सूरत छोड़ो यूपी-बिहारी...

आई राष्ट्रपिता गांधीजी बड़ याद आबि रहल छथि. हुनकर एतेक कमी कहिओ नहि खलल छल. बापू अहां के देश के ई कि भs गेल अछि ? कि देश एहिना विकास के रास्ता पर जाएत ? मिडिल स्कूल मे पढ़ने छलहुं जे हम सभ भारत गणराज्य के निवासी छी. देश मे कतहुं आबि-जाए- बसि सकय छी. एक दोसरा संग रहि सकय छी. सभ देशवासी एक छी. मुदा हाई स्कूल मे गेलहुं त पता चलल जे जम्मू-कश्मीर मे अहां बसि नहि सकय छी. अपन देश के किछ खास दोसर इलाका मे जाए के लेल अहां के सरकार के बताबए पड़त. आओर जखन कॉलेज के पढ़ि कs बाहर अएलहुं त पता चलल जे असम नहि जाs… जम्मू-कश्मीर नहि जाs… महाराष्ट्र नहि जाs... कर्नाटक नहि जाs... गुजरात नहि जाs… एहि ठाम के लोक बिहारी के विदेशी बुझैत अछि. आन जकां बर्ताव करैत अछि. मारैत-पीटैत अछि. कि केंद्र के कांग्रेस सरकार गांधीजी के एहि सपना के साकार करय मे लागल अछि ?

पहिने लोक कमाए लेल बंगाल... असम जाए छलाह. असम मे हिंसा के बाद पंजाब... हरियाणा... मुम्बई आओर दिल्ली के रूख कएलाह. मुदा असम मे दोसर राज्य वाला के जे भगाबय के रोग रहै ओ मुम्बई... दिल्ली वाला के सेहो लागि गेल. सरकार के ढुलमुल रवैया... लचीलापन... वोट... तुष्टिकरण के राजनीति के कारण देशक एकता पर असर पड़ल. सिर्फ शहर के विकास पर ध्यान देय वाला सरकार के कारण गाम सं लोक के पलायन होए लागल. मुदा शहर मे कमाए के लेल गेल बिहारी लोक के मारय-पीटय जाए लागल. बिहारी... भैया कहि कs बुलाएल जाए लागल. पूरा देश के अपन घर- आंगन मानय वाला बिहारी लोक के अपमान कएल जाए लागल. कहल गेल अपना घर जाs.

बिहारी कहिओ राज ठाकरे के महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के निशाना बनल त कहिओ कर्नाटक मे स्थानीय छात्र सभ के. कहिओ दिल्ली के दुर्दशा के लेल शीला दीक्षित बिहारी के जिम्मेदार ठहरयलीह त कहिओ केंद्र सरकार एकोटा मंत्री नहि बना बिहार के ठेंगा देखएलक... त कहिओ पुणे मे इंटरव्यू मे बिहारी छात्र सं पूछल गेल कि देश के क्राइम कैपिटल कोन अछि ? आब नंबर आएल अछि गुजरात के शहर सूरत के.
सूरत के महानगर पालिका कमिश्नर एस अपर्णा के साफ कहनाय छनि यूपी –बिहार वालो गुजरात छोड़ो. सूरत दुनिया भर मे डायमंड सिटी के नाम सं जानल जाएत अछि. सूरत मे बिहार-यूपी के हजारों लोक डायमंड आओर कपड़ा उद्योग मे काज कs रहल छथिन्ह. राज्य के राजस्व आओर विकास मे अपन योगदान द रहल छथिन्ह. मुदा जखन सूरत मे आएल बाढ़ि सं प्रभावित एहन इलाका जतय कोनो बुनियादी सुविधा नहि अछि. लोक बाढ़ि सं परेशान छलाह. खाए-पिबए के आफत छल. एहन मे कोनो सांत्वना देबय... धीरज देबय के जगह... दुख पर मरहम लगाबय के जगह कमिश्नर साहिबा लिंबायत मोहल्ला के लोक के उल्टे डांटय लगलीह. कमिश्नर साहिबा के कहनाय छलन्हि जे सुविधा चाही त बिहार जा. एहि ठाम कोनो सुविधा… मदद नहि मिलतह. तों सभ गुजरात मे आबि कs घिनौने छ.
परेशानी... मुसीबत... कष्ट सुनय के बजाए घर लौटय के नसीहत... एकरा अहां कि कहबय ? देश के जिम्मेदार लोक सं अहां एहन बयान के उम्मीद कs सकय छी ? कि बिहार देश मे नहि अछि ? असम मे बिहारी के मारय वाला... कर्नाटक मे छात्र सभ के मारय वाला ... महाराष्ट्र मे बिहारी के दौड़-दौड़ा कs पीटय वाला के खिलाफ अखन धरि कोनो कार्रवाई भेल अ जे आगां किछ होएत ? मुदा ई बिहार- बिहारी के लेल कोनो पहिल घटना थोड़े अछि ? दू- चारि दिन बाद इहो मामला ठंडा जाएत. छै कि नहि ?

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Comments

  1. BIHARI KE JIKAR AIB GELA PAR JENA LAGAIYA KI GALI DEL JA RAHLA AICHH. AHAN PUNJAB KE BISAIR GELAUN. ETO SEHA BARTAV HOYI CHHAI JE DOSAR JAGAH BHAY RAHL AICHH. KHAIR TAYIO THIK CHHAI BAKI KE MUKABLA. SANDEEP KUMAR

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