ईमेल सं मिलल एकटा मैसेज सं पता चलल जे फिल्मकार करण जौहर के एकटा फिल्म के लेल किछ लोक के जरूरत छनि. अगर अहां सभ फिल्म लाइन मे जाए सं रुचि राखय छी... अभिनय क्षेत्र सं जुड़डल छी... त अहां सभ के लेल ई नीक मौका अछि. नीचा देल गेल फोन पर सम्पर्क कs पूरा जानकारी ल लिअ.
Dharma Productions ( Karan Johar Films )
Requirement: Gilrs & Boys 20-55 age bracket.
Also looking out for kids girls: 11 to 13 and boys 8 to 10.
एहन खबर अछि जे बिहार के पूर्णिया मे सुखोई के बेस बनाएल जाएत. एयर फोर्स के तरफ सं पूर्णिया एयर फोर्स स्टेशन के सुखोई-30 के लेल चयन करय के फैसला एकटा नीक खबर मानल जएबाक चाही. ई सभ चीन के बढ़ैत प्रभाव के देखैत कएल जा रहल अछि. पूर्णिया मे एयर फोर्स के बड़का विमान उतरय के सुविधा अछि मुदा सुखोई के लेल किछ अपग्रेड करय के जरूरत अछि. ओकरा करि लेल जाएत. एहि ठाम सुखोई के एकटा पूरा अड्डा बनत. अहां के कि लगैत अछि कि सरकार के ई कदम पहिनहि उठएबाक चाही छल ? भारत के जेहि हिसाब सं खतरा अछि ओहि हिसाब सं सीमावर्ती इलाका मे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास नहि कए गेल अछि. भारत के नेपाल... चीन सं लागल सीमावर्ती इलाका मे अहां देखि सकय छी जे बिजली...सड़क…पानी...संचार के कि हाल अछि? सरकार के तुरंत एकरा सभ के गंभीरता सं ल बिहार के पूरा सीमावर्ती इलाका मे सड़क के जाल बिछएबाक चाही. अखन त ई हाल अछि जे जगह-जगह गड्ढा बनल अछि कई ठाम त रोड बुझाएते नहि अछि. संचार व्यवस्था के सेहो खराब हाल अछि. अखनो सैकड़ो एहन गाम अछि जतय बिजली के पोल तक नहि अछि. अहां के कि लगैत अछि सरकार के कि- कि करय के जरूरत अछि? Fropper.com - Indian Da...
जकर डर छल, सेहे भेल। पार्टी मे आएल किछु महिला सभ लेल त जेना मुंह मांगल मुराद पूरा भ गेलन्हि। गाम-घर के माए-बहिन सभ के जखन शहरक कोनो मसाला मिलि जाए छनि, त ओकरा चटकारा ल क सुनाबए मे कोनो कसर नहि छोड़ै छथिन्ह। पार्टी खत्म भेल, मुदा कानाफूसी शुरू भ गेल। मामला दिल्ली सं वाया रिश्तेदारी गाम तक पहुंचि गेल। सभ ठाम गप्प के केंद्र बनि गेल अल्का के हमरा सं चिपैट जनाए। अगर ई चिपटनाए कॉलेज मे भेल रहैत, त आम बात रहैत। मुदा मिथिलाक समाज मे, गाम-घर के लोक के बीच, ओहो मे एकटा विआहल महिला के—ई बात सभक लेल हजम करनाए कठिन छल। एक सं दोसरा, दोसरा सं तेसरा—बात फैलैत-फैलैत हमर गाम तक पहुंचि गेल। मां-बाबूजी के कान मे सेहो पड़ि गेल। पंडित जी के कान मे सेहो। मां-बाबूजी जतबा चिंतित, पंडितजी ओतबा उत्साहित। ओ सीधा हमर घर पहुंचि गेलाह, आ अपन पक्ष राखए लगलाह—हमरा प्रति लोक के भड़काबय के जतेक कोशिश होएत अछि, सब करय लगलाह। मुदा बाबूजी संयमित स्वर मे पंडित जी से कहलखिन्ह- एक त हमर बेटा चिपटल नहि, दोसर ओ लड़की विआहल छथीह, नीक परिवार के छथीह, आओर दिल्ली मे पढ़ि-लिखि क अमेरिका मे रहय छथीह। जतए गला मिलनाए साधारण बात छी। दून...
किर्र... किर्र... फोन के घंटी ऑफिस मे काजक बीच अचानक फोन के घंटी किर्र... किर्र... क बजि उठल। दफ्तर मे काज के बीच कोनो फोन आबै छै त मन खिसिआ जाए छै। ओना, आइ भोरे सं मन भारी छल। बाबूजी फेर सं विआहक गप्प चला टेंशन द देने छथिन्ह। फोन उठा क देखलौं—फेर बाबूजी। ई आइ हुनकर पांचम फोन छल। बाबूजी, आब की?—हम थाकल स्वर में पुछलौं। बौआ, अगर कोनो बात छै त खुलिsक बता द। हम सभ तोरे संग छी। मां के सेहो कोनो परेशानी नै, ओ एडजस्ट क लेतीह। जतय तोहर मर्जी, ओतय हमर सभ के मर्जी। बस, सभ किछ नीक सं भ जाय। तू चिंता नै करह, हम सभ छी न। हम बाबूजी के कहैत रहि गेलौं जे ओहन कोनो बात नै छै, जकरा लेल अहां एतेक बेचैन छी। मुदा बाबूजी मानय लेल तैयार नै। गाम मे पंडितजी के एकटा बात, नवका खुरपेंच लगा देने अछि। मां-बाबूजी के मन मे गुनधून मचि गेल छनि। बेर-बेर फोन क पुछय छथिन्ह—तू लड़की के नाम, ओकर परिवार के बारे मे बताबह, हम बात क लेबय। परेशान होए के कोनो बात नै छै। हम बुझि रहल छलौं जे पंडितजी सभ किछ बता देने होएथिन्ह, मुदा जाति-बिरादरी के बारे मे किछ नै बतौने होएतन्हि, आ ई बात गाम-घर के लोक के लेल सभ सं पैघ चर्चा के वि...
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
मैथिली के चौबीसों घंटा वाला अपन चैनल 18 जून सं शुरू भs रहल अछि. चैनल के नाम अछि सौभाग्य मिथिला . मिथिला... मैथिलीक लेल ई नीक खबर अछि. करीब पांच करोड़ मैथिल के लेल ई मैथिलीक पहिल मनोरंजन चैनल होएत. लाइन मे किछ आओर चैनल अछि मुदा किछ एहन पेंच... कारण अछि जेहि सं ओ ऑन एयर नहि भS रहल अछि. सौभाग्य मिथिलाक तैयारी अखन जोर-शोर सं चलि रहल अछि. चैनल के काज देख रहल छथिन्ह प्रफुल्ल कुमार मिश्रजी. प्रफुल्लजी करीब 14 साल सं टीवी सं जुड़ल छथिन्ह. आओर सौभाग्य मिथिला के धरातल पर लाबय लेल दिन-राति एक कएने छथिन्ह. प्रफुल्ल जीक संग चैनल सं कइटा आओर अनुभवी लोक सभ जुड़ल छथिन्ह जे मिथिला... मैथिल सभ्यता... संस्कृति आओर साहित्य के लोक के बीच पहुंचाबय लेल प्रयासरत छथिन्ह. प्रिंट पत्रकारिता आओर रंगमंच सं जुड़ल कुमार शैलेन्द्र जी चैनल के प्रोग्रामिंग देख रहल छथिन्ह. उम्मीद करबाक चाही जे ओ नीक-नीक कार्यक्रम लsक अएताह. कईबेर हुनकर नाटक देखय के मौका मिलल अछि. नीक काज करय छथिन्ह. सौभाग्य मिथिला पर भोर मे 6 बजे सं लs क राति साढ़े दस बजे धरि अहां के नबका-नबका कार्यक्रम देखायल जाएत. राति मे अहां दिनका किछ नीक कार्यक्रम...
दिल्लीक ताज पैलेस होटलमे 31 अगस्तक दिन आयोजित भव्य संगोष्ठी आ पुस्तक विमोचन समारोह मिथिला आ सम्पूर्ण भारतक सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक चेतनाक दृष्टिकोण सं एकटा महत्वपूर्ण अवसर रहल। एहि आयोजनक मुख्य विषय छल 'भारतक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ
इंस्टिट्यूटक आखिरी दिन छल... कॉन्वोकेशन मे शामिल अठाइसो स्टुडेंट... स्टुडेंट नहि जर्नलिस्ट कहिऔ...बड़ खुश छलखिन्ह...कॉन्वोकेशन केर बाद भेल पार्टी मे कई अखबारक एडिटर... बड़का-बड़का पत्रकार... मंत्री... नेता... अधिकारी... आओर दिल्ली मे रहय वाला पत्रकार सभ अपन-अपन दोस्त... परिवार के संग आएल छलाह. सभ एक-दोसरा सं मिल रहल छलाह... नाचि-गा रहल छलाह... खा-पीब रहल छलाह. हमहुं किनको सं गप करय मे बिजी छलहुं...कि मिताली आबि कहलीह, “हाय हितेंद्र, हिनका सं मिलु... हमर कजिन तान्या...फाइनल ईयर मे छथीह” घर पर अक्सर अहांक आओर दोसर फ्रेंड सभ के बारे मे गप होएत रहैत अछि. मुदा ई अहां सं किछ बेसि प्रभावित छथीह कि आखिर हितेंद्र मे कि छनि जे हम एतेक तारीफ करैत रहय छिएन्हि...लिअ आई खुद मिलि लिअ...एतेक कहि ओ तान्या के हमरा पास छोड़ि दोसर लोक सभ सं मिलए-जुलए लगलीह. तान्या! अहा कि कहल जाए. हम देखतहि रहि गेलहुं. जेना कोनो फिल्मी हीरोईन... जेना कोनो स्वर्गक अप्सरा साक्षात हमरा आगां ठाड़ होतहि. सुन्दरता के जतेक प्रसंशा कएल जाए कम होएत... गोर खिलल-खिलल चेहरा... एकटा अलगे लालिमा लेने... जेना दूध मे सिंदूर मिला द...
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मे शनि दिन, 12 नवम्बर के मिथिला महोत्सव-6 आ मैथिली साहित्य महोत्सव-3 के आयोजन कएल गेल। मैथिल पत्रकर ग्रुप द्वारा प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया आ ओखला प्रेस क्लब के सहयोग स एहि कार्यक्रम केर आयोजन कएल गेल। आयोजनक शुरुआत मैथिली साहित्य महोत्सव ३ सं भेल। साहित्य महोत्सव के दू सत्र मे दूटा विषय पर चर्चा भेल, ‘हवाई जहाज दरभंगा पहुँचला पर मिथिलाक विकास केँ कतेक पाँखि भेटल’ आ
फेसबुक पर भवेश नंदन जी बड़ नीक चीज शुरू कएलाह. ओ अपन प्रोफाइल मे मैथिलीक भोजन सं संबंधित किछ एहन शब्द रखलाह जकर इस्तेमाल कम भ रहल अछि. हिनकर एहि कोशिश पर नीक-नीक कमेंट सेहो आबि रहल छनि. Vixy Pro के नाम सं विकास झा जीक कमेंट देखिऔ.. की यौ बाऊ...जमैन फैंक क फेसबुक पर बैसल छलु की. विकास जीक किछ शब्द जोड़य सेहो छथिन्ह. भवेश जी आओर विकास जी दूनु फिल्मकार छथिन्ह. दिल्ली मे रहय छथिन्ह आओर एहिठाम होए वाला मैथिली कार्यक्रम... समारोह मे बढ़ि-चढ़ि कs भाग लय छथिन्ह. अहां सभ सेहो भवेश जी... विकास जी आओर कृपा नंद झाजी जकां एहने किछ-किछ शब्द डालि एहि कड़ी के जोड़ैत रहिऔ. एहि शब्द के देखि क हम सभ गाम-घर मे वापस चलि जाए छी. ई शब्द अपन मिथिलाक याद दिलाबैत अछि. भवेश जी...विकास जी आओर कृपानंद झा जीक भोजन सं संबंधित किछ शब्द अछि... तीमन (vegetable), सोहारी (Bread), रामतरोई (Ladyfinger) , भांटा (Brinjal), भंसा घर' (Kitchen) , भानस (Cooking) , करछ (Serving spoon/Laddle), चंगेरा (Flatten Bamboo Basket) , रही(Blender) , गीरनाई (Gobble), झोर (Gravy) , संतोला (Orange), सियो (Apple), लेमनचूस (Candy...
Fropper.com - Indian Dating, Friendship, Romance पिछला पांच दिन सं बिहार मे जारी जूनियर डॉक्टर के हड़ताल खत्म भ गेल अछि. सरकार के मांग मानि लेबय के बाद डॉक्टर सभ काज पर वापस आबि गेलाह. आब हुनका सभ के 25 हजार रुपया के स्टाइपेंड मिलतन्हि. मुदा एहि हड़ताल के कारण इलाज नहि होए सं 46 लोक मारल गेलाह. हड़ताल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल... पीएमसीएच आओर दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल...डीएमसीएच दुनु मे छल. मांग मानि लेल गेलाह पर डॉक्टर सभ वापस त आबि गेलाह मुदा जे लोक इलाज के अभाव मे मरि गेलाह ओकर भरपाई केना होएत ? कि एकरा लेल हड़ताली डॉक्टर दोषी नहि छथि ? कि सरकार सं ई मांग दोसर कोनो तरहे नहि मनाएल जा सकय छल ? कि डॉक्टर के लेल आब सेवा भावना आओर शपथ कोनो मायने नहि रखैत अछि ? कि सभ किछ के पाइए सं तौलल जाएत ?. हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com Mithila, Maithili,Madhubani Paintings, Darbhanga, Samastipur, Muzaffarpur, Sitamarhi,nepal, janakpur,kamla balan, bagmati, kusha, ahilya, border, Janki, Kosi, Purnea, Saharsa, Madhepura, Araria, Supaul, Bihar, bihari, Patna, Lalu,laloo, Nitish, Paswan, Kojagra...
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ReplyDeleteAhanke neek laagal... ee jaani man khush bha gel... dhanyawad
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