संजीव सिन्हा मैथिली हमर सभक मातृभाषा अछि. अपन भाषा लेल सबके मोनमे अनन्त अनुराग होइत अछि. महाकवि विद्यापति मातृभाषाक महत्वके रेखांकित करैत लिखने छथि, ‘देसिल बयना सब जन मिट्ठा'– माने, अपन भाषा सबके मीठ लगैत अछि. हमरा सभक लेल ई गौरवक गप अछि जे मैथिली साहित्यक स्थान भारतीय भाषा मध्य महत्वपूर्ण अछि. मैथिली भाषाक स्वतंत्र अस्तित्व अछि. एकर व्याकरणक विशिष्ट पहचान अछि. एकर अपन लिपि अछि. एकर साहित्य
हेलो मिथिला - मिथिलाक गप मैथिली मे