सहरसा मे बिजली संकट सं परेशान लोक के धीरज आखिर जवाब द गेल. बिजली कटौती सं परेशान लोक बिजली ऑफिस जाsक जमि कs हंगामा कएलखिन्ह आओर बिजली विभाग के जीएम के चेहरा पर कालिख पोति देलखिन्ह. लोक के गुस्सा तखन आओर बढ़ि गेल जखन हुनका सभ के पता चललन्हि जे सहरसा के बिजली दोसर शहर के देल जा रहल अछि. बिजली के आबए-जाए सं परेशान महिला सभ शिकायत लs क बिजली ऑफिस गेलीह मुदा ओहि ठाम जीएम के बर्ताव देखि हुनका सभ के गुस्सा आबि गेलन्हि. लोक सभ खिसिआ कs जीएम के चेहरा पर कालिख पोति देलखिन्ह. जे कर्मचारी विरोध कएलखिन्ह हुनका चूड़ी पहिना देल गेल. सहरसा मे पिछला कई दिन सं बिजली के अनियमित आपूर्ति भs रहल अछि जेहि सं लोक परेशान छथिन्ह.
पिछला लेख मे हम अहां के कहने छलहुं जे बिहार सं रेल इंजन निर्माणक दु टा परियोजना आब बंगाल जा सकैत अछि. एहि पर नई दुनिया मे एकटा स्पेशल स्टोरी आएल अछि. लेख अछि ममता के एजेंडे मे बिहार से छीनो. बंगाल को दो नई दुनिया के एहि विशेष स्टोरी के अनुसार ममता बनर्जी आई-काल्हि कोलकाता मे बैसि बजट बनाबय के तैयारी मे लागल छथीह आओर एकर घोषणा आबय वाला रेल बजट मे भs सकैत अछि. एहि बारे मे एकटा खबर पहिनहुं बिजनेस के प्रतिष्टित साइट www.livemint.com मे सेहो आएल छल. आओर जखन हम एहि पर बिहार के झटका लिखलहुं त लोक सभ कहय लगलाह अहां अनेरो बात के तूल द रहल छी. अगर ई तूल देनाय छै त बैसल रहुं मुंह छिपा कs. खेलैत रहुं ताश आओर मारैत रहुं गप. ममता बनर्जी जकां नेता अहां के एहि आलस्यपन के फायदा उठा सभ प्रोजेक्ट अपना ठाम लs जएताह. तखन हाथ मलैत रहब. आबो जागु नहिं त सुतले कि आओर जागले कि वाला हाल भs जाएत. अपने जागु आओर अपन एमपी सभ के सेहो जगबिओन्हि. दूनु परियोजना कि शिफ्ट करय के खिलाफ अभियान चलाउ. अपन राय राखु... अपन विरोध जताउ.
जकर डर छल, सेहे भेल। पार्टी मे आएल किछु महिला सभ लेल त जेना मुंह मांगल मुराद पूरा भ गेलन्हि। गाम-घर के माए-बहिन सभ के जखन शहरक कोनो मसाला मिलि जाए छनि, त ओकरा चटकारा ल क सुनाबए मे कोनो कसर नहि छोड़ै छथिन्ह। पार्टी खत्म भेल, मुदा कानाफूसी शुरू भ गेल। मामला दिल्ली सं वाया रिश्तेदारी गाम तक पहुंचि गेल। सभ ठाम गप्प के केंद्र बनि गेल अल्का के हमरा सं चिपैट जनाए। अगर ई चिपटनाए कॉलेज मे भेल रहैत, त आम बात रहैत। मुदा मिथिलाक समाज मे, गाम-घर के लोक के बीच, ओहो मे एकटा विआहल महिला के—ई बात सभक लेल हजम करनाए कठिन छल। एक सं दोसरा, दोसरा सं तेसरा—बात फैलैत-फैलैत हमर गाम तक पहुंचि गेल। मां-बाबूजी के कान मे सेहो पड़ि गेल। पंडित जी के कान मे सेहो। मां-बाबूजी जतबा चिंतित, पंडितजी ओतबा उत्साहित। ओ सीधा हमर घर पहुंचि गेलाह, आ अपन पक्ष राखए लगलाह—हमरा प्रति लोक के भड़काबय के जतेक कोशिश होएत अछि, सब करय लगलाह। मुदा बाबूजी संयमित स्वर मे पंडित जी से कहलखिन्ह- एक त हमर बेटा चिपटल नहि, दोसर ओ लड़की विआहल छथीह, नीक परिवार के छथीह, आओर दिल्ली मे पढ़ि-लिखि क अमेरिका मे रहय छथीह। जतए गला मिलनाए साधारण बात छी। दून...
एहन खबर अछि जे बिहार के पूर्णिया मे सुखोई के बेस बनाएल जाएत. एयर फोर्स के तरफ सं पूर्णिया एयर फोर्स स्टेशन के सुखोई-30 के लेल चयन करय के फैसला एकटा नीक खबर मानल जएबाक चाही. ई सभ चीन के बढ़ैत प्रभाव के देखैत कएल जा रहल अछि. पूर्णिया मे एयर फोर्स के बड़का विमान उतरय के सुविधा अछि मुदा सुखोई के लेल किछ अपग्रेड करय के जरूरत अछि. ओकरा करि लेल जाएत. एहि ठाम सुखोई के एकटा पूरा अड्डा बनत. अहां के कि लगैत अछि कि सरकार के ई कदम पहिनहि उठएबाक चाही छल ? भारत के जेहि हिसाब सं खतरा अछि ओहि हिसाब सं सीमावर्ती इलाका मे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास नहि कए गेल अछि. भारत के नेपाल... चीन सं लागल सीमावर्ती इलाका मे अहां देखि सकय छी जे बिजली...सड़क…पानी...संचार के कि हाल अछि? सरकार के तुरंत एकरा सभ के गंभीरता सं ल बिहार के पूरा सीमावर्ती इलाका मे सड़क के जाल बिछएबाक चाही. अखन त ई हाल अछि जे जगह-जगह गड्ढा बनल अछि कई ठाम त रोड बुझाएते नहि अछि. संचार व्यवस्था के सेहो खराब हाल अछि. अखनो सैकड़ो एहन गाम अछि जतय बिजली के पोल तक नहि अछि. अहां के कि लगैत अछि सरकार के कि- कि करय के जरूरत अछि? Fropper.com - Indian Da...
किर्र... किर्र... फोन के घंटी ऑफिस मे काजक बीच अचानक फोन के घंटी किर्र... किर्र... क बजि उठल। दफ्तर मे काज के बीच कोनो फोन आबै छै त मन खिसिआ जाए छै। ओना, आइ भोरे सं मन भारी छल। बाबूजी फेर सं विआहक गप्प चला टेंशन द देने छथिन्ह। फोन उठा क देखलौं—फेर बाबूजी। ई आइ हुनकर पांचम फोन छल। बाबूजी, आब की?—हम थाकल स्वर में पुछलौं। बौआ, अगर कोनो बात छै त खुलिsक बता द। हम सभ तोरे संग छी। मां के सेहो कोनो परेशानी नै, ओ एडजस्ट क लेतीह। जतय तोहर मर्जी, ओतय हमर सभ के मर्जी। बस, सभ किछ नीक सं भ जाय। तू चिंता नै करह, हम सभ छी न। हम बाबूजी के कहैत रहि गेलौं जे ओहन कोनो बात नै छै, जकरा लेल अहां एतेक बेचैन छी। मुदा बाबूजी मानय लेल तैयार नै। गाम मे पंडितजी के एकटा बात, नवका खुरपेंच लगा देने अछि। मां-बाबूजी के मन मे गुनधून मचि गेल छनि। बेर-बेर फोन क पुछय छथिन्ह—तू लड़की के नाम, ओकर परिवार के बारे मे बताबह, हम बात क लेबय। परेशान होए के कोनो बात नै छै। हम बुझि रहल छलौं जे पंडितजी सभ किछ बता देने होएथिन्ह, मुदा जाति-बिरादरी के बारे मे किछ नै बतौने होएतन्हि, आ ई बात गाम-घर के लोक के लेल सभ सं पैघ चर्चा के वि...
मैथिली के चौबीसों घंटा वाला अपन चैनल 18 जून सं शुरू भs रहल अछि. चैनल के नाम अछि सौभाग्य मिथिला . मिथिला... मैथिलीक लेल ई नीक खबर अछि. करीब पांच करोड़ मैथिल के लेल ई मैथिलीक पहिल मनोरंजन चैनल होएत. लाइन मे किछ आओर चैनल अछि मुदा किछ एहन पेंच... कारण अछि जेहि सं ओ ऑन एयर नहि भS रहल अछि. सौभाग्य मिथिलाक तैयारी अखन जोर-शोर सं चलि रहल अछि. चैनल के काज देख रहल छथिन्ह प्रफुल्ल कुमार मिश्रजी. प्रफुल्लजी करीब 14 साल सं टीवी सं जुड़ल छथिन्ह. आओर सौभाग्य मिथिला के धरातल पर लाबय लेल दिन-राति एक कएने छथिन्ह. प्रफुल्ल जीक संग चैनल सं कइटा आओर अनुभवी लोक सभ जुड़ल छथिन्ह जे मिथिला... मैथिल सभ्यता... संस्कृति आओर साहित्य के लोक के बीच पहुंचाबय लेल प्रयासरत छथिन्ह. प्रिंट पत्रकारिता आओर रंगमंच सं जुड़ल कुमार शैलेन्द्र जी चैनल के प्रोग्रामिंग देख रहल छथिन्ह. उम्मीद करबाक चाही जे ओ नीक-नीक कार्यक्रम लsक अएताह. कईबेर हुनकर नाटक देखय के मौका मिलल अछि. नीक काज करय छथिन्ह. सौभाग्य मिथिला पर भोर मे 6 बजे सं लs क राति साढ़े दस बजे धरि अहां के नबका-नबका कार्यक्रम देखायल जाएत. राति मे अहां दिनका किछ नीक कार्यक्रम...
फोटो देखला के बाद, मोन मे अजीब बेचैनी समा गेल। लागैत छल, जेना दस दिन बाद आबय वाला जन्मदिन अखने आबि जाए। मन मे एकटा मीठ मिठास आ उत्सुकता भरि गेल। बार-बार लिफाफा खोलि, फोटो निकालि निहारय लागय छलहुं। किएक, मन कतहुं आओर लगात। हृदय मे एकटा अनजान उमंग, एकटा नबका सपना पलय लागल। हमर ई मनोदशा डेरा के पास रहय वाला गामक एकटा लड़का के पता चलि गेल। ओकरा सं बात आगां बढ़ि गेल। विआहक गप्प चलि रहल अछि, ई गप्प दिल्ली मे रहय वाला गामक सभ दोस्त सभ के कानों-कान खबर भ गेल। हमर गाम के हिसाब सं देखल जाय, त रोड कात मे गुप्ताजी सभ, आओर बाकी में कायस्थ-ब्राह्मणक बेसि आबादी छनि। लालाजी सभ के बेसि होए के कारण, सभ एक-दोसर के नाम के अंत मे 'लाल' लगा क पुकारैत छथिन्ह। गाम मे लोक सभ हमरो ‘हितलाल’ कहि क बुलाबैत छलाह। गाम मे हम सभ एक-दू क्लास आगां-पाछां के लड़का सभ- संगहि घुमलौं-फिरलौं, हंसी-मजाक, मस्ती, आ अपनापन के रंग मे रंगायल जिनगी बितेलौं। पढ़ाई आ काम-काज के सिलसिला मे गाम सं काफी लोक सभ दिल्ली आबि गेल छथिन्ह। हमहुं गाम सं दिल्ली अएला के बाद एहिठाम रहय वाला शेखरलाल, सुमनलाल, राजीवलाल, उदयलाल, विनोदलाल, मनोज...
दिल्ली मे बिहारक संस्कृति के झलक दिल्ली मे पिछला दिन लागल जेना बिहार मे आबि गेल छी. होली आओर महिला दिवस के अवसर पर बिहार उत्सव के आयोजन कएल गेल. लोक बिहारक लोकगीत आओर लोकनाटकक संग कत्थक नृत्यक आनंद उठएलाह. नृत्यांगना पुनीता शर्मा अपन बेहतरीन नृत्य सं लोक के झूमय लेल मजबूर क देलखिन्ह. कत्थक नृत्य यात्रा थीम पर छल. एहि मे जीवन यात्रा के मर्म के खूबसूरती सं पेश कएल गेल. कत्थक नृत्य के फ्यूजन मे बचपन...युवा आओर प्रौढावस्था के संग सुख-दुख...राग-द्वेष...प्रेम- नफरत जैसन विविध रंग सं जीवनक मर्म समझाबय के कोशिश कएल गेल. ई कार्यक्रम दिल्ली के सामाजिक संस्था राग विराग एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसाइटी के ओर सं कएल गेल. कार्यक्रम के शुरूआत संतोष नागर जीक वायलिन वादन से भेल. एहि के बाद भेल छल यात्रा. पुनीता जीक कोरियोग्राफी मे भेल एहि ई नृत्य नाटिका राग भटियार... बागेश्वरी... दरबारी सं होएत राज जोग सं खत्म भेल. एहि मे सविता अधिकारी... साक्षी कुमार आओर सुलगना राय अपन नृत्य सं मन मोहि लेलखिन्ह. एहि नृत्य नाटिका यात्रा के संगीत देलाह कासिफ खान. ...
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
मधुबनी के पास सौराठ मे आई काल्हि सौराठ सभा चलि रहल अछि. लोक सभ एहि सभा के सभागाछी के नाम सं जानैत छथिन्ह. पहिने अगर अहां भूलल-भटकलों मधुबनी आ रहिका चलि जएतहुं त पता चलि जाएत जे लगनक टाइम आबि गेल अछि... आओर सभागाछी मे सभावास चलि रहल अछि. बस स्टैंड... रेलवे स्टेशन... रिक्शा... टेम्पो पर... चारुकात कतहुं देखु... लाल-लाल धोती... चमकैत रेशमी आ मलमल के कुर्ता... ललका पाग... मुंह मे पान... हाथ मे बेंत संग कथा-वार्ताक गप मे लीन लोक मिलि जाएत छलाह. गपक विषय बस एकेटा... फलां बाबू के एतेक मे तय भेलन्हि त फलां बाबू के ओतेक मे. फलां बाबू किछ ओर धीरज रखतथिन्ह त आओर कम मे कथा तय भ जएतन्हि. ओ त धरफरा गेलाह. फलां बाबू ठका गेलाह. हुनका अपन बात पर अड़ल रहबाक चाही छलन्हि. नहि जाने कि कि... पहिने जे बात के पता पांच-सात किलोमीटर दूरहिं सं चलि जाएत छल. आई अहां सौराठ गाम सं घुमिओ कs चलि आएब त पता नहि चलत जे आई-काल्हि सभावास चलि रहल अछि. पहिने गाजा-बाजा के संग उद्घाटन होएत छल. बिरादरी के पैघ-पैघ लोक जुटए छलखिन्ह. नेता... मंत्री सभ आबैत छलाह. आब खोजलों सं नहि मिलताह. पहिने जे कथा बिना सभागाछी के शास्त्रा...
फेसबुक पर भवेश नंदन जी बड़ नीक चीज शुरू कएलाह. ओ अपन प्रोफाइल मे मैथिलीक भोजन सं संबंधित किछ एहन शब्द रखलाह जकर इस्तेमाल कम भ रहल अछि. हिनकर एहि कोशिश पर नीक-नीक कमेंट सेहो आबि रहल छनि. Vixy Pro के नाम सं विकास झा जीक कमेंट देखिऔ.. की यौ बाऊ...जमैन फैंक क फेसबुक पर बैसल छलु की. विकास जीक किछ शब्द जोड़य सेहो छथिन्ह. भवेश जी आओर विकास जी दूनु फिल्मकार छथिन्ह. दिल्ली मे रहय छथिन्ह आओर एहिठाम होए वाला मैथिली कार्यक्रम... समारोह मे बढ़ि-चढ़ि कs भाग लय छथिन्ह. अहां सभ सेहो भवेश जी... विकास जी आओर कृपा नंद झाजी जकां एहने किछ-किछ शब्द डालि एहि कड़ी के जोड़ैत रहिऔ. एहि शब्द के देखि क हम सभ गाम-घर मे वापस चलि जाए छी. ई शब्द अपन मिथिलाक याद दिलाबैत अछि. भवेश जी...विकास जी आओर कृपानंद झा जीक भोजन सं संबंधित किछ शब्द अछि... तीमन (vegetable), सोहारी (Bread), रामतरोई (Ladyfinger) , भांटा (Brinjal), भंसा घर' (Kitchen) , भानस (Cooking) , करछ (Serving spoon/Laddle), चंगेरा (Flatten Bamboo Basket) , रही(Blender) , गीरनाई (Gobble), झोर (Gravy) , संतोला (Orange), सियो (Apple), लेमनचूस (Candy...
सहरसे मे नई बिहार के हर जिला मे बिजली के स्थिति बड़ खराब अछि। सरकार सेहो किछ नई करि रहल अछि।
ReplyDeleteब्रजेश कुमार , लालबाबू
दरभंगा