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मिथिला पेंटिंग के 'माता' महासुंदरी देवी जीक निधन

फोटो साभार
दुनिया भर मे मिथिला पेंटिंग...मधुबनी पेंटिंग के लोकप्रिय बनाबय वाली पद्मश्री महासुंदरी देवी आब एहि दुनिया मे नहि रहलीह.

आई गुरुवार दिन 4 जुलाई के साढ़े नौ बजे दिन मे हुनकर निधन भ गेलन्हि. हिनकर निधन के खबर सुनि देशभर मे मैथिल लोक के बीच...कलाप्रेमी लोक के बीच शोक के लहर फैल गेल अछि.

92 साल के महासुंदरी देवी जी काफी दिन सं बीमार चलि
रहल छलीह. हिनकर अंतिम संस्कार शुक्रदिन हिनकर गाम रांटी मे कएल जएतन्हि.

रांटी मधुबनी जिला के राजनगर ब्लॉक मे पड़ैत अछि... मधुबनी सं राजनगर गेलाह पर बीच मे रांटी आबैत अछि.

उम्र बेसि होए के कारण पिछला कई मास सं बीमार चलि रहल छलीह. खनाए-पीनाए सभ कम भ गेल छलन्हि. कहि सकय छी जे एक तरहे बंद भ गेल छलन्हि.
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महासुंदरी देवी जी अपना पाछा तीनटा पुत्र दूटा पुत्री आओर नाती-पोता सं भरल परिवार छोड़ि गेलखिन्ह. अगर मिथिला-मधुबनी पेंटिंग के दुनिया मे लोक जानैत अछि तं अहां कहि सकय छी हिनका बदौलत.

मिथिला...खासकर दरभंगा-मधुबनी के गाम-गाम...घर-घर मे मिथिला पेंटिंग के लोकप्रिय बनाबय मे हिनकर बड़ पैघ योगदान छनि.

एहि के कारण हिनका पद्मश्री के अलावा सैकड़ों राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड सं सम्मानित कएल गेल छलन्हि. महासुंदरी देवी जी छह बेर राष्ट्रपति सम्मान सं सम्मानित भेल छथिन्ह. शिल्प गुरु...तुलसी सम्मान जकां दर्जनों सम्मान.

बिहार सरकार हिनका पर एकटा फिल्म सेहो बना रहल अछि.

महासुंदरी देवी जीक निधन मिथिला लेल बड़का नुकसान अछि. भगवान हुनकर आत्मा के शांति प्रदान करथुन्ह आ परिवार के शक्ति.


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