हर साल होए बिहार उत्सव...
बिहार दिवस पर बिहार उत्सव हर साल होबाक चाही. बिहार उत्सव मे आएल हर लोक के इहे कहनाय छलन्हि. लोक सभ आयोजन सं बड़ खुश छथिन्ह हुनका सभके कहनाय छनि जे ई काज पहिने शुरू भs जएबाक चाही छल. बड़ देर लगा देल गेल. लोक सभ एहि उत्सव के शुरू करय लेल नीतीशजीके बधाई सेहो दय छथिन्ह. ई गप सही अछि जे बिहार दिवस पर आयोजित समारोह मे लोक के राज्य के इतिहास... सभ्यता... संस्कृति... लोककला... विरासत के बारे मे जतेक जानकारी देल गेल... बताएल गेल ओकरा सुनि लोक अचरज मे पड़ि जाए छलखिन्ह. लोक सभ सोचय लेल विवश भs जाए छलखिन्ह जे हमर एतेक नीक अतीत... इतिहास होएतहुं हमर वर्तमान एतेक खराब किएक अछि ? लोक के मन मे फेर सं स्वाभिमान जागि रहल अछि. लोक एक बेर फेर सं बिहार के विकास के राह पर ल जाए के लेल सजग भs गेलखिन्ह.
आओर होएबो किएक नहि करथिन्ह मास दिन पहिने सं तैयारी सेहो भs रहल छल. तीन दिन तक चलल एहि बिहार दिवस उत्सव मे सभ तरहक कार्यक्रम के समावेश कएल गेल छल. कतहुं बच्चा सभ के प्रतियोगिता भेल त कतहुं हंसी-ठहाका के महफिल जमल . कतहु कवि गोष्ठी त कतहुं जागरुकता कार्यक्रम. कतहुं पवन कार्टून बनाबय के गुर सीखाबय छलखिन्ह त कतहुं गीतनाद आओर कतहुं नाटक भs रहल छल. मुदा हर ठाम बिहार सं जुड़ल संदेश. किछ ठाम अपन-अपन क्षेत्र के जानकार... विशेषज्ञ लोकनि बिहारक इतिहास के बारे मे लोक के जानकारी द रहल छलखिन्ह. तरह-तरह के कलाकृति के माध्यम सं सेहो बिहारक जानकारी देल गेल. एहिठाम शांति स्तूप... नालंदा...राजगीर...बौधगया आओर दोसर धरोहर के कलाकृति बना लोक के सामने राखल गेल. पोस्टर आओर पेंटिंग के जरिए सेहो लोक के अपन लोककला... संस्कृति सं परिचय कराएल गेल. मधुबनी पेंटिंग... टिकुली कला...आओर दोसर लोक कला के सेहो नीक ढंग से लोक के बताएल गेल.
बिहार दिवस उत्सव लोक मे बिहारी स्वाभिमान जगाबय मे सफल रहल. लोक सभ मे एक बेर फेर सं बिहारीपन के भाव जगल. लोक सभ एहिठाम सं मन मे ठानि कs अपन-अपन घर विदा भेलखिन्ह जे आब जतेक मेहनत करय पड़य हम बिहार के आगां लs जाक छोड़ब. अपन आबय वाला नेना-भुटका के एकटा सुनहरा भविष्य द क छोड़ब. पिछला किछ साल मे बिहार भने किछ पाछा चलि गेल होए. केंद्रक उपेक्षा के कारण... राजनीतिक पक्षपात के कारण भने बिहार देश मे सभ सं पिछडैत चलि गेल होए... आब नहि. लोकक उत्साह देखि त लगैत अछि काश ई बिहार उत्सव सच मे किछ दिन पहिने शुरू भs गेल रहैत.
आओर होएबो किएक नहि करथिन्ह मास दिन पहिने सं तैयारी सेहो भs रहल छल. तीन दिन तक चलल एहि बिहार दिवस उत्सव मे सभ तरहक कार्यक्रम के समावेश कएल गेल छल. कतहुं बच्चा सभ के प्रतियोगिता भेल त कतहुं हंसी-ठहाका के महफिल जमल . कतहु कवि गोष्ठी त कतहुं जागरुकता कार्यक्रम. कतहुं पवन कार्टून बनाबय के गुर सीखाबय छलखिन्ह त कतहुं गीतनाद आओर कतहुं नाटक भs रहल छल. मुदा हर ठाम बिहार सं जुड़ल संदेश. किछ ठाम अपन-अपन क्षेत्र के जानकार... विशेषज्ञ लोकनि बिहारक इतिहास के बारे मे लोक के जानकारी द रहल छलखिन्ह. तरह-तरह के कलाकृति के माध्यम सं सेहो बिहारक जानकारी देल गेल. एहिठाम शांति स्तूप... नालंदा...राजगीर...बौधगया आओर दोसर धरोहर के कलाकृति बना लोक के सामने राखल गेल. पोस्टर आओर पेंटिंग के जरिए सेहो लोक के अपन लोककला... संस्कृति सं परिचय कराएल गेल. मधुबनी पेंटिंग... टिकुली कला...आओर दोसर लोक कला के सेहो नीक ढंग से लोक के बताएल गेल.
बिहार दिवस उत्सव लोक मे बिहारी स्वाभिमान जगाबय मे सफल रहल. लोक सभ मे एक बेर फेर सं बिहारीपन के भाव जगल. लोक सभ एहिठाम सं मन मे ठानि कs अपन-अपन घर विदा भेलखिन्ह जे आब जतेक मेहनत करय पड़य हम बिहार के आगां लs जाक छोड़ब. अपन आबय वाला नेना-भुटका के एकटा सुनहरा भविष्य द क छोड़ब. पिछला किछ साल मे बिहार भने किछ पाछा चलि गेल होए. केंद्रक उपेक्षा के कारण... राजनीतिक पक्षपात के कारण भने बिहार देश मे सभ सं पिछडैत चलि गेल होए... आब नहि. लोकक उत्साह देखि त लगैत अछि काश ई बिहार उत्सव सच मे किछ दिन पहिने शुरू भs गेल रहैत.
हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com
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