आंसू

NARAD:Hindi Blog Aggregator
अभी

तुम गर्व से
हंसकर कहती हो
सभी
तुम्हें देखकर
जीते हैं
गाते हैं
और
मुस्कुराते हैं
पर
मैं चाहता हूं
कि

तुम मुझे देख कर
जीओ
गाओ
और
मुस्कुराओ
और
अगर तुम्हारे

चेहरे पर
मुझे
ये दिखा
तो
मैं
तुम्हे
देखते हुए
मरकर
दिखा दूंगा
तब तुम
अपनी भूल के
कारण
मेरी चिता
पर
आंसू बहाओगी

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

फर्स्ट आउ छात्रवृत्ति पाउ

हमर विआह- 8

बिहार से छीनो, बंगाल को दो...

दिल्ली मे भेल मिथिला महोत्सव आओर मैथिली साहित्य महोत्सव

राष्ट्र निर्माणमे राज दरभंगाक योगदानक चर्चा दिल्ली मे

सौभाग्य मिथिला : मैथिलीक अपन चैनल

आईबीएम मे जॉब... पाठकक पत्र

प्रसिद्ध नाटककार महेंद्र मलंगिया जी भेलाह एकटा आओर सम्मान सं सम्मानित

सरकारी स्कूल मे कम्प्यूटर शिक्षा

हमर विआह-9