आरजेडी प्रमुख लालू यादव जी फेर सं माछ खाए लगलाह. अहि पर पटना के हिन्दुस्तान अखबार मे पवन के एकटा नीक कॉर्टून छपल अछि. हम चाहब जे अहां सब सेहो ओहि कॉर्टून के देखि आनंद लिअ.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मे शनि दिन, 12 नवम्बर के मिथिला महोत्सव-6 आ मैथिली साहित्य महोत्सव-3 के आयोजन कएल गेल। मैथिल पत्रकर ग्रुप द्वारा प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया आ ओखला प्रेस क्लब के सहयोग स एहि कार्यक्रम केर आयोजन कएल गेल। आयोजनक शुरुआत मैथिली साहित्य महोत्सव ३ सं भेल। साहित्य महोत्सव के दू सत्र मे दूटा विषय पर चर्चा भेल, ‘हवाई जहाज दरभंगा पहुँचला पर मिथिलाक विकास केँ कतेक पाँखि भेटल’ आ
गप्प भेलाह बाद बाबूजी किछु शांत भेलाह, मुदा मां के बेचैनी कम नहि भेलन्हि। ओ बार-बार बाबूजी के टोकैत रहलीह- अहां त एकरा एकदम हल्का सं लेने छियै। कनि सीरियस भ क सोचिऔ। कनिओ ध्यान नहि द रहल छी, एकदम सं अनठिएने छियै। मां के चिंता दिन-ब-दिन बढ़ैत जा रहल छल। ओ कहैत रहलीह—सभ किछु अपन समय पर नीक लगै छै। अखन नै विआह करबन्हि त कहिया करबन्हि? बूढ़ाs जाएत तखन करबन्हि? बौआ केर संग तुरिया के सभ लड़का सभके घर बसि गेल छैनि, नेना-भुटका सेहो भ गेल छैनि। नहि होए छै त अहां खुद दू दिन लेल दिल्ली चलि जाउ। जाउ, नीक सं बात क लिअ। नहि त बौआ के बुला लिअ। काम-काज नीक सं चलिए रहल छनि...फेर कोन दिक्कत छनि? अहां बौआ के दोस्त सभ सं सेहो किएक नै बात करय छिएन्हि? अखन विआह करय के उमर छनि। शोभा-सुन्दर के सेहो एकटा समय होए छै। आब त एहन भ गेल जे मां दिन भरि मे चारि-पांच बेर बाबूजी के सामने एहि बात के छोड़ि दैत छलीह। बाबूजी चुपचाप सुनैत, मुदा भीतर-भीतर ओहो परेशान भ उठलाह। संयोग सं एहि बीच मामा जी सेहो घुमैत-फिरैत गाम पहुंचि गेलाह। खाना खाए काल मां हुनका सामने सेहो एकर जिक्र क देलखिन्ह। दिल्ली वाला ...
गाम घर में त दुर्गा पूजा...इंद्र पूजा...सरस्वती पूजा... चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर नाटक देखबाक लेल मिल जाइत छल...मुदा गाम घर से बाहर निकलला पर...सेहो बिहारक बाहर... दिल्ली, एनसीआर जइसन जगह में मैथिलीक कोनो नाटक...गीतनादक कार्यक्रम देखबा लेल कमे मिलैत अछि...आओर जों देखबाक लेल मिलैत अछि त वो एकटा सुखद अहसास स कम नहिं होयत अछि...ओना दिल्ली, नोएडा में मैथिली के आन कार्यक्रम...विद्यापति समारोह सभ होयत रहय छै...मुदा कार्यक्रमक बीच अंतराल एतेक होयत अछि जे पूछु नई... खैर बहुत दिनक बाद मैथिल लोकनि के दिल्ली में एकटा बढ़िया नाटक देखबाक लेल मिलल...दिल्ली के मंडी हाउस इलाका में मैथिली के प्रसिद्ध साहित्यकार ब्रजकिशोर शर्मा मणिपद्म जीक उपन्यास पर आधारित नाटक नैका बंजारा क मंचल कएल गेल... मिथिला में नैका बंजारा लोक कथाक रूप में प्रचलित अछि...एकरा ब्रजकिशोर शर्मा मणिपद्म जी उपन्यासक रूप देने छथिन्ह...जाहि लेल हुनका साहित्य अकादमी पुरस्कार स सेहो सम्मानित कएल गेल ...एहि उपन्यास के नाटकक रूप देला कुमार शैलेन्द्र जी...मैथिल दर्शक स भरल ऑडिटोरियम में मैथिली नाटक देखनाय लोकक लेल सुखद छल... ध्वनि आ प्रका...
पार्टी में मौजूद सभ लोक एक-दोसर के मुंह ताकए लगलाह। सभ के चेहरा पर अचरज छल—ई की भ रहल अछि? खुसुर-पुसुर शुरू भ गेल। बड़-पुरान लोक सभ त सोचए लगल—कहां त हवा चलि रहल छल जे श्वेता लेल ई लड़का देखल जा रहल छै, आओर ई त...! एम्हर अल्का जी के खुशी के ठेकान नै रहल। ओ हमरा पजिअनै हमरा आंखि मे झांकैत बोलैज जा रहल छलीह- कहां चलि गेल छलौं अहां? एकदमे सं बिसैर गेलौं अहां? हम अहां के कहिओ माफ नै करब... अहां सं हम बड्ड नाराज जी... मुदा जखन हुनका ई भान भेलनि जे ओ कोनो प्राइवेट जगह पर नै बल्कि पार्टी में छथिन्ह, त अपना के संभारैत, हमरा अपन पांज सं मुक्त करैत श्वेता के कहली—जानए छी! हितेन हमर कॉलेज के जमाना के बेस्ट फ्रेंड छथिन्ह। अल्का जी अपन उत्साह मे कहए लगलीह- जखन अहांक रिश्ता के गप्प सुनलौं, त मोन मे आयल जे शायद ई ओहे हेताह, मुदा सौ प्रतिशत श्योर नै छलौं। कॉलेज के बाद एकदम सं कटि गेल छलौ, आ हम एहि बारे मे पूछताछ सेहो नै कएलौं। अल्का हमरा आ श्वेता के पकड़ि राजीव जी लग ल गेलीह आओर कहलीह- भैया, जानए छी, हम सभ एके कॉलेज में छलहुं। हमर बेस्ट फ्रेंड... कॉलेज मे हमर सभक अलगे धाक रहए। पढ़ाई मे हमर खूब हेल्प क...
दिल्लीक ताज पैलेस होटलमे 31 अगस्तक दिन आयोजित भव्य संगोष्ठी आ पुस्तक विमोचन समारोह मिथिला आ सम्पूर्ण भारतक सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक चेतनाक दृष्टिकोण सं एकटा महत्वपूर्ण अवसर रहल। एहि आयोजनक मुख्य विषय छल 'भारतक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ
अल्का के गेलाह के बाद, जिनगी एकदम सं सुनसान, वीरान जकां भ गेल। हम रोज हुनका सं बात करय के कोशिश करैत रहलौं—फोन करैत रहलौं, मैसेज पठबैत रहलौं, मुदा हर बेर ओ चुप्पी साधि लैत रहलीह। कोनो जवाब नै। हुनकर आवाज सुनय के आस मे दिन मे कई बेर फोन लगाबैत रहैत छलौं, मुदा ओ हर बेर फोन काटि दैत रहय छलीह। हुनका देखय आ मिलय केर चाह मे अहमदाबाद तक गेलहुं, मुदा ओ हमरा संग खुद अपना सं एतेक नाराज भ गेल छलीह जे ओ मिलय तक सं इनकार करि देलीह। ओहि दिन के बाद फेर कोनो संपर्क नहि रहल। किछु दिन बाद पता चलल जे हुनकर शादी भ गेलन्हि। ओ आब हमर दुनिया सं बहुत दूर, सात समुंदर पार यूएस चलि गेलीह। ई खबर सुनि, मोन के भीतर किछु टुटि गेल। फेर हुनका सं संपर्क करय के कोनो कोशिश नहि कएलौं। दिन-राति आब त बस ओहि याद मे बीतय लागल। कोनो काज मे मोन नहि लागए, बस अपना-आप सं भागैत, भीड़ मे रहितौं अकेलापन के अनुभव करैत रहलौं। किछ दिन छुट्टी ल क एक तरहे डेरा मे बंद भ गेलौं। हंसी-मजाक करय वाला हम, धीरे-धीरे गंभीर आ देवदास जकां बनि गेलौं। जिनगी के सभ रंग फीका पड़ि गेल। ऐना कतेक दिन करतौं। समय के संग-संग, धीरे-धीरे अपन आप के सम्हारय क...
आई कोजगरा के दिन बड्ड नीक खबर मिलल। एमएसयू के कर्ताधर्ता आओर युवा नेता अनूप मैथिल जी ट्वीट कs जानकारी देलाह जे मैथिल पुत्र विजय झा जी पंडौल मे 200 करोड़ के निवेश करय जा रहल छथिन्ह। अनूप जी अपन ट्वीट मे लिखलाह जे,
बहुत बढ़िया
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चर्चा । Discuss INDIA
अहाँ जे हमरा अपन मिथिला के बारे में जानकारी दैत छि ताहि के हम आभार व्यक्त करैत छि
ReplyDeleteshailendrajha1985@gmail.com