आनंद शंकर होताह बिहार के नवका पुलिस महानिदेशक...डीजीपी. आनंद शंकर सीनियर आईपीएस अधिकारी छथिन्ह आओर अखन नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक पद पर छथिन्ह. ओ डी एन गौतम जी के स्थान पर पुलिस प्रमुख बनताह. गौतमजी 31 जुलाई के रिटायर भs रहल छथिन्ह.
एकटा आओर खबर ई अछि जे अनूप मुखर्जी बिहार के नवका मुख्य सचिव होताह. ओ 2 अगस्त के आरजेएम पिल्लई के स्थान पर मुख्य सचिव बनथिन्ह. मुखर्जी जी अखन विकास आयुक्त छथिन्ह.खबर त इहो अछि जे पिल्लई जी बिहार लोक सभा आयोग... बीपीएससी के अध्यक्ष बनि सकय छथि.
हमर गाम केवटी मे मिथिला पेंटिंग ट्रेनिंग सेंटर खुली रहल अछि. गाम के लेल ई बड़ नीक गप अछि. एहि सं दरभंगा-मधुबनी जिला के एकटा बड़का इलाका के लोक फायदा उठा सकय छथिन्ह. किएक त हमर गाम दरभंगा आओर मधुबनी जिला के बीच मे अछि. केवटी द क दरभंगा सं नेपालक सीमा जयनगर के जोड़य वाला नेशनल हाइवे सेहो जाएत अछि. हमर गामक हाईस्कूल मे अखनो इलाका के 10-12 किलोमीटर तक के छात्र पढ़य आबय छथिन्ह. ओना जखन हम स्कूल मे छलहुं तखन कहि सकय छी 50-50 किलोमीटर दूर तक के छात्र एहि ठाम पढय आबय छलखिन्ह. ओहि टाइम एहि ठाम छात्रावास के नीक व्यवस्था छल. सुदिष्ठ झा जीक समय केवटी स्कूल के पूरा दरभंगा-मधुबनी जिला मे एकटा अलग प्रतिष्ठा प्राप्त छल. आब गाम मे मिथिला पेंटिंग ट्रेनिंग सेंटर खुली रहल अछि. एहि सेंटर के खोलय के शुभ कार्य करय जा रहल छथिन्ह राम कुमार दास जी. राम कुमार दास जी रिटायर माइनिंग इंजीनियर छथिन्ह. दास जी अखन 65 साल के छथिन्ह. दस साल के उम्र मे गाम सं पढ़ाई-लिखाई... नौकरी के सिलसिला मे जे बाहर निकललखिन्ह तं आब 55 साल बाद फेर सं गाम वापस आबय के मौका मिललन्हि. पढ़ाई-लिखाई आ नौकरी लेल गाम सं निकलला पर कई बेर लोक म...
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
श्वेता, हिनका सं मिलू... अपन दरभंगे के छथिन्ह। ई कहि राजीव जी विस्तार सं हमर परिचय देबय लगलाह। हम दूनू हाथ जोड़ि नमस्कार क श्वेता के जन्मदिनक शुभकामना देलौं आ अपना संग लाएल गिफ्ट हुनका थमा देलौं। राजीव जी हमरा दूनू के अकेला मे बातचीत करय के मौका देबय लेल खाना-पीना के तैयारी देखय के नाम पर ओतय सं चलि गेलाह। बर्थडे विश के बाद आब की गप्प कएल जाए- दूनू गोटे के जेना किछु फुराइए नै रहल छल। बस एक-दोसर के देखैत, मुस्कुरा रहल छलौं। मोन मे होए छल जे ई कहिएन्हि त ओ कहिएन्हि, मुदा शब्द जेना गुम भ गेल छल। जिनका सं मिलए लेल ओतेक तैयारी- सामने अएलि त एकदम सं बोलती बंद! जेना-जेना लोक सभ के हमरा बारे मे पता चलय लगलन्हि, खुसुर-पुसुर शुरू भ गेल। सभ गोटे के नजर हमरा आ श्वेता पर। मुदा हम त जेना ओहि ठाम के लोक, देश-दुनिया सं बेखबर, बस श्वेता मे गुम। ओहि बीच श्वेता के नजर शेखर पर पड़ल। हाए शेखर, केहन छी अहां? की सभ भ रहल छै? शेखर सं गप्प करैत देख, राजीव जी हमरा अपन आओर रिश्तेदार, गाम-घर के लोक सभ सं मिलाबय लगलाह। लोक सभ सं परिचय होएत रहल, गप्प-सप्प चलैत रहल। मुदा बीच-बीच मे नजर अपने-आप श्वेता दिस चलि जाइत छल...
फोटो देखला के बाद, मोन मे अजीब बेचैनी समा गेल। लागैत छल, जेना दस दिन बाद आबय वाला जन्मदिन अखने आबि जाए। मन मे एकटा मीठ मिठास आ उत्सुकता भरि गेल। बार-बार लिफाफा खोलि, फोटो निकालि निहारय लागय छलहुं। किएक, मन कतहुं आओर लगात। हृदय मे एकटा अनजान उमंग, एकटा नबका सपना पलय लागल। हमर ई मनोदशा डेरा के पास रहय वाला गामक एकटा लड़का के पता चलि गेल। ओकरा सं बात आगां बढ़ि गेल। विआहक गप्प चलि रहल अछि, ई गप्प दिल्ली मे रहय वाला गामक सभ दोस्त सभ के कानों-कान खबर भ गेल। हमर गाम के हिसाब सं देखल जाय, त रोड कात मे गुप्ताजी सभ, आओर बाकी में कायस्थ-ब्राह्मणक बेसि आबादी छनि। लालाजी सभ के बेसि होए के कारण, सभ एक-दोसर के नाम के अंत मे 'लाल' लगा क पुकारैत छथिन्ह। गाम मे लोक सभ हमरो ‘हितलाल’ कहि क बुलाबैत छलाह। गाम मे हम सभ एक-दू क्लास आगां-पाछां के लड़का सभ- संगहि घुमलौं-फिरलौं, हंसी-मजाक, मस्ती, आ अपनापन के रंग मे रंगायल जिनगी बितेलौं। पढ़ाई आ काम-काज के सिलसिला मे गाम सं काफी लोक सभ दिल्ली आबि गेल छथिन्ह। हमहुं गाम सं दिल्ली अएला के बाद एहिठाम रहय वाला शेखरलाल, सुमनलाल, राजीवलाल, उदयलाल, विनोदलाल, मनोज...
बिहार के लेल एकटा गर्व केर बात अछि. बिहार के एकटा आओर प्रतिभा के सम्मानित कएल जा रहल अछि. एहि बेर सम्मानित भ रहल छथिन्ह बेतिया के पुलिस अधीक्षक निशांत कुमार तिवारी जी. बेतिया के एसपी निशांत तिवारी जीके राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल 25 तारीख के दिल्ली मे सम्मानित करतीह. राष्ट्रपति हिनका
जकर डर छल, सेहे भेल। पार्टी मे आएल किछु महिला सभ लेल त जेना मुंह मांगल मुराद पूरा भ गेलन्हि। गाम-घर के माए-बहिन सभ के जखन शहरक कोनो मसाला मिलि जाए छनि, त ओकरा चटकारा ल क सुनाबए मे कोनो कसर नहि छोड़ै छथिन्ह। पार्टी खत्म भेल, मुदा कानाफूसी शुरू भ गेल। मामला दिल्ली सं वाया रिश्तेदारी गाम तक पहुंचि गेल। सभ ठाम गप्प के केंद्र बनि गेल अल्का के हमरा सं चिपैट जनाए। अगर ई चिपटनाए कॉलेज मे भेल रहैत, त आम बात रहैत। मुदा मिथिलाक समाज मे, गाम-घर के लोक के बीच, ओहो मे एकटा विआहल महिला के—ई बात सभक लेल हजम करनाए कठिन छल। एक सं दोसरा, दोसरा सं तेसरा—बात फैलैत-फैलैत हमर गाम तक पहुंचि गेल। मां-बाबूजी के कान मे सेहो पड़ि गेल। पंडित जी के कान मे सेहो। मां-बाबूजी जतबा चिंतित, पंडितजी ओतबा उत्साहित। ओ सीधा हमर घर पहुंचि गेलाह, आ अपन पक्ष राखए लगलाह—हमरा प्रति लोक के भड़काबय के जतेक कोशिश होएत अछि, सब करय लगलाह। मुदा बाबूजी संयमित स्वर मे पंडित जी से कहलखिन्ह- एक त हमर बेटा चिपटल नहि, दोसर ओ लड़की विआहल छथीह, नीक परिवार के छथीह, आओर दिल्ली मे पढ़ि-लिखि क अमेरिका मे रहय छथीह। जतए गला मिलनाए साधारण बात छी। दून...
पिछला लेख मे हम अहां के कहने छलहुं जे बिहार सं रेल इंजन निर्माणक दु टा परियोजना आब बंगाल जा सकैत अछि. एहि पर नई दुनिया मे एकटा स्पेशल स्टोरी आएल अछि. लेख अछि ममता के एजेंडे मे बिहार से छीनो. बंगाल को दो नई दुनिया के एहि विशेष स्टोरी के अनुसार ममता बनर्जी आई-काल्हि कोलकाता मे बैसि बजट बनाबय के तैयारी मे लागल छथीह आओर एकर घोषणा आबय वाला रेल बजट मे भs सकैत अछि. एहि बारे मे एकटा खबर पहिनहुं बिजनेस के प्रतिष्टित साइट www.livemint.com मे सेहो आएल छल. आओर जखन हम एहि पर बिहार के झटका लिखलहुं त लोक सभ कहय लगलाह अहां अनेरो बात के तूल द रहल छी. अगर ई तूल देनाय छै त बैसल रहुं मुंह छिपा कs. खेलैत रहुं ताश आओर मारैत रहुं गप. ममता बनर्जी जकां नेता अहां के एहि आलस्यपन के फायदा उठा सभ प्रोजेक्ट अपना ठाम लs जएताह. तखन हाथ मलैत रहब. आबो जागु नहिं त सुतले कि आओर जागले कि वाला हाल भs जाएत. अपने जागु आओर अपन एमपी सभ के सेहो जगबिओन्हि. दूनु परियोजना कि शिफ्ट करय के खिलाफ अभियान चलाउ. अपन राय राखु... अपन विरोध जताउ.
अल्का के गेलाह के बाद, जिनगी एकदम सं सुनसान, वीरान जकां भ गेल। हम रोज हुनका सं बात करय के कोशिश करैत रहलौं—फोन करैत रहलौं, मैसेज पठबैत रहलौं, मुदा हर बेर ओ चुप्पी साधि लैत रहलीह। कोनो जवाब नै। हुनकर आवाज सुनय के आस मे दिन मे कई बेर फोन लगाबैत रहैत छलौं, मुदा ओ हर बेर फोन काटि दैत रहय छलीह। हुनका देखय आ मिलय केर चाह मे अहमदाबाद तक गेलहुं, मुदा ओ हमरा संग खुद अपना सं एतेक नाराज भ गेल छलीह जे ओ मिलय तक सं इनकार करि देलीह। ओहि दिन के बाद फेर कोनो संपर्क नहि रहल। किछु दिन बाद पता चलल जे हुनकर शादी भ गेलन्हि। ओ आब हमर दुनिया सं बहुत दूर, सात समुंदर पार यूएस चलि गेलीह। ई खबर सुनि, मोन के भीतर किछु टुटि गेल। फेर हुनका सं संपर्क करय के कोनो कोशिश नहि कएलौं। दिन-राति आब त बस ओहि याद मे बीतय लागल। कोनो काज मे मोन नहि लागए, बस अपना-आप सं भागैत, भीड़ मे रहितौं अकेलापन के अनुभव करैत रहलौं। किछ दिन छुट्टी ल क एक तरहे डेरा मे बंद भ गेलौं। हंसी-मजाक करय वाला हम, धीरे-धीरे गंभीर आ देवदास जकां बनि गेलौं। जिनगी के सभ रंग फीका पड़ि गेल। ऐना कतेक दिन करतौं। समय के संग-संग, धीरे-धीरे अपन आप के सम्हारय क...
फेसबुक पर भवेश नंदन जी बड़ नीक चीज शुरू कएलाह. ओ अपन प्रोफाइल मे मैथिलीक भोजन सं संबंधित किछ एहन शब्द रखलाह जकर इस्तेमाल कम भ रहल अछि. हिनकर एहि कोशिश पर नीक-नीक कमेंट सेहो आबि रहल छनि. Vixy Pro के नाम सं विकास झा जीक कमेंट देखिऔ.. की यौ बाऊ...जमैन फैंक क फेसबुक पर बैसल छलु की. विकास जीक किछ शब्द जोड़य सेहो छथिन्ह. भवेश जी आओर विकास जी दूनु फिल्मकार छथिन्ह. दिल्ली मे रहय छथिन्ह आओर एहिठाम होए वाला मैथिली कार्यक्रम... समारोह मे बढ़ि-चढ़ि कs भाग लय छथिन्ह. अहां सभ सेहो भवेश जी... विकास जी आओर कृपा नंद झाजी जकां एहने किछ-किछ शब्द डालि एहि कड़ी के जोड़ैत रहिऔ. एहि शब्द के देखि क हम सभ गाम-घर मे वापस चलि जाए छी. ई शब्द अपन मिथिलाक याद दिलाबैत अछि. भवेश जी...विकास जी आओर कृपानंद झा जीक भोजन सं संबंधित किछ शब्द अछि... तीमन (vegetable), सोहारी (Bread), रामतरोई (Ladyfinger) , भांटा (Brinjal), भंसा घर' (Kitchen) , भानस (Cooking) , करछ (Serving spoon/Laddle), चंगेरा (Flatten Bamboo Basket) , रही(Blender) , गीरनाई (Gobble), झोर (Gravy) , संतोला (Orange), सियो (Apple), लेमनचूस (Candy...
हुनकर रूप-यौवनक आभा गुलाबी साड़ी के झिलमिलाहट सं झांकि रहल छल। हम हुनकर फोटो के रूप-माधुर्य मे एतेक तल्लीन भ गेलहुं जे बुझायल, ओ साक्षात हमरा सामने ठाढ़ छथि- मुस्कियाइत, नजरि गड़ौने। जेना कहि रहल छथि- की देख रहल छी? आगू आउ। ई रस भरल लाल ठोर अहीं के लेल अछि। हमर गालक लाली, ई रूप-यौवन—सब अहीं के लेल। डरू नै, आगां बढू। हमरा अपन आलिंगन मे ल लिअ, अपन बांहि मे समेटि हमर अतृप्त यौवन के तृप्त करि दिअ। जन्म-जन्म के पिआस बुझा दिअ। हमरो मोन मे उत्साह भरि गेल- किछु हिम्मत भेल। मन भेल जे कम से कम हुनकर चेरी सन ठोर के स्वाद त चखि लिअ। प्रेमक प्रथम निशान हुनकर खिलल अधर पर द दिअ। हम फोटो के साक्षात हुनका बुझि चुमय लेल आगू बढ़लहुं। एतबा में फोनक घंटी बाजि उठल। तंद्रा टूटि गेल। सपना के रंगीन दुनिया सं बाहर आबि गेलहुं। दिल धड़कय लागल- जेना दिवाली के चारि दिन पहिने सं फुलाएल हुक्कालोली सलाइयक काठी देखते धधकि उठैत अछि। ओह... एहन मधुर सपना सं जगा देलक। मोन भेल जे फोन उठा जोर सं पटकि क फोड़ि दी। मुदा ओम्हर मामाजी के आवाज सुनि मन मसौसि क रहि गेलौं। मामाजी सेहो बिआह के बात ल क फोन केएने छलाह। हुनकर गप्प सुनि त...
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