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कि लालू- नीतीश के लड़ाई मे बिहार पिस रहल अछि ?

राजनीति के बिसात एहन होएत अछि जे बड़का-बड़का धुरंधर के चित्त करि दैत अछि.  राजा के एना घेर लेल जाएत अछि जे ओ चाहैत ओहि घेर सं नहि निकैल पाबैत अछि.  आओर एहि चाल मे कइटा दोसर लोक मोहरा बनि जाए छथि.  एकर नतीजा जनता भुगतैत अछि.
आब अहां देखिऔ रेल बजट आएल.  आम बजट आएल.  दुनु मे बिहार के संग भेदभाव कएल गेल.  उपेक्षा कएल गेल.  रेल बजट मे बिहार के एक तरह सं झुनझुना देखा देल गेल.  मुदा रेल बजट मे बिहार के अनदेखी के जतय ममता बनर्जी  निशाना बनतीह ओतय निशाना पर छथि लालू यादव.  आओर कांग्रेस के एहि चाल के अपन नीतीशजी सेहो शह त रहल छथिन्ह.  बात होबय चाही छल बिहार के विशेष दर्जा के...  पैकेज के...  मुदा ओ नहि भs रहल अछि.  भs रहल अछि लालू के.  एकरा कि कहबय?  कि ई बिहारके खिलाफ अभियान अछि ?   आओर नीतीश जी अनजाने मे ओकरा बढ़ावा द रहल छथिन्ह ? 
ममता बिहार के अनदेखी पर सफाई देबय के उलट लालू के निशाना बनौने छथिन्ह.  नीतीश नहि जानैत छथिन्ह जे एहि बहाने ओ अपना के पाछा राखि लालू के आगां लाबि रहल छथिन्ह...  जेहि सं लोक के ध्यान हुनका सं हटि जाए.  आब अहां देखते छी जे रेलवे के बिहार मे कि हाल अछि कोनो ट्रेन मे लात धरय के जगह नहि.  आओर एहन मे आओर रेल के मांग करय के बजाय ओ दोसर बेकार के लड़ाई मे उलझल छथि.
बिहार के नेता कहिआ समझत एहन चाल के ?  बात श्वेतपत्र के भ रहल अछि?  श्वेतपत्र आबिओ जाएत त कि होएत ?  मुदा तखन धरि बिहार के नुकसान भ गेल रहत ?  बिहार एहि लड़ाई मे उलझल रहत आओर दोसर राज्य विकास के हिस्सा लैत रहत.  जखन होश आएत तखन धरि सभ खत्म भs गेल रहत.  हाथ मलय के अलावा कोनो रास्ता नहि रहत.
एकटा गप इहो अछि जे कहिं ई नीतीश के अपन समस्या... विफलता सं ध्यान हटाबय के चाल त नहि छनि.  नीतीश जी भने चुनाव जीत गेलाह. मुदा ओ हर फ्रंट पर विफल साबित भ रहला अ.  ओतेक दिन के बाद धरातल पर अखन धरि किछ ठोस नहि देखा रहल अछि.  दरभंगा सं हमर गाम सोलह किलोमीटर पर अछि आओर हमर गाम सं गुजरय वाला रोड नेपाल के बॉर्डर जयनगर के जोड़ैत अछि मुदा चारि साल सं ई रोड हाइई वे त छोड़ु एकटा खरंजा सं सेहो बदतर अछि.  एहि रोड पर बस सं गेलाह पर भगवान के नाम जपय पड़ैत अछि.  ई त एकटा उदाहरण अछि.  चाहे बाढ़ि होए...  सुरक्षा होए...  बिजली होए... कारोबार होए...  पढ़ाई-लिखाई होए... सभ क्षेत्र मे कोनो खास प्रगति नहि अछि.  बस लोक के मन किछ चेंज भेल अछि.  ई बात बिहार मे रहय वाला लोक नीक स जानय छथिन्ह.  त एहन मे कि नीतीश अपना पर सं  ध्यान  हटाबय लेल केंद्र के हाथ के कठपुतली बनि गेलाह अ.
 अहां सभ अपन विचार दिअ कि सच मे लालू -नीतीश के लड़ाई मे बिहार के नुकसान त नहि भ रहल अछि ?. विकास के मुद्दा सं लोक के ध्यान हटि रहल अछि ?  रेल बजट.. आम बजट के अन्याय सं लोक के ध्यान हटाबय लेल ई सभ भ रहल अछि ?  कि एहि मे नीतीश कुमार केंद्र के मोहरा बनि गेलाह ?  आ नीतीश सरकार अपन कमजोरी सं ध्यान हटाबय लेल एना करि रहल अछि ?  अहां अपन विचार जरूर राखब .

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2 comments:

  1. Vikash Purush Nitish should explain his happiness before the people of Bihar.
    Is he against Lalu Yadav or against the people of Bihar- especially those who reside northern part of the state.
    R. Sharma

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  2. Ham ahank vichar s,a sahamat chhi. ekhan dhari RAJNITI me ee dekhal gel je adhiktar NETA apna rajya ke ''mudda''par SATTA-AA-VIRODHI ek-jut bhay jayat achhi,lekin jakhan BIHAR ke jarurat achhi ta NITISH galat rajniti kay rahal chhati, hunka t,a akhunka samay me LALU JI ke samarthan karwak chahi,kendra me.halanki bihar,k jagruk janta hunak har-ek chaal par dhyaan rakhane chhanhi,yadi samay rahait NITISH ji apna chali me sudhar nahi karta ta,agila CHUNAW me hunka ANJAM bhugta pritai.
    PRABANDHA
    MANIGACHI,DARBHANGA

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