अखन बरसात शुरूए भेल अ कि दरभंगा... मधुबनी में बाढ़िक हालात बनि गेल अछि. पूरा टाउन में पानि भरि गेल छै. बाइढ़क हाल छै. कई ठाम तs घर में पानि सेहो घुसि गेल अछि. शहर में चलनाय मुश्किल भs गेल छै. दरभंगा... मधुबनी के ज्यादातर इलाका में पानि भरल छै. दरभंगा में कादिराबाद सं लsक कटहलबाड़ी... बाकरगंज..लहेरियासराय आओर मधुबनी में गिलेशन बाजार... गदियानी... मिलन टाकीज सं गांधी चौक... महादेव मंदिर रोड... लहेरियागंज रोड सभ ठाम पानि भरला सं लोक के चलनाय फिरनाय दूभर भs गेल अछि. बाटा चौक के हाल तs आओर खराब अछि . चारु कात कादो पानि नजर आबैत अछि. लोक बेसि जरूरी काज पड़ले पर घर सं निकलैत छथि. अखने ई हाल अछि तs बाढ़िक समय में कि होएत अंदाजा लगा सकैत छी? ओना दरभंगा के प्रमंडलीय आयुक्त डॉ दीपक प्रसाद शहर के बाढि आओर जलजमाव सं बचाबय के लेल कार्य योजना पर काज शुरू करय के कहलथिन्ह अ. संगहि संग शहर के सुरक्षा तटबंध पर सेहो नजर राखय के आदेश देलथिन्ह अ.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
एसे ही जानकारी के बहाने हमें मिथिला भी समझना अच्छी तरह से आता जा रहा है। लिखते रहिए। साधुवाद।
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