प्रकाश झा मैलोरंगक सांस्कृतिक प्रतिबद्धता, विश्वसनीयता, मैथिली नाट्यकर्ममे उच्च स्तरीय उपलब्धि आ निरंतरताक लेल अपनेक स्नेह एहि समूह संग सदैव रहल अछि. एहि बेर मैलोरंग रेपर्टरी अपन अथक प्रयास स’ कविकोकिल विद्यापतिक नाट्यकृति मणिमञ्जरीक मंचन क’ रहल अछि. ई जानि आश्चर्यक संग हर्ष सेहो होयत जे एहि नाटकक ई पहिल मंचन थिक. विद्यापति लिखित
हेलो मिथिला - मिथिलाक गप मैथिली मे