मैथिल नारी: चार रंग ई सिर्फ मिथिलाक नारी के व्यथा-कथा नञि अछि... बल्कि ओतेक तरक्की करला के बादहुं देश-दुनिया के सभ नारी के आपबीती अछि. मैथिल नारी: चार रंग भने आई सं कई साल पहिने लिखल गेल होए... मुदा ई कहानी आजुक युग मे सेहो प्रासंगिक अछि. मैथिल नारी: चार रंग
हेलो मिथिला - मिथिलाक गप मैथिली मे