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मैथिलीक स्वॉट Strenghth- Weakness- Opportunity- Threat (SWOT) एनेलेसिस

मैथिलीक स्वॉट Strenghth- Weakness- Opportunity- Threat (SWOT) एनेलेसिस आ विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन
मैनेजमेन्टमे एकटा विषए छैक स्वॉट अनेलिसिस। मैथिलीक वर्तमान समस्याक लेल अपन गुरुजी चमू शास्त्रीजीक सँग कएल कैम्पक योगदानकेँ स्मरण राखैत विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलनक कार्ययोजनाकेँ एहि कसौटीपर कसै छी।
Strenghth- शक्ति, सामर्थ्य, बल –
मैथिली लेल हृदएमे अग्नि छन्हि, से सभक हृदएमे, परस्पर एक दोसराक विरोधी किएक ने होथु। जनक बीचमे एहि भाषाक आरोह, अवरोह आ भाषिक वैशिट्यकेँ लऽ कऽ आदर अछि आ एहि मे मैथिली नहि बजनिहार भाषाविद् सम्मिलित छथि। आध्यात्मिक आ सांस्कृतिक महत्वक कारण सेहो मैथिली महत्वपूर्ण अछि। एहि भाषामे एकटा आन्तरिक शक्ति छै। बहुत रास संस्था, जाहिमे किछु जातिवादी आ सांप्रदायिक संस्था सेहो सम्मिलित अछि, एकर विकास लेल तत्पर अछि। एहि भाषाक जननिहार भारत आ नेपाल दू देशमे तँ रहिते छथि आब आन-आन देश-प्रदेशमे सेहो पसरल छथि।
Weakness- न्यूनता, दुर्बलता, मूर्खता –
प्रशंसा परम्परा जाहिमे दोसराक निन्दा सेहो एहिमे सम्मिलित अछि, एकरे अन्तर्गत अबैत अछि- माने आत्मप्रशंसाक।
परस्पर प्रशंसा सेहो एहिमे शामिल अछि। सरकारपर आलम्बन, प्राथमिकताक अज्ञान- जकर कारणसँ महाकवि बनबा/ बनेबा लेल कवि समीक्षक जान अरोपने छथि- जखन भाषा मरि रहल अछि। कार्ययोजनाक स्पष्ट अभाव अछि आ जेना-तेना किछु मैथिली लेल कऽ देबा लेल सभ व्यग्र छथि, कऽ रहल छथि। स्वयं मैथिली नहि बाजि बाल-बच्चाकेँ मैथिलीसँ दूर रखबाक जेना अभियान चलल अछि आ एहिमे मीडिया, कार्टून आ शिक्षा-प्रणालीक संग एक्के खाढ़ीमे भेल अत्यधिक प्रवास अपन योगदान देलक अछि। मैथिलीक कार्यकर्ता लोकनिक कएक ध्रुवमे बँटल रहबाक कारण समर्थनपरक लॉबिइंग कर्ताक अभाव अछि। मैथिलीकेँ एहिअँ की लाभक बदला अपन/ अप्पन लोकक की लाभ एहि लेल लोक बेशी चिन्तित छथि। मैथिली छात्रक संख्याक अभाव। उत्पाद उत्तम रहला उत्तर सेहो विक्रयकौशलक आवश्यकता होइत छै। मैथिलीमे उत्तम उत्पादक अभाव तँ अछिए, विक्रयकौशलक सेहो अभाव अछि।
Opportunity- अवसर, योग, अवकाश –
विशिष्ट विषयक लेखनक अभाव, मात्र कथा-कविताक सम्बल। मैथिलीमे चित्र-शृंखला, चित्रकथा, विज्ञान, समाज विज्ञान, आध्यात्म, भौतिक, रसायन, जीव, स्वास्थ्य आदिक पोथीक अभाव अछि। ताड़ग्रन्थक संगणकक उपयोग कऽ प्रकाशन नहि भऽ रहल अछि। छात्र शक्तिक प्रयोग न्यून अछि। संध्या विद्यालय आ चित्रकला-संगीतक माध्यमसँ शिक्षा नहि देल जा रहल अछि। दूरस्थ शिक्षाक माध्यमसँ/ अन्तर्जालक माध्यमसँ मैथिलीक पढ़ाइक अत्यधिक आवश्यकता अछि। मैथिलीमे अनुवाद आ वर्तमान विषय सभपर पुस्तक लेखन आ अप्रकाशित ताड़ ग्रन्थ सभक प्रकाशनक आवश्यकता अछि। मैथिलीक माध्यमसँ प्रारम्भिक शिक्षाक आवश्यकता अछि। प्रवासी मैथिल लेल भाषा पाठन-लेखन-सम्पादन पाठ्यक्रमक आवश्यकता अछि।
Threat- भीषिका, समभाव्यविपद् –
हताशा, आत्महीनता, शिक्षासँ निष्कासन, पारम्परिक पाठशालामे शिक्षाक माध्यमक रूपमे मैथिलीक अभाव, विरल शास्त्रज्ञ, ताड़पत्रक उपेक्षा आ विदेशमे बिक्री, भाषा शैथिल्य, सांस्कृतिक प्रदूषण आ परिणामस्वरूप भाषा प्रदूषण, मुख्यधारासँ दूर भेनाइ आ मात्र दू जातिक भाषा भेनाइ, शिक्षक मध्य ज्ञान स्तरक ह्रास, राजनैतिक स्वार्थवश मैथिलीक विरोध ई सभ विपदा हमरा सभक सोझाँ अछि।
विदेहक मैथिली साहित्य आन्दोलन मैथिलीकेँ जनभाषा बनएबाक प्रक्रममे लागल अछि। पाक्षिक रूपेँ मासमे दू बेर एहिपर विचिन्ता होइत अछि। नकारात्मक चिन्तन, परदूषण आ अभाव भाषण द्वारा ई आन्दोलन नहि अवरोधित होएत आ एकरा न्यून करबाक आवश्यकता अछि। ई सभटा ऊपरवर्णित बिन्दु प्रबन्धन-विज्ञानक कार्ययोजनाक विषय अछि, आ भाषणक नहि कार्यक आवश्यकता अछि आ से हम सभ कऽ रहल छी। सम्भाषण, मैथिली माध्यमसँ पाठन, नव सर्वांगीन साहित्यक निर्माण लेल सभकेँ एकमुखी, एक स्तरीय आ एक यत्नसँ प्रयास करए पड़त। धनक अभाव तखने होइत अछि जखन सरकारी सहायतापर आस लगेने रहब। सार्वजनिक सहायताक अवलम्ब धरू, दाताक अभाव नहि स्वीकारकर्ताक अभाव अछि।
हमरा गाममे एकटा सुरजू भाइ रहथि। लोक जखन कहैत छलै जे सरकार रोड नञि बनबैत अछि तँ ओ कहै छलखिन्ह जे गाममे सभ गोटे जकर घर सड़कक कातमे छै अपन-अपन घरक आगाँक सड़क भरि देत तँ अपने सौँसे गाममे सड़क बनि जएतै। आ हुनकर खेत बाधमे दुरगरोसँ झलकैत भेटितए- गोबर-खादसँ ऊँच कऽ कऽ भरल। सुरुजु भाइकेँ भोरसँ कड़गर रौद भेला धरि पथिये-पथिये गोबर उघैत हम देखने छी। मालवीय जी झोड़ा लऽ कऽ निकलि गेल छलाह आ विश्वविद्यालय बना लेलन्हि। हमरा सभ सेहो ओही लगनसँ कार्य करी।

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