श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मे शनि दिन, 12 नवम्बर के मिथिला महोत्सव-6 आ मैथिली साहित्य महोत्सव-3 के आयोजन कएल गेल। मैथिल पत्रकर ग्रुप द्वारा प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया आ ओखला प्रेस क्लब के सहयोग स एहि कार्यक्रम केर आयोजन कएल गेल। आयोजनक शुरुआत मैथिली साहित्य महोत्सव ३ सं भेल। साहित्य महोत्सव के दू सत्र मे दूटा विषय पर चर्चा भेल, ‘हवाई जहाज दरभंगा पहुँचला पर मिथिलाक विकास केँ कतेक पाँखि भेटल’ आ
अभी तुम गर्व से हंसकर कहती हो सभी तुम्हें देखकर जीते हैं गाते हैं और मुस्कुराते हैं पर मैं चाहता हूं कि तुम मुझे देख कर जीओ गाओ और मुस्कुराओ और अगर तुम्हारे चेहरे पर मुझे ये न दिखा तो मैं तुम्हे देखते हुए मरकर दिखा दूंगा तब तुम अपनी भूल के कारण मेरी चिता पर आंसू बहाओगी
ई व्यंग पूर्णतः काल्पनिक अछि। एकर पात्र , घटना वा परिस्थितिसँ कोनो लेना-देना नै अछि। जँ कोनो पात्र वा घटना किनकोसँ मिलैत छन्हि तँ एकरा मात्र संयोग बूझल जाए। एहि अपीलकेँ बाबजूदो जँ केओ एहि व्यंगक घटनाकेँ
वरिष्ठ साहित्यकार श्री जगदीश मंडल जी के हुनक उपन्यास 'पंगु' लेल वर्ष 2021 केर मैथिली भाषाक साहित्य अकादमी पुरस्कार सं सम्मानित कएल जएबाक निर्णय भेल अछि। एहि सम्मान के लेल मंडल जी के हार्दिक बधाई आ शुभकामना। हिनकर उपन्यास 'पंगु' साल 1942-75 के बीच केर किसानक परिवेश पर आधारित अछि। ई उपन्यास साल 2018 मे छपल छल।
मैथिली पुत्र प्रदीप नहि रहलाह। आइ शनिदिन, 30 मई, 2020 के भोरे-भोर एहि दुनिया सं विदा भs गेलाह। निधन के खबर मिलतहि लहेरियासराय के बेलवागंज मे हिनकर निवास के बाहर
ट्विटर स्पेस पर 20 सितंबर केर मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर चर्चा राखल गेल छल। परिचर्चा के शुरुआत सभदिन जकां नित्यानंद झा जी करलखिन्ह। बाद मे नितेश झा निक्की जी सेहो जुड़ि गेलखिन्ह। परिचर्चा मे मिथिला स्टूडेंट यूनियन के युवा नेता अनूप मैथिल जी मिथिला राज्य निर्माण यात्रा पर विस्तार सं अपन बात राखलखिन्ह। अनूप जी कहलखिन्ह जे हम सभ गाम-गाम जा मिथिला के आम लोक के जगाबय के काज करब।
शीर्षक पढि कने उटपटांग लागल होयत। मोने सोचैत होयब जे लगभग पांच कोटि लोकक ठोर पर जाहि अमिट, अतिपावन भाषाक राज अछि, जे भाषा भारतक संगहि-संग नेपाल मे सेहो विशेष प्रतिष्ठित अछि, जे भाषा अपन विशाल आ अमूल्य साहित्यनिधिक बल पर भारतीय संविधानक आठम अनुसूची मे सन्हिया गेल, जे भाषा जनक सुता जानकीक कंठ-स्वर सं निकलैत छल, जाहि माटिक संस्कार सिया कें सुशीला बनौलक, ताहि भाषा पर कोन संकट आबि गेल? वा फेर सोचैत होयब जे हम बताह त' नहि भ' गेलहुं अछि? नाना प्रकारक सोच दिमागी समुद्र मे हिलकोर मारैत होयत। जं से सत्ते, त' अपन सोच कें कने स्थिर करी। असल मे ई प्रश्न आइ-काल्हि पद्मश्री उदित नारायण (झा) क' रहल छथि, सेहो पूरा तामझामक संग। मायक भाषा संग मोह जिनगी भरि बनल रहैत छैक। चाहे कतेको स्वार्थंधता वा दंभता केर गर्दा मोन-मस्तिष्क मे हो मुदा जखन भावना प्रबल प्रवाह होइत छैक त' लोक कें मोन पड़ैत छैक माय, मातृभाषा आ मातृभूमि। ओ प्रत्येक वस्तु जाहि मे मातृअंश हो, एक-एक के मोन पड़य लगैत छैक। मैथिली मे गायन शुरू कS आइ सफलताक उच्चतम शिखर पर पहुंचल उदित नारायण के कोनो एक भाषाक गायक नहि कहल जा सकैत अछ...
अलग तेलंगाना राज्य बनाबय के घोषणा के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहलखिन्ह जे सिर्फ तेलंगाने सं काज नहि चलत पूरा देश मे एकहि संग कइटा छोट-छोट राज्य बनाबय के जरूरत अछि. पूरा देश मे राज्य सभ के पुनर्गठन होबाक चाही. हुनकर साफ कहनाय छनि जे देश मे अखनो कइटा बड़का-बड़का राज्य अछि जकर पुनर्गठन करि छोट-छोट राज्य बनयबाक चाही. नीतीश जी के इहो कहनाय छलन्हि जे हुनकर पार्टी शुरू सं एकर पक्ष मे रहल अछि. ई त भेल नीतीश जी के गप...ओम्हर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मायावती त अलग राज्य बनाबय के बारे मे प्रधानमंत्री के चिट्ठी सेहो भेज देलखिन्ह. मायावती जी के साफ कहनाय छनि जे ओ छोट राज्य के पक्ष मे छथिन्ह आओर बुंदेलखंड के संग दोसर राज्य बनबाक चाही. मायावती जीक एहि कदम के देखैत नीतीशजी के सेहो मिथिलांचल राज्य के लेल एकटा चिट्ठी प्रधानमंत्री जी के लिखबाक चाही. आओर एकरे संग-संग मिथिलांचल के सभ सांसद महोदय... प्रतिनिधि महोदय के अपन गतिविधि तेज करि देबाक चाही. मिथिलांचल के सभ एमएलए... एमपी... मिथिला राज्य संघर्ष सं जुड़ल संगठन सभ के लेल ई एकटा नीक मौका अछि. एकरा चुकबाक नहि चाही. किछ पाबय के लेल किछ म...
अलग मिथिला राज्य लेल आई रविदिन, 21 अगस्त के दिल्लीक जंतर-मंतर पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन तरफ सं विशाल प्रदर्शन कएल गेल। हजारों केर संख्या मे मैथिल लोक सभ जंतर-मंतर पर आबि अलग मिथिला राज्यक मांग जोर-शोर सं उठैलाह।
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