Here's wishing you & all your friends a mighty HAPPY & REJUVENATING 62nd INDEPENDENCE DAY from ANDAMAN & NICOBAR THE HISTORIC INDIAN CORAL ISLANDS.
This is where the Indian Tricolor was hoisted for the very first time by Netaji Subhash Chandra Bose at the Gymkhana ground, Port Blair on 30th December, 1943 (Yesss... Well before the 15th August, 1947).
And our ANDAMAN & NICOBAR ISLANDS were the first Indian territory to be declared free from the shackles of the British imperialism by Netaji, the real Hero, heralding the complete Independence for the whole Indian nation.
As grateful citizens of Mother India, every Indian ought to be aware of this lesser-known historic fact of supreme importance and significance.
मैथिली के चौबीसों घंटा वाला अपन चैनल 18 जून सं शुरू भs रहल अछि. चैनल के नाम अछि सौभाग्य मिथिला . मिथिला... मैथिलीक लेल ई नीक खबर अछि. करीब पांच करोड़ मैथिल के लेल ई मैथिलीक पहिल मनोरंजन चैनल होएत. लाइन मे किछ आओर चैनल अछि मुदा किछ एहन पेंच... कारण अछि जेहि सं ओ ऑन एयर नहि भS रहल अछि. सौभाग्य मिथिलाक तैयारी अखन जोर-शोर सं चलि रहल अछि. चैनल के काज देख रहल छथिन्ह प्रफुल्ल कुमार मिश्रजी. प्रफुल्लजी करीब 14 साल सं टीवी सं जुड़ल छथिन्ह. आओर सौभाग्य मिथिला के धरातल पर लाबय लेल दिन-राति एक कएने छथिन्ह. प्रफुल्ल जीक संग चैनल सं कइटा आओर अनुभवी लोक सभ जुड़ल छथिन्ह जे मिथिला... मैथिल सभ्यता... संस्कृति आओर साहित्य के लोक के बीच पहुंचाबय लेल प्रयासरत छथिन्ह. प्रिंट पत्रकारिता आओर रंगमंच सं जुड़ल कुमार शैलेन्द्र जी चैनल के प्रोग्रामिंग देख रहल छथिन्ह. उम्मीद करबाक चाही जे ओ नीक-नीक कार्यक्रम लsक अएताह. कईबेर हुनकर नाटक देखय के मौका मिलल अछि. नीक काज करय छथिन्ह. सौभाग्य मिथिला पर भोर मे 6 बजे सं लs क राति साढ़े दस बजे धरि अहां के नबका-नबका कार्यक्रम देखायल जाएत. राति मे अहां दिनका किछ नीक कार्यक्रम...
एहि बेर दिल्ली सं गाम जाए के क्रम मे पहिने गाम नहि गेलहुं. किछ दिन दरभंगा शहर मे रहय पड़ल. दरभंगा मे भगिनि के शादी छल ताही लेल सभ कोई... सभ रिश्तेदार दरभंगे आबि गेल छलखिन्ह. ओना त शादी सं पांच दिन पहिने पहुंचि गेल छलहुं तखनो सभ गोटे दरभंगे आबि गेल छलखिन्ह तखन हमहुं गाम केवटी जा क कि करतहुं. ओना गाम बेसि दूर नहि अछि शहर सं बस 16 किलोमीटर. सभ लोक के दरभंगा पहिनहि आबय के एकटा कारण ओहि बीच श्याया माई मंदिर मे नवाह यज्ञ के होनाए सेहो छल. दरभंगा के राज कैंपस मे राज श्मशान मे स्थित मां रमेश्वरी श्यामा काली मंदिर मे पूजा-अर्चना... हवन... यज्ञ के संग नवाह यज्ञ 7 नवंबर के शुरू भेल छल. एहि दौरान लगातार जय श्यामा माई श्यामा माई श्यामा माई जय श्यामा माई नामधुन संकीर्तन चलैत रहल. नामधुन शुरू करय वाला मे काशीनाथ झा किरण... सुष्मा झा... ममता ठाकुर... पारस पंकज... अनामिका जी संग कइटा कलाकार शामिल छलाह. श्यामा माई के लेल होए वाला नवाह यज्ञ में दरभंगा... मधुबनी... सीतामढ़ी ...समस्तीपुर सं ल s क नेपाल तक के लोक सभ पहुंचल छलखिन्ह. नवाह खूब धूमधाम सं भेल. ...
आबि त गेलहुं मुदा आबय के मोन नहि करय छल. ओना त गर्मी छु्ट्टी मे गाम जाए छलहुं मुदा एहि बेर नवम्बर मे भगिनी के शादी होए के कारण गर्मी छुट्टी मे नहि गेलहुं. डेढ़ साल बाद गाम जाए के आनन्दे किछ आओर अछि. करीब 25 दिनक यात्रा के दौरान केवटी... दरभंगा... मधुबनी... राजनगर...भगवानपुर... जयनगर...देवधा... खजुरी-महुआ नेपाल आओर सासुर कस्मा-मरार जाए के मौका मिलल. एहि बेर सभ सं नीक गप ई रहल जे ऑर्कुट... फेसबुक आओर हेलो मिथिला सं जुड़ल कई लोक सं भेंट मुलाकात भेल. लोक सभ नीक काज कS रहल छथिन्ह. ऑर्कुट के एकटा संगी त जेहिआ मिललाह ओहि दिन एकटा मैथिली सीरियल बेटी के शूटिंग शुरू करय वाला छलाह. दरभंगा-मधुबनी के बेसि सड़क नीक भ गेल अछि सिर्फ दरभंगा सं हमर गाम जाए वाला रोड दरभंगा-जयनगर नेशनल हाइवे के हाल बड़ खराब अछि. एतेक उबड़-खाबड़ अछि जे देह के एक-एकटा हड्डी के जोड़ ढ़ीला भs जाएत. गाम तक पहुंचय धरि अगिला सीट पकड़ने रहलौं. लोक सभ भगवान के नाम लs कs सफर करय छथिन्ह. ओना एकरा जल्दीए ठीक होए के उम्मीद छै. दरभंगा मे दू टा शादी मे शामिल भेलहुं. भगिनी के शादी मे कन्यादान सेहो हमरे करय के रहय. ओहि के बाद गामे के ए...
मधुबनी के पास सौराठ मे आई काल्हि सौराठ सभा चलि रहल अछि. लोक सभ एहि सभा के सभागाछी के नाम सं जानैत छथिन्ह. पहिने अगर अहां भूलल-भटकलों मधुबनी आ रहिका चलि जएतहुं त पता चलि जाएत जे लगनक टाइम आबि गेल अछि... आओर सभागाछी मे सभावास चलि रहल अछि. बस स्टैंड... रेलवे स्टेशन... रिक्शा... टेम्पो पर... चारुकात कतहुं देखु... लाल-लाल धोती... चमकैत रेशमी आ मलमल के कुर्ता... ललका पाग... मुंह मे पान... हाथ मे बेंत संग कथा-वार्ताक गप मे लीन लोक मिलि जाएत छलाह. गपक विषय बस एकेटा... फलां बाबू के एतेक मे तय भेलन्हि त फलां बाबू के ओतेक मे. फलां बाबू किछ ओर धीरज रखतथिन्ह त आओर कम मे कथा तय भ जएतन्हि. ओ त धरफरा गेलाह. फलां बाबू ठका गेलाह. हुनका अपन बात पर अड़ल रहबाक चाही छलन्हि. नहि जाने कि कि... पहिने जे बात के पता पांच-सात किलोमीटर दूरहिं सं चलि जाएत छल. आई अहां सौराठ गाम सं घुमिओ कs चलि आएब त पता नहि चलत जे आई-काल्हि सभावास चलि रहल अछि. पहिने गाजा-बाजा के संग उद्घाटन होएत छल. बिरादरी के पैघ-पैघ लोक जुटए छलखिन्ह. नेता... मंत्री सभ आबैत छलाह. आब खोजलों सं नहि मिलताह. पहिने जे कथा बिना सभागाछी के शास्त्रा...
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान आओर खगड़िया के अलौली प्रखंड मे भेल नाव दुर्घटना के बाद बिहार मे राजनीतिक आरोप -प्रत्यारोप के दौर शुरू भs गेल अछि. कोई एकरा लेल प्रशासन...सरकार के जिम्मेदार ठहरा रहल अछि... त ककरो कहनाय अछि जे अगर लोक कनि सब्र सं काज लैत त एहन दुर्घटना नहि होएत. जल्दी पहुंचय लेल जानि कs क्षमता सं बेसि लोक नाव पर चढि गेलाह. कतेक लोक के अहां रोकि सकैत छी ? आजादी के एतेक दिन बादहुं लोक के एक ठाम सं दोसर ठाम जाए लेल नाव के सहारा लेबय पड़य अछि. यातायात के साधन नहि अछि. इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहि देल गेल अछि. सड़क... बिजली आओर दोसर मूलभूत सुविधा के मामला मे काफी पिछड़ल अछि. एहि के लेल पिछला सभ सरकार जिम्मेदार अछि. फेर हमहु सभ कम जिम्मेदार नहि छी जे अपना आस-पास के समस्या... परेशानी के अपन सांसद... विधायक... मंत्री के नहि बताबय छी. आवेदन नहि करय छी. सूचना के अधिकार के फायदा नहि उठावय छी. पिआस लगला पर पोखर खोदय छी. लोकतंत्र मे जनता के बेसि जागरूक रहय पड़य छनि. प्रतिनिधि के हुड़काबय पड़य छनि. काम-काज कराबय लेल मुखिया... सरपंच सं लs क मुख्यमंत्री तक अपन दुखड़ा पहुंताबय पड़य छै. जखन...
अलग तेलंगाना राज्य बनाबय के घोषणा के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहलखिन्ह जे सिर्फ तेलंगाने सं काज नहि चलत पूरा देश मे एकहि संग कइटा छोट-छोट राज्य बनाबय के जरूरत अछि. पूरा देश मे राज्य सभ के पुनर्गठन होबाक चाही. हुनकर साफ कहनाय छनि जे देश मे अखनो कइटा बड़का-बड़का राज्य अछि जकर पुनर्गठन करि छोट-छोट राज्य बनयबाक चाही. नीतीश जी के इहो कहनाय छलन्हि जे हुनकर पार्टी शुरू सं एकर पक्ष मे रहल अछि. ई त भेल नीतीश जी के गप...ओम्हर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मायावती त अलग राज्य बनाबय के बारे मे प्रधानमंत्री के चिट्ठी सेहो भेज देलखिन्ह. मायावती जी के साफ कहनाय छनि जे ओ छोट राज्य के पक्ष मे छथिन्ह आओर बुंदेलखंड के संग दोसर राज्य बनबाक चाही. मायावती जीक एहि कदम के देखैत नीतीशजी के सेहो मिथिलांचल राज्य के लेल एकटा चिट्ठी प्रधानमंत्री जी के लिखबाक चाही. आओर एकरे संग-संग मिथिलांचल के सभ सांसद महोदय... प्रतिनिधि महोदय के अपन गतिविधि तेज करि देबाक चाही. मिथिलांचल के सभ एमएलए... एमपी... मिथिला राज्य संघर्ष सं जुड़ल संगठन सभ के लेल ई एकटा नीक मौका अछि. एकरा चुकबाक नहि चाही. किछ पाबय के लेल किछ म...
दिल्लीक ताज पैलेस होटलमे 31 अगस्तक दिन आयोजित भव्य संगोष्ठी आ पुस्तक विमोचन समारोह मिथिला आ सम्पूर्ण भारतक सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक चेतनाक दृष्टिकोण सं एकटा महत्वपूर्ण अवसर रहल। एहि आयोजनक मुख्य विषय छल 'भारतक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मे शनि दिन, 12 नवम्बर के मिथिला महोत्सव-6 आ मैथिली साहित्य महोत्सव-3 के आयोजन कएल गेल। मैथिल पत्रकर ग्रुप द्वारा प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया आ ओखला प्रेस क्लब के सहयोग स एहि कार्यक्रम केर आयोजन कएल गेल। आयोजनक शुरुआत मैथिली साहित्य महोत्सव ३ सं भेल। साहित्य महोत्सव के दू सत्र मे दूटा विषय पर चर्चा भेल, ‘हवाई जहाज दरभंगा पहुँचला पर मिथिलाक विकास केँ कतेक पाँखि भेटल’ आ
ट्विटर स्पेस पर 20 सितंबर केर मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर चर्चा राखल गेल छल। परिचर्चा के शुरुआत सभदिन जकां नित्यानंद झा जी करलखिन्ह। बाद मे नितेश झा निक्की जी सेहो जुड़ि गेलखिन्ह। परिचर्चा मे मिथिला स्टूडेंट यूनियन के युवा नेता अनूप मैथिल जी मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर विस्तार सं अपन बात राखलखिन्ह। अनूप जी कहलखिन्ह जे हम सभ गाम-गाम जा मिथिला के आम लोक के जगाबय के काज करब।
Here's wishing you & all your friends a mighty HAPPY & REJUVENATING 62nd INDEPENDENCE DAY from ANDAMAN & NICOBAR THE HISTORIC INDIAN CORAL ISLANDS.
ReplyDeleteThis is where the Indian Tricolor was hoisted for the very first time by Netaji Subhash Chandra Bose at the Gymkhana ground, Port Blair on 30th December, 1943 (Yesss... Well before the 15th August, 1947).
And our ANDAMAN & NICOBAR ISLANDS were the first Indian territory to be declared free from the shackles of the British imperialism by Netaji, the real Hero, heralding the complete Independence for the whole Indian nation.
As grateful citizens of Mother India, every Indian ought to be aware of this lesser-known historic fact of supreme importance and significance.
Vande Maataram!!!
Dhanyawad Shrinath jee
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