़ल कार्यक्रम मे सभ वर्गक प्रतिनिधि नहि रहय छनि. कोनो कार्यक्रम मे जाउ, लागत जेना कोनो परिवारक काज भs रहल अछि. कका... पीसा... मामा... पाहुन इहे सभ सुनाय पड़त. एहि मे मिथिला के रहय वाला सभ लोक के शामिल करय पड़त. कोनो दू चारि खास वर्ग के लs क अहां चाहब जे लक्ष्य पाबि ली तं नहि होएत. उम्मीद अछि वैद्यनाथ जी सेहो एहि पर ध्यान देताह.
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हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com

Comments

  1. Dear Hitendra Kumar Gupta Jee, I appreciate the information provide by you. I support the views for the separate Mithila state.

    Thanks.

    ReplyDelete
  2. Hitendra Jee Namaskar
    Apan Maithil lok ke suru se adat rahlaik achhi je "HATHI" jaka dekhewak lel aur dant aur khewak lel aur dant lok ke mithila aur maihilik vikas se kam apan rajnitik swarth vesi rahait chhaik. Jawe tak Niswartha bhaw se vesi se vesi lok, sab dharam se sav jati se samil nahi hetah tawet dhari e sambhaw nahi achhi

    ReplyDelete
  3. "Kaka, Mama, Pisa " apnek ehi comment san ham 100% sahmat chhi. Vyaktigat roop sa maithili karyakram evam maithili andolanal vifaltak ee ekta sabsa mukhya karan aachhi. Kichhu karyakram me ehan lagat je aha kono bariyati me animantrit abi gel chhi.

    -- Asha Achhi je ee bat hunka sabke bujha me etani.


    Dhanyabad.

    ReplyDelete
  4. Respected Hitender Bhai,
    Jai Sai Ram !

    The issues that you have raised in the last para on your blog is the basic cause of the failure of this so called movement for mithila rajya.

    I have also participated some programmes organised in the name of mithila ...but I have felt strongly the discremination on the basis of caste. No equal importance are are given to the member participants from all caste and community from mithila.

    This is simply the reason of failure of such movements.

    Truly yours'
    Kushwaha RS
    Darbhanga-Bihar

    ReplyDelete
  5. well said hitendraji!!
    But with the present lot of arm chair politicians and family heir politicians,whatelse can be expected.Fact is that we have been voicing these concerns as maithil as matter of show off and were never very serious about it.Moreover,as a class we maithils tend to leave our root values and adapt new prevalent lifestyle at the drop of a hat.

    ReplyDelete
  6. wah hitendra ji, apne je mul kaaran per apan anubhav ke bateliyai oo nishchit rup sa maithil sab ke lel sab sa barka kamjori thik. hum apnek aai vichar sa purn rup sa sahamat chhi. muda aasha je hum sab je gote jai rup me bha sakaya humra sab "prithak mithila rajyak maang" me apan sahyog di.

    ReplyDelete

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