विदेह मैथिली नाट्य उत्सव २०१२ मे बेचन ठाकुर लिखित आ निर्देशित नाटक "विश्वासघात" मंचित/ गजेन्द्र ठाकुर लिखित जादू वास्तविकतावादी नाटक "उल्कामुख"(निर्देशक बेचन ठाकुर)क मंचन प्रारम्भ

-विदेह मैथिली नाट्य उत्सव २०१२ मे बेचन ठाकुर लिखित आ निर्देशित नाटक "विश्वासघात" मंचित भेल। ६ घण्टा धरि चल ई नाटक ९ बजे रातिमे (२८ जनवरी २०१२) खतम भेल। मैथिलीमे समानान्तर रंगमंचक आरम्भ मानल जा रहल अछि। भरत नाट्यशास्त्र आधारित एस.एस.जानकीक ड्राइंग बनाओल रंगमंचपर ई नाटक लोक तन्मयतासँ
देखलनि। "स्लैपस्टिक ह्यूमर" बला सस्ता लोकप्रियता बला नाटक सभक अन्तक शंखनादक रूपमे ऐ नाट्य उत्सवकेँ देखल जा रहल अछि, जइमे ने भगताक भ्रष्ट-हिन्दीक प्रयोग भेल छल आ ने जातिवादी वाक्य संरचना कतौ देखबामे आओल, ई दुनू विशेषता हिन्दीसँ मैथिलीमे अनूदित नाटक, आ मैथिली उपन्यास-कथाक नाट्य रूपान्तरण धरिमे जबर्दस्ती घोसियाओल जाइत रहल छल। जखनकि मूल हिन्दीमे ऐ तरहक जाति आधारित वाक्य संरचना नै छलै, तइयो ब्राह्मणवादी जातिवादी रंगमंच ऐ तरहक रूपान्तरण तथाकथित नीच जाइतकेँ अपमानित करबा लेल आ अपन अहमक तुष्टि लेल करैत रहल, आ तेँ सर्वहारा वर्ग अपनाकेँ ऐ सँ दूर रखने रहल।

-पूर्ण रूपसँ महिला कलाकार लऽ कऽ बेचनजी मैथिली नाटकक मंचन करबेलन्हि, जे एकटा कीर्तिमान अछि।
-९ बजे रातिसँ (२८ जनवरी २०१२) गजेन्द्र ठाकुर लिखित जादू वास्तविकतावादी नाटक "उल्कामुख"(निर्देशक बेचन ठाकुर)क मंचन प्रारम्भ भऽ गेल अछि।

-काल्हि २९ जनवरी २०१२ केँ जगदीश प्रसाद मण्डल लिखित नाटक "वीरांगना"(निर्देशक बेचन ठाकुर)क मंचन हएत।


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-विदेह मैथिली नाट्य उत्सव २०१२ प्रारम्भ
-कुमार रामेश्वरम दीप जरा कऽ केलन्हि उद्घाटन, स्वागत गान सम्पन्न
-लोकमे अपार उत्साह
-कार्यक्रम शुरू हेबासँ पहिनहिये आयोजन स्थल लोकसँ खचाखच भरि गेल छल।
-स्थान-जे.एम.एस. कोचिंग सेन्टर, चनौरागंज, झंझारपुर
-तिथि २८ आ २९ जनवरी २०१२
-समय......दुनू दिन ११ बजे पूर्वाह्णसँ ५ बजे अपराह्ण धरि
-२०म विदेह मैथिली प्रदर्शनी सेहो ऐ उत्सवक अन्तर्गत आयोजित भऽ रहल अछि, मैथिली पोथी देखबा आ किनबा लेल भारी भीड़।
-एकांकी आ नाटकक मंचन हएत दुनू दिन
-मैथिली रंगमंच- भरत नाट्यशास्त्रक अनुसार- ई अछि ऐ नाट्य उत्सवक थीम
- नाटक आ फिल्मपर परिचर्चा सेहो हएत
-कविता गोष्ठीक आयोजन सेहो हएत।
-नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान २०१२ सेहो प्रदान कएल जाएत
-मैथिलीक समानान्तर रंगमंचक उदयक रूपमे ऐ नाट्य उत्सवकेँ मोन राखल जाएत।

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