चुनाव-चक्र -रूपेश कुमार झा 'त्योंथ'


नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ

रहत ओतय मंच साजल, संगहि दू -चारिटा माइक लागल
बीच ठाम ओ अपने बैसता, चमचा बैसत कात रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
उजरा कुरता-धोती पहिरने , सौंसे मुंह मे पान गलोठने
जाति- पाति कें हम नहि मानी बजता नेता माइक पकड़ने
झोड़ा ल' ले , झंता ल' ले , शीघ्र धो मुंह -हाथ रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
विपक्षी कें चोर कहैत अपना कें ओ साउध बतौता
गरैज -गरैज क' ओ पॉँच वर्षक घटना सुनौता
हमरा - तोरा समझ मे नहि अओंतौ कोनो बात रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ।
भाषण खाहे खराप लगौ वा लगौ तोरा नीमन
देता नगदी नरायण जाहि सं कीनब किछु तरकारी - तीमन
टोपी देता , गमछा देता आ देता गंजी साथ रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
आगां नारा बजता नेता , पाछां - पाछां जनता बाजत
उपर बला कें बिसरि सब , हुनके देवता मानत
वादा करता जाओं ओ जीतता , देता कम्बल -खाट रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
चिकरि- चिकरि जहन ओ थकता , भरी गिलास पानि गटकता
नाक - मुंह चमका - चमका क' अपन चुनावी चिह्न देखओता
अपन चुनावी नारा बाजि ओ जोडि लेता हाथ रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
एहन प्रलोभन कें बूते निश्चय जीत जेता ओ नेता
कुर्सी पबिते ओ सब मिलिक' देश - जनता कें लूटि - लूटि खेता
जनता पीटैत रहि जायत फेरो पॉँच साल माथ रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ । 
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