दरभंगा में किसान मेला के आयोजन भs रहल अछि. किसान मेला आयोजन करय के फैसला बिहार सरकार के अछि. किसान मेला दरभंगा के संग राज्य के राज्य के तीन आओर मंडल में कएल जाएत. मेला के आयोजन अगिला महीना दरभंगा के संग पटना, भागलपुर आओर पूर्णिया में होएत. मेला सात जून से शुरू होयत. किसान मेला के मार्फत सं बिहार सरकार किसान भाई लोकनि के कृषि...खेतीबारी सं जुड़ल नव- नव जानकारी देबय जाहय छथिन्ह. एहि ठाम किसान भाई लोकनि के खेतीबारी के आधुनिक उपकरण सभ के देखय... जानय के मौका मिलत. एहि ठाम लोकक के कृषि वैज्ञानिक सभ सं खेती के बारे में राय मशविरा करय के मौका सेहो मिलतन्हि.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
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