Skip to main content

टिकट लेल जूतम-पैजार

बिहार मे जेना-जेना पार्टी सभ के लिस्ट बहरा रलह अछि. टिकट चाहय वाला नेता सभ के असंतोष बढ़ल जा रहल अछि. टिकट लेल ओ अपना भरि जतेक जुगत भ सकैत अछि करय छथिन्ह. मुदा लिस्ट मे नाम नहि देखि नेता जी आओर नेताजीक कार्यकर्ता अपन धैर्य खो रहल छथिन्ह.

राज्यक सभ प्रमुख पार्टी मे टिकट के लेल बगावत जकां हाल अछि. टिकट नहि मिलला पर नेताजी सभ अपन दल-बल के संग पाला बदलि रहल छथिन्ह. पांच साल सं जकरा लेल इंतजार करय छलाह अगर सेहे नहि मिलल त आखिर दोसर कोनो रास्ता सेहो नहि रहि जाएत अछि न.

बिहार मे एहन कोनो दल नहि अछि जेहि मे टिकट के लेल मारि-पीट... तोड़-फोड़ नहि भेल होए. सत्ताधारी पार्टी जेडीयू होए आ सहयोगी बीजेपी... आ फेर विपक्षी आरजेडी... एलजेपी आओर कांग्रेस. टिकट के लsक सभ ठाम धमगज्जर भ रहल अछि.

कोनो ठाम पार्टी ऑफिस मे तोड़-फोड़ त कोनो ठाम आगि तक लगा देल जा रहल अछि. कोनो ठाम टिकट के लेल नंग-धड़ंग प्रदर्शन भ रहल अछि त कोनो ठाम पार्टी के वरिष्ठ नेताजी के मुंहें पर गरिआएल जा रहल छनि.

कोनो ठाम दोसर पार्टी सं आबय वाला के टिकट मिलला पर विरोध भ रहल अछि त कोनो ठाम बाहुबली आ फेर परिवार के लोक के... रिश्तेदार के टिकट देबय के खिलाफ नारेबाजी...धरना प्रदर्शन भ रहल अछि.

बिहार मे एहि बेर जेहि हिसाब सं पाला बदलनाए आ फेर टिकट नहि मिलला पर हो- हंगामा भ रहल अछि...ओ नेताजी सभ के लेल आंखि खोलय लेल काफी अछि. मुदा लगैत नहि अछि जे ओ कोनो सबक लेताह. हुनका त बस अपन फिक्र रहय छनि.

एहि बेर हंगामा.. हो-हल्ला... तोड़-फोड़ के असल कारण बस अपन के फिक्र अछि. नेता जी सभ जमीनी नेता के बिसरि अपन-अपन लोक के टिकट देबय पर जोर देलखिन्ह. पति... पत्नी... बेटा... बेटी... साला... ससुर.. दामाद जे रिश्तेदार... सगा-संबंधी दिखा जाए छनि टिकट दए द रहल छथिन्ह.

एहन मे सालों-साल सं पार्टी के बेस मजबूत करय वाला लोक सभ साइड भ गेल छथिन्ह. ओ एकदम सं हाशिआ पर आबि गेल छथिन्ह. हुनका पूछए वाला कोनो लोक नहि. ई नहि देखल जा रहल अछि जे इलाका मे लोक पर किनकर नीक प्रभाव... पकड़ छनि.

जेडीयू-बीजेपी त करीब-करीब सभटा मौजूदा एमएलए के टिकट द देलक अछि. जखन कि एहि मे सं काफी संख्या निकम्मा विधायक के छनि जे अपन इलाका के लोक के लेल किछ नहि करलखिन्ह. लोक हुनका पसंद नहि करय छथिन्ह.

पटना मे पार्टी मुख्यालय पर अहां देखिऔ त टिकट लेबय वाला नेता के हैसियत हुनकर बटुआ सं देखल जा रहल अछि नहि कि इलाका मे हुनकर जनाधार सं. दिल्ली-पटना मे रहय वाला नेता सभ के लगय छनि जे बेसि खर्च करत ओकर जीतय के संभावना ओतेक बेसि.

चुनाव सं पहिने लोकों सभ कई बेर उम्मीदवार के चमक-दमक सं प्रभावित भ जाए छथिन्ह. जिनकर जतेक पैघ घोड़ा-गाड़ी देखय छथिन्ह. जतेक खर्च करैत देखय छथिन्ह हुनका पाछा ओतेक दौड़य छथिन्ह. ओतेक जोर-जोर सं नारा लगाबय छथिन्ह.

चुनाव आब लोक के सेवा-भाव सं नहि लड़ल जा रहल अछि. आब चुनाव सेहो मार्केट मे एकटा निवेश जकां भ गेल अछि. जतेक पाए लगाएब ओतेक कमाएब. मुदा हुनका ई पता नहि छनि जे वोटर हुनका एहन झटका दय छथिन्ह जे ओ तुरंत जमीन पर आबि जाए छथिन्ह.

पार्टी जे करय अहां सभ अपन मताधिकार के इस्तेमाल करनाए नहि बिसरब. अगर लगैत अछि जे ई नीक उम्मीदवार नहि अछि. ई नेता चुनाव जीतला के बाद इलाका लेल नीक काज नहि करत. बस चुपचाप अपन वोट सं हुनका अपन फैसला सुना दिअ.
Share/Save/Bookmark 
हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com

Comments

Popular posts from this blog

हमर विआह- 8

श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...

फर्स्ट आउ छात्रवृत्ति पाउ

बिहार सरकार के तरफ सं एकटा छात्रवृत्ति योजना शुरू कएल गेल अछि. एहि मे एससी... एसटी, अल्पसंख्यक आओर अत्यंत पिछला वर्ग सं मैट्रिक मे फर्स्ट आबय वाला विद्यार्था के 10 हजार रुपया के छात्रवृत्ति देल जाएत. एकर शुरूआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी पटना मे किछ छात्र के 10 हजार रुपया के चेक द कएलखिन्ह. अहांके कि लगैत अछि कि ई एकटा नीक कदम अछि? कि एहि सं बेसि सं बेसि विद्यार्थी पढ़ाई-लिखाई के तरफ ध्यान देताह ? कि ई राज्य मे साक्षरता लाबय के दिशा मे नीक पहल अछि? आ फेर एकरो हाल दोसर योजना के जकां रहत? सरकार एहि सं पहिनहुं चरवाहा विद्यालय... साइकिल योजना... मिडडे मील नहि जाने कि कि चलाबैत अछि...कि एकरो हाल ओकरे जकां होएत? अहां सभ अपन-अपन विचार जरूर राखु आओर इहो बताउ जे शिक्षा क्षेत्र मे बेहतरी के लेल सरकार के आओर कि- कि करबाक चाही?   Mithila News Fropper.com - Indian Dating, Friendship, Romance हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com Mithila, Maithili,Madhubani Paintings, Darbhanga, Samastipur, Muzaffarpur, Sitamarhi,nepal, janakpur,kamla balan, bagmati,Janki, Kosi, Purnea, Saharsa, Madhepur...

सौभाग्य मिथिला : मैथिलीक अपन चैनल

मैथिली के चौबीसों घंटा वाला अपन चैनल 18 जून सं शुरू भs रहल अछि. चैनल के नाम अछि सौभाग्य मिथिला . मिथिला... मैथिलीक लेल ई नीक खबर अछि. करीब पांच करोड़ मैथिल के लेल ई मैथिलीक पहिल मनोरंजन चैनल होएत. लाइन मे किछ आओर चैनल अछि मुदा किछ एहन पेंच... कारण अछि जेहि सं ओ ऑन एयर नहि भS रहल अछि. सौभाग्य मिथिलाक तैयारी अखन जोर-शोर सं चलि रहल अछि. चैनल के काज देख रहल छथिन्ह प्रफुल्ल कुमार मिश्रजी. प्रफुल्लजी करीब 14 साल सं टीवी सं जुड़ल छथिन्ह. आओर सौभाग्य मिथिला के धरातल पर लाबय लेल दिन-राति एक कएने छथिन्ह. प्रफुल्ल जीक संग चैनल सं कइटा आओर अनुभवी लोक सभ जुड़ल छथिन्ह जे मिथिला... मैथिल सभ्यता... संस्कृति आओर साहित्य के लोक के बीच पहुंचाबय लेल प्रयासरत छथिन्ह. प्रिंट पत्रकारिता आओर रंगमंच सं जुड़ल कुमार शैलेन्द्र जी चैनल के प्रोग्रामिंग देख रहल छथिन्ह. उम्मीद करबाक चाही जे ओ नीक-नीक कार्यक्रम लsक अएताह. कईबेर हुनकर नाटक देखय के मौका मिलल अछि. नीक काज करय छथिन्ह. सौभाग्य मिथिला पर भोर मे 6 बजे सं लs क राति साढ़े दस बजे धरि अहां के नबका-नबका कार्यक्रम देखायल जाएत. राति मे अहां दिनका किछ नीक कार्यक्रम...