Here's wishing you & all your friends a mighty HAPPY & REJUVENATING 62nd INDEPENDENCE DAY from ANDAMAN & NICOBAR THE HISTORIC INDIAN CORAL ISLANDS.
This is where the Indian Tricolor was hoisted for the very first time by Netaji Subhash Chandra Bose at the Gymkhana ground, Port Blair on 30th December, 1943 (Yesss... Well before the 15th August, 1947).
And our ANDAMAN & NICOBAR ISLANDS were the first Indian territory to be declared free from the shackles of the British imperialism by Netaji, the real Hero, heralding the complete Independence for the whole Indian nation.
As grateful citizens of Mother India, every Indian ought to be aware of this lesser-known historic fact of supreme importance and significance.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
मधुबनी के पास सौराठ मे आई काल्हि सौराठ सभा चलि रहल अछि. लोक सभ एहि सभा के सभागाछी के नाम सं जानैत छथिन्ह. पहिने अगर अहां भूलल-भटकलों मधुबनी आ रहिका चलि जएतहुं त पता चलि जाएत जे लगनक टाइम आबि गेल अछि... आओर सभागाछी मे सभावास चलि रहल अछि. बस स्टैंड... रेलवे स्टेशन... रिक्शा... टेम्पो पर... चारुकात कतहुं देखु... लाल-लाल धोती... चमकैत रेशमी आ मलमल के कुर्ता... ललका पाग... मुंह मे पान... हाथ मे बेंत संग कथा-वार्ताक गप मे लीन लोक मिलि जाएत छलाह. गपक विषय बस एकेटा... फलां बाबू के एतेक मे तय भेलन्हि त फलां बाबू के ओतेक मे. फलां बाबू किछ ओर धीरज रखतथिन्ह त आओर कम मे कथा तय भ जएतन्हि. ओ त धरफरा गेलाह. फलां बाबू ठका गेलाह. हुनका अपन बात पर अड़ल रहबाक चाही छलन्हि. नहि जाने कि कि... पहिने जे बात के पता पांच-सात किलोमीटर दूरहिं सं चलि जाएत छल. आई अहां सौराठ गाम सं घुमिओ कs चलि आएब त पता नहि चलत जे आई-काल्हि सभावास चलि रहल अछि. पहिने गाजा-बाजा के संग उद्घाटन होएत छल. बिरादरी के पैघ-पैघ लोक जुटए छलखिन्ह. नेता... मंत्री सभ आबैत छलाह. आब खोजलों सं नहि मिलताह. पहिने जे कथा बिना सभागाछी के शास्त्रा...
फोटो देखला के बाद, मोन मे अजीब बेचैनी समा गेल। लागैत छल, जेना दस दिन बाद आबय वाला जन्मदिन अखने आबि जाए। मन मे एकटा मीठ मिठास आ उत्सुकता भरि गेल। बार-बार लिफाफा खोलि, फोटो निकालि निहारय लागय छलहुं। किएक, मन कतहुं आओर लगात। हृदय मे एकटा अनजान उमंग, एकटा नबका सपना पलय लागल। हमर ई मनोदशा डेरा के पास रहय वाला गामक एकटा लड़का के पता चलि गेल। ओकरा सं बात आगां बढ़ि गेल। विआहक गप्प चलि रहल अछि, ई गप्प दिल्ली मे रहय वाला गामक सभ दोस्त सभ के कानों-कान खबर भ गेल। हमर गाम के हिसाब सं देखल जाय, त रोड कात मे गुप्ताजी सभ, आओर बाकी में कायस्थ-ब्राह्मणक बेसि आबादी छनि। लालाजी सभ के बेसि होए के कारण, सभ एक-दोसर के नाम के अंत मे 'लाल' लगा क पुकारैत छथिन्ह। गाम मे लोक सभ हमरो ‘हितलाल’ कहि क बुलाबैत छलाह। गाम मे हम सभ एक-दू क्लास आगां-पाछां के लड़का सभ- संगहि घुमलौं-फिरलौं, हंसी-मजाक, मस्ती, आ अपनापन के रंग मे रंगायल जिनगी बितेलौं। पढ़ाई आ काम-काज के सिलसिला मे गाम सं काफी लोक सभ दिल्ली आबि गेल छथिन्ह। हमहुं गाम सं दिल्ली अएला के बाद एहिठाम रहय वाला शेखरलाल, सुमनलाल, राजीवलाल, उदयलाल, विनोदलाल, मनोज...
एहन खबर अछि जे बिहार के पूर्णिया मे सुखोई के बेस बनाएल जाएत. एयर फोर्स के तरफ सं पूर्णिया एयर फोर्स स्टेशन के सुखोई-30 के लेल चयन करय के फैसला एकटा नीक खबर मानल जएबाक चाही. ई सभ चीन के बढ़ैत प्रभाव के देखैत कएल जा रहल अछि. पूर्णिया मे एयर फोर्स के बड़का विमान उतरय के सुविधा अछि मुदा सुखोई के लेल किछ अपग्रेड करय के जरूरत अछि. ओकरा करि लेल जाएत. एहि ठाम सुखोई के एकटा पूरा अड्डा बनत. अहां के कि लगैत अछि कि सरकार के ई कदम पहिनहि उठएबाक चाही छल ? भारत के जेहि हिसाब सं खतरा अछि ओहि हिसाब सं सीमावर्ती इलाका मे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास नहि कए गेल अछि. भारत के नेपाल... चीन सं लागल सीमावर्ती इलाका मे अहां देखि सकय छी जे बिजली...सड़क…पानी...संचार के कि हाल अछि? सरकार के तुरंत एकरा सभ के गंभीरता सं ल बिहार के पूरा सीमावर्ती इलाका मे सड़क के जाल बिछएबाक चाही. अखन त ई हाल अछि जे जगह-जगह गड्ढा बनल अछि कई ठाम त रोड बुझाएते नहि अछि. संचार व्यवस्था के सेहो खराब हाल अछि. अखनो सैकड़ो एहन गाम अछि जतय बिजली के पोल तक नहि अछि. अहां के कि लगैत अछि सरकार के कि- कि करय के जरूरत अछि? Fropper.com - Indian Da...
पिछला लेख मे हम अहां के कहने छलहुं जे बिहार सं रेल इंजन निर्माणक दु टा परियोजना आब बंगाल जा सकैत अछि. एहि पर नई दुनिया मे एकटा स्पेशल स्टोरी आएल अछि. लेख अछि ममता के एजेंडे मे बिहार से छीनो. बंगाल को दो नई दुनिया के एहि विशेष स्टोरी के अनुसार ममता बनर्जी आई-काल्हि कोलकाता मे बैसि बजट बनाबय के तैयारी मे लागल छथीह आओर एकर घोषणा आबय वाला रेल बजट मे भs सकैत अछि. एहि बारे मे एकटा खबर पहिनहुं बिजनेस के प्रतिष्टित साइट www.livemint.com मे सेहो आएल छल. आओर जखन हम एहि पर बिहार के झटका लिखलहुं त लोक सभ कहय लगलाह अहां अनेरो बात के तूल द रहल छी. अगर ई तूल देनाय छै त बैसल रहुं मुंह छिपा कs. खेलैत रहुं ताश आओर मारैत रहुं गप. ममता बनर्जी जकां नेता अहां के एहि आलस्यपन के फायदा उठा सभ प्रोजेक्ट अपना ठाम लs जएताह. तखन हाथ मलैत रहब. आबो जागु नहिं त सुतले कि आओर जागले कि वाला हाल भs जाएत. अपने जागु आओर अपन एमपी सभ के सेहो जगबिओन्हि. दूनु परियोजना कि शिफ्ट करय के खिलाफ अभियान चलाउ. अपन राय राखु... अपन विरोध जताउ.
बिहार के लेल एकटा गर्व केर बात अछि. बिहार के एकटा आओर प्रतिभा के सम्मानित कएल जा रहल अछि. एहि बेर सम्मानित भ रहल छथिन्ह बेतिया के पुलिस अधीक्षक निशांत कुमार तिवारी जी. बेतिया के एसपी निशांत तिवारी जीके राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल 25 तारीख के दिल्ली मे सम्मानित करतीह. राष्ट्रपति हिनका
दिल्ली मे रहय वाला मैथिल भाई-बहिन लोकनि के लेल बड़ नीक खबर अछि. आई 21 तारीख रवि दिन बिरला मंदिर मे सामा चकेवा के कार्यक्रम भ रहल अछि. सामा चकेवा भाई बहिन के प्रेमक त्योहार अछि. गाम मे रहय छलहुं त बच्चा मे दीदी...बुआ सभ के संग हमहुं सभ शामिल भ जाए छलहुं. सामा चकेवा कार्तिक शुक्ल द्वितीया के शुरू भ पूर्णिमा धरि चलैत अछि. एहि मे भाई आओर पति के दीर्घायु के लेल भगवान सं कामना कएल जाएत अछि. बिरला मंदिर मे यूथ ऑफ मिथिला के तरफ सं सामा फोरन कार्यक्रम सेहो भ रहल अछि. जे एकदम सं मैथिल तौर तरीका सं होएत. ई कार्यक्रम जय मिथिला ग्रुप के लहकचहक डॉट कॉम के सहयोग सं आयोजित भ रहल अछि. दिल्ली मे रहय वाला सभ मैथिल के एहि कार्यक्रम के लेल न्योत छनि. अहां सभ एहि कार्यक्रम के देखय लेल... एहि मे शामिल होए लेल अवश्य आबि. सामा चकेवा कार्यक्रम के समय अछि सांझ 6 बजे. ई करीब 8 बजे राति धरि चलत. कार्यक्रम स्थल के पूरा पता अछि. वाटिका, बिरला मंदिर, मंदिर मार्ग, नई दिल्ली- 110001 कोनो तरहक परेशानी होए त अहां सभ एहि फोन पर सम्पर्क क सकय छी. 96540-15163 आओर 90159-42074 त फेर भेंट होएत अछि बिरला मंदिर मे. Plann...
दिल्लीक ताज पैलेस होटलमे 31 अगस्तक दिन आयोजित भव्य संगोष्ठी आ पुस्तक विमोचन समारोह मिथिला आ सम्पूर्ण भारतक सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक चेतनाक दृष्टिकोण सं एकटा महत्वपूर्ण अवसर रहल। एहि आयोजनक मुख्य विषय छल 'भारतक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ
फेसबुक पर भवेश नंदन जी बड़ नीक चीज शुरू कएलाह. ओ अपन प्रोफाइल मे मैथिलीक भोजन सं संबंधित किछ एहन शब्द रखलाह जकर इस्तेमाल कम भ रहल अछि. हिनकर एहि कोशिश पर नीक-नीक कमेंट सेहो आबि रहल छनि. Vixy Pro के नाम सं विकास झा जीक कमेंट देखिऔ.. की यौ बाऊ...जमैन फैंक क फेसबुक पर बैसल छलु की. विकास जीक किछ शब्द जोड़य सेहो छथिन्ह. भवेश जी आओर विकास जी दूनु फिल्मकार छथिन्ह. दिल्ली मे रहय छथिन्ह आओर एहिठाम होए वाला मैथिली कार्यक्रम... समारोह मे बढ़ि-चढ़ि कs भाग लय छथिन्ह. अहां सभ सेहो भवेश जी... विकास जी आओर कृपा नंद झाजी जकां एहने किछ-किछ शब्द डालि एहि कड़ी के जोड़ैत रहिऔ. एहि शब्द के देखि क हम सभ गाम-घर मे वापस चलि जाए छी. ई शब्द अपन मिथिलाक याद दिलाबैत अछि. भवेश जी...विकास जी आओर कृपानंद झा जीक भोजन सं संबंधित किछ शब्द अछि... तीमन (vegetable), सोहारी (Bread), रामतरोई (Ladyfinger) , भांटा (Brinjal), भंसा घर' (Kitchen) , भानस (Cooking) , करछ (Serving spoon/Laddle), चंगेरा (Flatten Bamboo Basket) , रही(Blender) , गीरनाई (Gobble), झोर (Gravy) , संतोला (Orange), सियो (Apple), लेमनचूस (Candy...
पटनाक पुस्तक मेलामे पुरस्कार हेतु चयनित मिथिलाकें दू गोट युवा रत्न १. पत्रकार श्री सुशांत झा (निवासी-खोजपुर,मधुबनी) आ २. रंगकर्मी श्री नीलेश दीपक (निवासी- मौआही, मधुबनी) जेकि अपन अपन कर्मक्षेत्रमे राष्ट्रीय स्तर पर पहिचान बनेबामे दिन रातिकें संघर्षोपरांत चयन समितिकें बरख २०१४कें चयनार्थ प्रक्रियामे स्थान बनेबामे सबस’ आगाँ रहला अछि। सरस्वतीक एहेन कृपा जे अग्रज तुल्य श्री सुशांत झाकें सानिध्यमे
Here's wishing you & all your friends a mighty HAPPY & REJUVENATING 62nd INDEPENDENCE DAY from ANDAMAN & NICOBAR THE HISTORIC INDIAN CORAL ISLANDS.
ReplyDeleteThis is where the Indian Tricolor was hoisted for the very first time by Netaji Subhash Chandra Bose at the Gymkhana ground, Port Blair on 30th December, 1943 (Yesss... Well before the 15th August, 1947).
And our ANDAMAN & NICOBAR ISLANDS were the first Indian territory to be declared free from the shackles of the British imperialism by Netaji, the real Hero, heralding the complete Independence for the whole Indian nation.
As grateful citizens of Mother India, every Indian ought to be aware of this lesser-known historic fact of supreme importance and significance.
Vande Maataram!!!
Dhanyawad Shrinath jee
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