मैथिलीक सैकड़ों एहन गीत अछि जकरा सुनितहिं मन खुश भs जाएत अछि. मैथिली गीत सुनय मे जे अलौकिक आनन्द मिलैत अछि ओ कोनो आओर गीत मे नहि मिलि सकैत अछि चाहे ओ सुपरहिट मुम्बइया फिल्म के गीत किएक नहि होय. अहां सभ मैथिली गीत सुनैत होएब. कि अहां बता सकैत छी जे मैथिलीक सभ सं लोक प्रिय गीत कोन अछि ? ओहि गीत के अहां किएक सभ सं कर्णप्रिय मानैत छी ? अहां सभ के लेल ई सवाल कठिन नहि अछि. मुदा हमरा सन ओ सभ लोक जे गाम-घर मे नहि रहैत छथिन्ह... हुनका लेल ई सवाल बड़ महत्व राखैत अछि. अहां के एहि सवाल के जवाब सं कतेक लोक के कई तरहक गीत के बारे मे जानय लेल मिलतन्हि. अहांक पसंद के बाद लोक सभ सेहो ओहि गीत के सुनय के कोशिश करताह. त देर नहि करू. झट द मैथिलीक सभ सं लोकप्रिय गीत के नाम कमेंट वाला लिंक के क्लिक क लिख भेजु. कमेंट वाला मे कोनो परेशानी होए त ओहि मे बॉक्स के ऊपर मे एकटा आओर लिंक अछि Comment ओकरा क्लिक कs अपन जवाब लिखु. अगर ओना नहि करय चाहय छी त अहां अपन पसंदक गीत के नाम लिखि हमरा hellomithilaa@gmail.com पर मेल क s दिअ. धन...
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
फोटो देखला के बाद, मोन मे अजीब बेचैनी समा गेल। लागैत छल, जेना दस दिन बाद आबय वाला जन्मदिन अखने आबि जाए। मन मे एकटा मीठ मिठास आ उत्सुकता भरि गेल। बार-बार लिफाफा खोलि, फोटो निकालि निहारय लागय छलहुं। किएक, मन कतहुं आओर लगात। हृदय मे एकटा अनजान उमंग, एकटा नबका सपना पलय लागल। हमर ई मनोदशा डेरा के पास रहय वाला गामक एकटा लड़का के पता चलि गेल। ओकरा सं बात आगां बढ़ि गेल। विआहक गप्प चलि रहल अछि, ई गप्प दिल्ली मे रहय वाला गामक सभ दोस्त सभ के कानों-कान खबर भ गेल। हमर गाम के हिसाब सं देखल जाय, त रोड कात मे गुप्ताजी सभ, आओर बाकी में कायस्थ-ब्राह्मणक बेसि आबादी छनि। लालाजी सभ के बेसि होए के कारण, सभ एक-दोसर के नाम के अंत मे 'लाल' लगा क पुकारैत छथिन्ह। गाम मे लोक सभ हमरो ‘हितलाल’ कहि क बुलाबैत छलाह। गाम मे हम सभ एक-दू क्लास आगां-पाछां के लड़का सभ- संगहि घुमलौं-फिरलौं, हंसी-मजाक, मस्ती, आ अपनापन के रंग मे रंगायल जिनगी बितेलौं। पढ़ाई आ काम-काज के सिलसिला मे गाम सं काफी लोक सभ दिल्ली आबि गेल छथिन्ह। हमहुं गाम सं दिल्ली अएला के बाद एहिठाम रहय वाला शेखरलाल, सुमनलाल, राजीवलाल, उदयलाल, विनोदलाल, मनोज...
दरभंगा सहित बिहार के 14 शहर में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खुलत. एकर घोषणा मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री मो अली अशरफ फातमी कएलाह. ई घोषणा ओ दरभंगा में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान ( NIOS ) के क्षेत्रीय उप केन्द्र आओर जखन चाहु परीक्षा दिउ केन्द्र के उद्घाटन के समय कएलाह. मंत्री जी सेहो कहलथिन्ह जे देश भर में हाई स्कूल के संख्या कम होई के कारण एनआईओएस बेहतर भूमिका निभा अछि. बिहार में अखन एकर 328 सेंटर अछि.. दु साल के भीतर एकर संख्या बढ़ा कय पांत सय कए देल जायत. फातमी जी सेहो कहलथिन्ह जे जेहि शहर में अल्पसंख्यक आओर अनुसूचित जनजातिक जनसंख्या बीस प्रतिशत सं बेसि होयत ओहि ठाम कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खोलल जायत. केंद्रीय राज्य मंत्री के सेहो कहनाय छलन्हि जे ओ योजना आयोग सं 500 सं बेसि नवोदय विद्यालय खोलय के प्रस्ताव भेजने छथिन्ह. फातमी जी बिहार खासक मिथिला में शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लेल नीक काज कS रहल छथिन्ह. एहि समारोह में केन्द्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री कांति सिंह... एनआईओएस के अध्यक्ष एनसी पंत सेहो मौजूद छलाह.
प्रसिद्ध मैथिली नाटककार महेंद्र मलंगिया जी एकटा आओर सम्मान सं सम्मानित भेलाह। मलंगिया जी के रविदिन, 18 सितंबर के नेपालक राजधानी काठमांडू मे ‘हरिप्रसाद कल्याणी रिमाल नाट्यसंगीत पुरस्कार सं सम्मानित कयल गेलन्हि। मैथिली भाषा साहित्य नाट्यसर्जक आ निर्देशक महेंद्र मलंगिया जी मधुबनी जिलाक मलंगिया गाम के रहय वाला छथिन्ह। हिनका एहि सं पहिने मैथिली भाषाक प्रतिष्ठित प्रबोध सम्मान, पाटलिपुत्र सम्मान, विद्यापति सेवा संस्थान सम्मान, रंग रत्न उपाधि
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मे शनि दिन, 12 नवम्बर के मिथिला महोत्सव-6 आ मैथिली साहित्य महोत्सव-3 के आयोजन कएल गेल। मैथिल पत्रकर ग्रुप द्वारा प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया आ ओखला प्रेस क्लब के सहयोग स एहि कार्यक्रम केर आयोजन कएल गेल। आयोजनक शुरुआत मैथिली साहित्य महोत्सव ३ सं भेल। साहित्य महोत्सव के दू सत्र मे दूटा विषय पर चर्चा भेल, ‘हवाई जहाज दरभंगा पहुँचला पर मिथिलाक विकास केँ कतेक पाँखि भेटल’ आ
दहेज मुक्त मिथिलाक लेल एकटा बैसार रवि दिन 14 अगस्त के दिल्ली मे कनॉट प्लेस के पास कॉफी हाउस भ रहल अछि. एहि बैसार मे 28 सितंबर के दहेज मुक्त मिथिलाक लेल होए वाला राष्ट्रीय अधिवेशनक एजेंडा पर विचार - विमर्श कएल जाएत. बैसार मे अधिवेशन कतय कएल जाए...अधिवेशन के कार्यक्रम केहन होए... एकर प्रारूप... सहयोग... संकलन पर मिल-बैसि s क बात कएल जाएत. 28 सितंबर के दहेज मुक्त मिथिलाक लेल संकल्प दिवस के रूप मे मनाएल जाएत. एहि दहेज के कारण कतेक घर
एहन खबर अछि जे बिहार के पूर्णिया मे सुखोई के बेस बनाएल जाएत. एयर फोर्स के तरफ सं पूर्णिया एयर फोर्स स्टेशन के सुखोई-30 के लेल चयन करय के फैसला एकटा नीक खबर मानल जएबाक चाही. ई सभ चीन के बढ़ैत प्रभाव के देखैत कएल जा रहल अछि. पूर्णिया मे एयर फोर्स के बड़का विमान उतरय के सुविधा अछि मुदा सुखोई के लेल किछ अपग्रेड करय के जरूरत अछि. ओकरा करि लेल जाएत. एहि ठाम सुखोई के एकटा पूरा अड्डा बनत. अहां के कि लगैत अछि कि सरकार के ई कदम पहिनहि उठएबाक चाही छल ? भारत के जेहि हिसाब सं खतरा अछि ओहि हिसाब सं सीमावर्ती इलाका मे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास नहि कए गेल अछि. भारत के नेपाल... चीन सं लागल सीमावर्ती इलाका मे अहां देखि सकय छी जे बिजली...सड़क…पानी...संचार के कि हाल अछि? सरकार के तुरंत एकरा सभ के गंभीरता सं ल बिहार के पूरा सीमावर्ती इलाका मे सड़क के जाल बिछएबाक चाही. अखन त ई हाल अछि जे जगह-जगह गड्ढा बनल अछि कई ठाम त रोड बुझाएते नहि अछि. संचार व्यवस्था के सेहो खराब हाल अछि. अखनो सैकड़ो एहन गाम अछि जतय बिजली के पोल तक नहि अछि. अहां के कि लगैत अछि सरकार के कि- कि करय के जरूरत अछि? Fropper.com - Indian Da...
दिल्लीक ताज पैलेस होटलमे 31 अगस्तक दिन आयोजित भव्य संगोष्ठी आ पुस्तक विमोचन समारोह मिथिला आ सम्पूर्ण भारतक सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक चेतनाक दृष्टिकोण सं एकटा महत्वपूर्ण अवसर रहल। एहि आयोजनक मुख्य विषय छल 'भारतक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ
मैथिली पुत्र प्रदीप नहि रहलाह। आइ शनिदिन, 30 मई, 2020 के भोरे-भोर एहि दुनिया सं विदा भs गेलाह। निधन के खबर मिलतहि लहेरियासराय के बेलवागंज मे हिनकर निवास के बाहर
bahut badiya
ReplyDelete