जीवन आ मृत्युक बीच में ठाड़ युवा लोक गायिका अंशुमालाक कद्रदान कतय नहि अछि. हुनकर दुनू किडनी ख़राब भ गेल अछि. बड़ आ सासुरक लोक हुनका सें आपन दामन छुड़ा लेने अछि. ताहि सें समाज आ सरकारक कोनो जिम्मदारी नहि बनैत अछि की? बेसी दिन नहि भेल अछि, दू बरख पहिने जिनकर लोक गायकी के कद्रदान पटना से ल क दिल्ली धरि छल. ओ आवाज एखन कतय अछि? अहि आवाजक दम पर पटना विश्वविद्यालय से ल क दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस अप्पन प्रतिष्ठा कायम राखैत छल. बिहार सरकार हुनकर कला पर इतराबैत छल आ दिल्ली में जखन कहियो बिहारक अस्मिताक गप होयत छल ते ओकरा बचाबैक लेल हुनकर आवाज काफी छल. मैथिली आ भोजपुरी के नब कलाकारक गप होयत छल ते सबहक जुबां पर नाम होयत छल- अंशुमाला. जिनगी और मृत्यु क जे फासला अछि,, ओहि फासला के बीच आय युवा लोक गायिका अंशुमाला ठाड़ छथिन, क्याकि हुनकर
हेलो मिथिला - मिथिलाक गप मैथिली मे