सात-आठ साल बाद गाम सं बारात जाएब



गाम जा रहल छी. गामक बारात गेलाह सात-आठ साल सं बेसि भ गेल. मिथिलाक गाम घर सं बारात जाए केर आनंदहि किछ आओर अछि.

दिल्ली –नोएडा अएला के बाद काम-काज मे ऐना ओझरएलौं जे कइटा खास मौका पर गाम

नहि जा पएलौं. मीडिया मे छुट्टी सेहो कम मिलैत अछि. लोक सभ सेहो ई सोचि जे छुट्टी ल अएताह आ नहि...एहि लेल बस फोन कs ई जानकरी द दए छलाह जे फनां के विवाह अछि. ओहि के बाद गप खत्म.

कोनो ठाम से खास आग्रह नहि भेल जे अएबे करय... तोहर अनाए एकदम जरूरी छ. कोनो बहाना नहि चलतह...आबैए पड़तह. एहन किछ नहि.

संगहि-संग कई बेर शादी विवाह के टाइम एहन समय रहल जेहि समय बच्चा सभ के स्कूल मे छुट्टी नहि मिलल...या तं कोनो टेस्ट रहल आ फेर कोनो असाइनमेंट. अकेले जनाए सेहो नीक नहि लागए छल.

इहो रहल जे घर मे हमरा सं दोसर शादी करय वाला के नंबर सेहो काफी दिन बाद आएल. आब एहि बेर आंगन मे शादी भ रहल अछी. छोटा बाबू के लड़का के... छोट भाई के. बारात केवटी से कमतौल तरह जाएत.

गामक बारात के...भोज-भात मे जे आनंद अछि जो मेट्रो सिटी के बड़का-बड़का होटल...बैंक्वेट हॉल मे भेल पार्टी शादी-विवाह मे नहि.

खनाए-पीनाए होए आ स्वागत-सत्कार. कोनो तुलना नहि. पांत मे बैसाक भोज खनाए. कनि ओर लिअ...तं भैया के दिऔ...छोटका कका के दूटा आओर रसगुल्ला दिऔ...यौ सोन भाई अहां किएक हाथ बारने छी. एना नहि चलत...ई सभ सहर मे नहि मिलत.

24 नवंबर के दिल्ली सं चलि रहल छी. 25 के दरभंगा पहुंचब. शादी 28 के अछि फेर दू दिसंबर के गाम से दिल्ली लेल चलब.

ओना तं एहि साल दू फेर गाम जनाए भेल... मुदा जहांतक बारात जाए के बात ओ काफी दिन बाद मिल रहल अछि आओर अखम गामक बारात जाए के खुशी मे डूबल छी.







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