- छठ पूजा पर गाम केना जाएल जाए एकटा बड़का सवाल बनि गेल अछि. ट्रेन टिकट लेल मारामारी मचल अछि. कोनो ट्रेन मे टिकट नहिं बाचल अछि. वेटिंग टिकट नहिं मिलि रहल अछि. सभ तीन मास पहिने कटि चुकल अछि. पटना...दरभंगाके लेल जे छठ स्पेशल ट्रेन चलाएल जा रहल अछि. ओकरो सेहे हाल अछि. कोढ मे खाज के काज कएलक राज ठाकरे मामला पर बिहार मे ट्रेनक रोकनाय आओर स्टेशन पर तोड़फोड़. एकर कारण कइटा ट्रेन रद्द भs गेल. जाही कारण कतेक लोक घर जाए सं वंचित रहि गेलाह. आब मन मसोसले...तोड़फोड़ करय वाला सभ के कोइस रहल छथिन्ह. गाम जाए के मन रहैत प्रोग्राम कैंसिल करय पड़लन्हि. कोनो रिजर्वेशन काउंटर पर जाउ... एजेंट के पास जाउ सभ सं बेसि भीड़ बिहार जाए वाला लोक सभ के अछि... मुदा टिकट नहिं मिलला सं निराश छथिन्ह. कतेक लोक त हिम्मत कs बस सं कई ठाम होएत निकलि गेलाह अछि. आओर कतेक लोक ट्रेनक भीड़भाड़ मे लटकैत... फटकैत जा रहल छथिन्ह. एहि भीड़भाड़ मे जे पहिने सं टिकट रिजर्वेशन करौने छथि ओ त निश्चिंत छथि मुदा स्टेशन पर पहुंचैत हुनको हाल कोनो नीक नहिं रहि जाए छनि. स्टेशन पर एतेक भीड़ जे गाड़ी पर चढ़य मे बारहो गत भs जा रहल अछि.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
ठीके कहलहुँ।
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