आई नेट सर्फ करय के दौरान एकटा बात पता चलय जे संजीवनी नाम सं जेहि पौधा के अपना सभ नाम सुनने छी ओहि वर्ग के एकटा पौधा अछि मैंगोस्टीन. एकर फल एक बेर खा लेला के बाद आदमी मास-मास धरि कुपोषण सं बचल रहि सकैत अछि. आओर सभसं अचरज के गप ई जे एकर एकटा गाछ मिथिला मे सेहो अछि. ई समस्तीपुर जिला के छतौना गाम मे अछि. ई जागरण के साइट पर देखय लेल मिलल. एहि बारे मे बेसि जानकारी लेल अहां एहि लिंक के क्लिक करु... जागरण
बिहार सरकार के तरफ सं एकटा छात्रवृत्ति योजना शुरू कएल गेल अछि. एहि मे एससी... एसटी, अल्पसंख्यक आओर अत्यंत पिछला वर्ग सं मैट्रिक मे फर्स्ट आबय वाला विद्यार्था के 10 हजार रुपया के छात्रवृत्ति देल जाएत. एकर शुरूआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी पटना मे किछ छात्र के 10 हजार रुपया के चेक द कएलखिन्ह. अहांके कि लगैत अछि कि ई एकटा नीक कदम अछि? कि एहि सं बेसि सं बेसि विद्यार्थी पढ़ाई-लिखाई के तरफ ध्यान देताह ? कि ई राज्य मे साक्षरता लाबय के दिशा मे नीक पहल अछि? आ फेर एकरो हाल दोसर योजना के जकां रहत? सरकार एहि सं पहिनहुं चरवाहा विद्यालय... साइकिल योजना... मिडडे मील नहि जाने कि कि चलाबैत अछि...कि एकरो हाल ओकरे जकां होएत? अहां सभ अपन-अपन विचार जरूर राखु आओर इहो बताउ जे शिक्षा क्षेत्र मे बेहतरी के लेल सरकार के आओर कि- कि करबाक चाही? Mithila News Fropper.com - Indian Dating, Friendship, Romance हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com Mithila, Maithili,Madhubani Paintings, Darbhanga, Samastipur, Muzaffarpur, Sitamarhi,nepal, janakpur,kamla balan, bagmati,Janki, Kosi, Purnea, Saharsa, Madhepur...
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
प्रसिद्ध मैथिली नाटककार महेंद्र मलंगिया जी एकटा आओर सम्मान सं सम्मानित भेलाह। मलंगिया जी के रविदिन, 18 सितंबर के नेपालक राजधानी काठमांडू मे ‘हरिप्रसाद कल्याणी रिमाल नाट्यसंगीत पुरस्कार सं सम्मानित कयल गेलन्हि। मैथिली भाषा साहित्य नाट्यसर्जक आ निर्देशक महेंद्र मलंगिया जी मधुबनी जिलाक मलंगिया गाम के रहय वाला छथिन्ह। हिनका एहि सं पहिने मैथिली भाषाक प्रतिष्ठित प्रबोध सम्मान, पाटलिपुत्र सम्मान, विद्यापति सेवा संस्थान सम्मान, रंग रत्न उपाधि
हमर गाम केवटी मे मिथिला पेंटिंग ट्रेनिंग सेंटर खुली रहल अछि. गाम के लेल ई बड़ नीक गप अछि. एहि सं दरभंगा-मधुबनी जिला के एकटा बड़का इलाका के लोक फायदा उठा सकय छथिन्ह. किएक त हमर गाम दरभंगा आओर मधुबनी जिला के बीच मे अछि. केवटी द क दरभंगा सं नेपालक सीमा जयनगर के जोड़य वाला नेशनल हाइवे सेहो जाएत अछि. हमर गामक हाईस्कूल मे अखनो इलाका के 10-12 किलोमीटर तक के छात्र पढ़य आबय छथिन्ह. ओना जखन हम स्कूल मे छलहुं तखन कहि सकय छी 50-50 किलोमीटर दूर तक के छात्र एहि ठाम पढय आबय छलखिन्ह. ओहि टाइम एहि ठाम छात्रावास के नीक व्यवस्था छल. सुदिष्ठ झा जीक समय केवटी स्कूल के पूरा दरभंगा-मधुबनी जिला मे एकटा अलग प्रतिष्ठा प्राप्त छल. आब गाम मे मिथिला पेंटिंग ट्रेनिंग सेंटर खुली रहल अछि. एहि सेंटर के खोलय के शुभ कार्य करय जा रहल छथिन्ह राम कुमार दास जी. राम कुमार दास जी रिटायर माइनिंग इंजीनियर छथिन्ह. दास जी अखन 65 साल के छथिन्ह. दस साल के उम्र मे गाम सं पढ़ाई-लिखाई... नौकरी के सिलसिला मे जे बाहर निकललखिन्ह तं आब 55 साल बाद फेर सं गाम वापस आबय के मौका मिललन्हि. पढ़ाई-लिखाई आ नौकरी लेल गाम सं निकलला पर कई बेर लोक म...
ई व्यंग पूर्णतः काल्पनिक अछि। एकर पात्र , घटना वा परिस्थितिसँ कोनो लेना-देना नै अछि। जँ कोनो पात्र वा घटना किनकोसँ मिलैत छन्हि तँ एकरा मात्र संयोग बूझल जाए। एहि अपीलकेँ बाबजूदो जँ केओ एहि व्यंगक घटनाकेँ
मैथिली भाषा आओर साहित्य के बचैबाक अछि तं हार नञि मानु, लिखैत रहुं, साहित्य सृजन करैत रहुं. भाषा तं तखने बांचत जखन लगातार रचना होएत रहत. काल्हि अगर अहां के कोई पूछि देलक जे मैथिली साहित्य मे कतेक रचना भेल अछि... आओर जखन अहां शान सं कहबै जे 20 हजार आ फेर 50 हज़ार तं पूछय वाला के खुद अंदाज़ लगि जएतन्हि जे मैथिली साहित्य कतेक समृद्ध अछि. ई उद्गार छलन्हि मैथिली साहित्य के लिविंग लीजेंड
गर्मी छुट्टी शुरू होए वाला अछि. बच्चा सभ आम खाय लेल आ दादा-दादी सं मिलय लेल गाम जाए चाहय छथिन्ह. लगन सेहो शुरू भ रहल अछि. गाम मे कइटा विवाह अछि. बारात जाए आओर भोज खाए के नीक मौका अछि. मुदा जखन टिकट लेल गेलहुं तं कोनो ट्रेन मे टिकट नहि मिलल. आब समस्या ई जे गाम केना जाएल जाए. आब आ तं दलाल सं टिकट लेल जाए आ फेर तत्काल के इंतजार कएल जाए. तत्काल मे कोनो ठिकान नहि. खिड़की खुलल नहि कि
गंभीर रूप सं बीमार मरीज के बेहतर इलाज के लेल दरभंगा सं हवाई सेवा शुरू भ रहल अछि. ई हवाई सेवा दरभंगा सं कोलकाता के बीच शुरू होएत. एहि सेवा के शुरू करि रहल अछि कोलकाता के मेडिका सुपर स्पेशलिटी अस्पताल. एकरा लेल मेडिका सुपर स्पेशलिटी अस्पताल दरभंगा मे अपन एकटा केंद्र खोलत. जतय लोक विमान सेवा के लेल सम्पर्क क सकय छथिन्ह. एहि के लेल करीब 40 हजार रुपया खर्च करय पड़त.
फेसबुक पर भवेश नंदन जी बड़ नीक चीज शुरू कएलाह. ओ अपन प्रोफाइल मे मैथिलीक भोजन सं संबंधित किछ एहन शब्द रखलाह जकर इस्तेमाल कम भ रहल अछि. हिनकर एहि कोशिश पर नीक-नीक कमेंट सेहो आबि रहल छनि. Vixy Pro के नाम सं विकास झा जीक कमेंट देखिऔ.. की यौ बाऊ...जमैन फैंक क फेसबुक पर बैसल छलु की. विकास जीक किछ शब्द जोड़य सेहो छथिन्ह. भवेश जी आओर विकास जी दूनु फिल्मकार छथिन्ह. दिल्ली मे रहय छथिन्ह आओर एहिठाम होए वाला मैथिली कार्यक्रम... समारोह मे बढ़ि-चढ़ि कs भाग लय छथिन्ह. अहां सभ सेहो भवेश जी... विकास जी आओर कृपा नंद झाजी जकां एहने किछ-किछ शब्द डालि एहि कड़ी के जोड़ैत रहिऔ. एहि शब्द के देखि क हम सभ गाम-घर मे वापस चलि जाए छी. ई शब्द अपन मिथिलाक याद दिलाबैत अछि. भवेश जी...विकास जी आओर कृपानंद झा जीक भोजन सं संबंधित किछ शब्द अछि... तीमन (vegetable), सोहारी (Bread), रामतरोई (Ladyfinger) , भांटा (Brinjal), भंसा घर' (Kitchen) , भानस (Cooking) , करछ (Serving spoon/Laddle), चंगेरा (Flatten Bamboo Basket) , रही(Blender) , गीरनाई (Gobble), झोर (Gravy) , संतोला (Orange), सियो (Apple), लेमनचूस (Candy...
जकर डर छल, सेहे भेल। पार्टी मे आएल किछु महिला सभ लेल त जेना मुंह मांगल मुराद पूरा भ गेलन्हि। गाम-घर के माए-बहिन सभ के जखन शहरक कोनो मसाला मिलि जाए छनि, त ओकरा चटकारा ल क सुनाबए मे कोनो कसर नहि छोड़ै छथिन्ह। पार्टी खत्म भेल, मुदा कानाफूसी शुरू भ गेल। मामला दिल्ली सं वाया रिश्तेदारी गाम तक पहुंचि गेल। सभ ठाम गप्प के केंद्र बनि गेल अल्का के हमरा सं चिपैट जनाए। अगर ई चिपटनाए कॉलेज मे भेल रहैत, त आम बात रहैत। मुदा मिथिलाक समाज मे, गाम-घर के लोक के बीच, ओहो मे एकटा विआहल महिला के—ई बात सभक लेल हजम करनाए कठिन छल। एक सं दोसरा, दोसरा सं तेसरा—बात फैलैत-फैलैत हमर गाम तक पहुंचि गेल। मां-बाबूजी के कान मे सेहो पड़ि गेल। पंडित जी के कान मे सेहो। मां-बाबूजी जतबा चिंतित, पंडितजी ओतबा उत्साहित। ओ सीधा हमर घर पहुंचि गेलाह, आ अपन पक्ष राखए लगलाह—हमरा प्रति लोक के भड़काबय के जतेक कोशिश होएत अछि, सब करय लगलाह। मुदा बाबूजी संयमित स्वर मे पंडित जी से कहलखिन्ह- एक त हमर बेटा चिपटल नहि, दोसर ओ लड़की विआहल छथीह, नीक परिवार के छथीह, आओर दिल्ली मे पढ़ि-लिखि क अमेरिका मे रहय छथीह। जतए गला मिलनाए साधारण बात छी। दून...
Ki Hitlal ki haal...
ReplyDeleteVinod Gupta, Darbhanga