समाजवादी पार्टी सं अमर सिंह के इस्तीफा के लs क नई दुनिया अखबार मे एकटा बड़ नीक कार्टून छपल अछि. हम चाहब जे अहां सभ सेहो ओहि कार्टून के देख मुस्कुराउ...
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मे शनि दिन, 12 नवम्बर के मिथिला महोत्सव-6 आ मैथिली साहित्य महोत्सव-3 के आयोजन कएल गेल। मैथिल पत्रकर ग्रुप द्वारा प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया आ ओखला प्रेस क्लब के सहयोग स एहि कार्यक्रम केर आयोजन कएल गेल। आयोजनक शुरुआत मैथिली साहित्य महोत्सव ३ सं भेल। साहित्य महोत्सव के दू सत्र मे दूटा विषय पर चर्चा भेल, ‘हवाई जहाज दरभंगा पहुँचला पर मिथिलाक विकास केँ कतेक पाँखि भेटल’ आ
वरिष्ठ साहित्यकार श्री जगदीश मंडल जी के हुनक उपन्यास 'पंगु' लेल वर्ष 2021 केर मैथिली भाषाक साहित्य अकादमी पुरस्कार सं सम्मानित कएल जएबाक निर्णय भेल अछि। एहि सम्मान के लेल मंडल जी के हार्दिक बधाई आ शुभकामना। हिनकर उपन्यास 'पंगु' साल 1942-75 के बीच केर किसानक परिवेश पर आधारित अछि। ई उपन्यास साल 2018 मे छपल छल।
अभी तुम गर्व से हंसकर कहती हो सभी तुम्हें देखकर जीते हैं गाते हैं और मुस्कुराते हैं पर मैं चाहता हूं कि तुम मुझे देख कर जीओ गाओ और मुस्कुराओ और अगर तुम्हारे चेहरे पर मुझे ये न दिखा तो मैं तुम्हे देखते हुए मरकर दिखा दूंगा तब तुम अपनी भूल के कारण मेरी चिता पर आंसू बहाओगी
शीर्षक पढि कने उटपटांग लागल होयत। मोने सोचैत होयब जे लगभग पांच कोटि लोकक ठोर पर जाहि अमिट, अतिपावन भाषाक राज अछि, जे भाषा भारतक संगहि-संग नेपाल मे सेहो विशेष प्रतिष्ठित अछि, जे भाषा अपन विशाल आ अमूल्य साहित्यनिधिक बल पर भारतीय संविधानक आठम अनुसूची मे सन्हिया गेल, जे भाषा जनक सुता जानकीक कंठ-स्वर सं निकलैत छल, जाहि माटिक संस्कार सिया कें सुशीला बनौलक, ताहि भाषा पर कोन संकट आबि गेल? वा फेर सोचैत होयब जे हम बताह त' नहि भ' गेलहुं अछि? नाना प्रकारक सोच दिमागी समुद्र मे हिलकोर मारैत होयत। जं से सत्ते, त' अपन सोच कें कने स्थिर करी। असल मे ई प्रश्न आइ-काल्हि पद्मश्री उदित नारायण (झा) क' रहल छथि, सेहो पूरा तामझामक संग। मायक भाषा संग मोह जिनगी भरि बनल रहैत छैक। चाहे कतेको स्वार्थंधता वा दंभता केर गर्दा मोन-मस्तिष्क मे हो मुदा जखन भावना प्रबल प्रवाह होइत छैक त' लोक कें मोन पड़ैत छैक माय, मातृभाषा आ मातृभूमि। ओ प्रत्येक वस्तु जाहि मे मातृअंश हो, एक-एक के मोन पड़य लगैत छैक। मैथिली मे गायन शुरू कS आइ सफलताक उच्चतम शिखर पर पहुंचल उदित नारायण के कोनो एक भाषाक गायक नहि कहल जा सकैत अछ...
दिल्लीक ताज पैलेस होटलमे 31 अगस्तक दिन आयोजित भव्य संगोष्ठी आ पुस्तक विमोचन समारोह मिथिला आ सम्पूर्ण भारतक सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक चेतनाक दृष्टिकोण सं एकटा महत्वपूर्ण अवसर रहल। एहि आयोजनक मुख्य विषय छल 'भारतक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ
बिहार सं दिल्ली आओर दिल्ली सं सूरत. दिल्ली सं सूरत अएलाह हफ्ता भर भ चुकल अछि. एतेक दिन सं सभक मुंह सं गुजरात के बारे मे सुनैत रहय छलहुं. मुदा अखन धरि गुजरात आबय के मौका नहि मिलल छल. तै द्वारे एहि बेर जेनाहि गुजरात सं एकटा ऑफर आएल हम ओकरा स्वीकार करय मे देर नहि लगैलहुं. मने-मोन कहलौं जे एहि बेर गुजरात घुमि कs आबय के चाही. किएक तं बूढ़ सभ कहि गेल छथिन्ह कि जतेक बाहर घूमब-फिरब ओतेक अनुभव हेत...ओतेक दिमाग खुलत. ओनाहुं पटना...
अलग तेलंगाना राज्य बनाबय के घोषणा के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहलखिन्ह जे सिर्फ तेलंगाने सं काज नहि चलत पूरा देश मे एकहि संग कइटा छोट-छोट राज्य बनाबय के जरूरत अछि. पूरा देश मे राज्य सभ के पुनर्गठन होबाक चाही. हुनकर साफ कहनाय छनि जे देश मे अखनो कइटा बड़का-बड़का राज्य अछि जकर पुनर्गठन करि छोट-छोट राज्य बनयबाक चाही. नीतीश जी के इहो कहनाय छलन्हि जे हुनकर पार्टी शुरू सं एकर पक्ष मे रहल अछि. ई त भेल नीतीश जी के गप...ओम्हर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मायावती त अलग राज्य बनाबय के बारे मे प्रधानमंत्री के चिट्ठी सेहो भेज देलखिन्ह. मायावती जी के साफ कहनाय छनि जे ओ छोट राज्य के पक्ष मे छथिन्ह आओर बुंदेलखंड के संग दोसर राज्य बनबाक चाही. मायावती जीक एहि कदम के देखैत नीतीशजी के सेहो मिथिलांचल राज्य के लेल एकटा चिट्ठी प्रधानमंत्री जी के लिखबाक चाही. आओर एकरे संग-संग मिथिलांचल के सभ सांसद महोदय... प्रतिनिधि महोदय के अपन गतिविधि तेज करि देबाक चाही. मिथिलांचल के सभ एमएलए... एमपी... मिथिला राज्य संघर्ष सं जुड़ल संगठन सभ के लेल ई एकटा नीक मौका अछि. एकरा चुकबाक नहि चाही. किछ पाबय के लेल किछ म...
मैथिली पुत्र प्रदीप नहि रहलाह। आइ शनिदिन, 30 मई, 2020 के भोरे-भोर एहि दुनिया सं विदा भs गेलाह। निधन के खबर मिलतहि लहेरियासराय के बेलवागंज मे हिनकर निवास के बाहर
मधुबनी के पास सौराठ मे आई काल्हि सौराठ सभा चलि रहल अछि. लोक सभ एहि सभा के सभागाछी के नाम सं जानैत छथिन्ह. पहिने अगर अहां भूलल-भटकलों मधुबनी आ रहिका चलि जएतहुं त पता चलि जाएत जे लगनक टाइम आबि गेल अछि... आओर सभागाछी मे सभावास चलि रहल अछि. बस स्टैंड... रेलवे स्टेशन... रिक्शा... टेम्पो पर... चारुकात कतहुं देखु... लाल-लाल धोती... चमकैत रेशमी आ मलमल के कुर्ता... ललका पाग... मुंह मे पान... हाथ मे बेंत संग कथा-वार्ताक गप मे लीन लोक मिलि जाएत छलाह. गपक विषय बस एकेटा... फलां बाबू के एतेक मे तय भेलन्हि त फलां बाबू के ओतेक मे. फलां बाबू किछ ओर धीरज रखतथिन्ह त आओर कम मे कथा तय भ जएतन्हि. ओ त धरफरा गेलाह. फलां बाबू ठका गेलाह. हुनका अपन बात पर अड़ल रहबाक चाही छलन्हि. नहि जाने कि कि... पहिने जे बात के पता पांच-सात किलोमीटर दूरहिं सं चलि जाएत छल. आई अहां सौराठ गाम सं घुमिओ कs चलि आएब त पता नहि चलत जे आई-काल्हि सभावास चलि रहल अछि. पहिने गाजा-बाजा के संग उद्घाटन होएत छल. बिरादरी के पैघ-पैघ लोक जुटए छलखिन्ह. नेता... मंत्री सभ आबैत छलाह. आब खोजलों सं नहि मिलताह. पहिने जे कथा बिना सभागाछी के शास्त्रा...
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