बिहार मे खेती के बढ़ावा देबय के लेल...पैदावार...उपज बढ़यबा लेल...वैज्ञानिक तरीका सं खेती केर लाभ उठयबा लेल... बिहार सरकार एकटा योजना कर काज क रहल अछि. कृषि वैज्ञानिक गाम केर ओर नाम सं शुरू भेल एहि योजना मे कृषि वैज्ञानिक सभ गाम मे जाs क किसान सभ के उन्नत खेती के तौर तरीका बतयथिन्ह. एहि मे किसान सभ के खेती के आधुनिक तौर - तरीका के गुर सिखायल जाएत. पिछला दिन एहि विषय पर समस्तीपुर के बिरौली के कृषि विज्ञान केंद्र मे एकटा समारोह भेल. जाहि मे कृषि वैज्ञानिक गाम केर ओर योजना के शुरुआत कएल गेल. एहि मौका पर कृषि मंत्री के कहनाय छलन्हि जे बिहार मे उन्नत खेती के अपार संभावना अछि. राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जैसन संस्था खेती के आधुनिक बनाबय के दिस कार्यरत अछि. आओर आब कृषि वैज्ञानिक गाम- गाम जा क आधुनिक खेती के... उन्नत खेती के... वैज्ञानिक खेती के प्रचार प्रसार करथिन्ह. हर पंचायत मे जा क कार्यशाला कएल जाएत. खेती के क्षेत्र मे होय वाला रिसर्च... अनुसंधान केर बारे मे लोक के बताएल जाएत... जागरूकता लाएल जाएत. सरकार... कृषि विज्ञान केंद्र के ई नीक पहल अछि अगर खेती के क्षेत्र मे होए वाला नब-नब रिसर्च...खोज के फायदा किसान तक पहुंचय अछि त ई नीक गप्प होएत. मुदा एहि के लेल लोक सभ के सेहो जागरूक रहय पडतन्हि नहि त दोसर सरकारी योजना के तरह ईहो एकटा दिखावा भरि रहि जाएत आओर खानापूर्ति कs योजना चलैत रहत.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
takhne pragati hoyat, nitish ji je thik nahi kay saktah te bihar pher se jagannath mishra aa lalujik rah par chali jayat.
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