Skip to main content

आब ऑनलाइन पिंडदान

आब देश सं बाहर रहय वाला लोक सभ सेहो पिंडदान करा सकताह. बिहार राज्य पर्यटन विभाग के ओर सं पितृपक्ष मेला के दौरान एहि बेर सं ऑनलाइन पिंडदान कराबय के व्यवस्था कएल जा रहल अछि. एहि सुविधा के लेल विदेश मे बसल लोक के किछ खर्च सेहो करय पड़तन्हि. खर्च के भुगतान क्रेडिट कार्ड सं कएल जा सकैत अछि. जिनका पिंडदान कराबय के छनि ओ क्रेडिट कार्ड सं शुल्क के भुगतान कs वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सं घर बैसल पिंडदान आ पूजा कs सकताह.
अहां कहि सकय छी जे आजुक आधुनिक युग मे पूजा-पाठ सेहो आधुनिक रूप ल लेलक अछि. सभ किछ हाईटेक बनल जा रहल अछि. काम-काज... नौकरी आ दोसर कोनो परेशानी के कारण पिंडदान करय नहि आबि सकय छी ... चिंता के कोनो बात नहि. घर बैसल पिंडदान करू. बस किछ बटुआ ढीला करय पड़त. बस बटुआ भरल रहत त सभ काज होएत रहत.
बिहार के विश्वप्रसिद्ध गया पितृपक्ष मेला के अवसर पर प्रवासी भारतीय अपन पूर्वज के श्राद्ध ऑनलाइन क सकताह. एहि सं जतय हुनका आध्यात्मिक सुख मिलतन्हि ओतहि सरकार के आमदनी सेहो होएत.
एहि बेर के पितृपक्ष मेला तीन सं अठारह सितम्बर तक चलत. सरकार के उम्मीद अछि जे एहि बेर करीब आठ लाख लोक मेला मे पहुंचताह. एकरा देखैत मेला के तैयारी अखने सं शुरू करि देल गेल अछि. तैयारी के समीक्षा खुद उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी जी कएलखिन्ह. सरकार एहि लेल ‘विष्णु सरकार’ नामक एकटा नीक होटल सेहो तैयार करबयलक अछि.
मेला के दौरान पर्यटन विभाग के तरफ सं किछ आधुनिक सुविधा वाला कॉटेज सेहो बनाएल जाएत. पर्यटन विभाग एहि बेर यात्री सभ के लेल एकटा विशेष पैकेज सेहो शुरू करय जा रहल अछि. एहि पैकेज मे यात्रा...विश्राम...पूजा आओर धुमनाय-फिरनाय शामिल रहत. तैयारी के क्रम के गया आओर बोध गया शहर के प्रमुख तालाब सभ के सफाई कएल जा रहल अछि. मेला के दौरान एहिठाम आबय वाला लोक के कोनो दिक्कत नहि होए ओकरा लेल सफाई...शौचालय आओर पीबय वाला पानि के व्यवस्था सेहो कएल जा रहल अछि...
Bookmark and Share

Comments

  1. सभ किछ हाईटेक भेल जा रहल अछि। मुदा कि जे गया गेलाह के बाद मानसिक संतुष्टि मिलैत अछि ऑनलाइन पिंडदान कएला सं मिलत?
    रंजन कुमार
    पंडौल,मधुबनी

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

हमर विआह- 8

श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...

फर्स्ट आउ छात्रवृत्ति पाउ

बिहार सरकार के तरफ सं एकटा छात्रवृत्ति योजना शुरू कएल गेल अछि. एहि मे एससी... एसटी, अल्पसंख्यक आओर अत्यंत पिछला वर्ग सं मैट्रिक मे फर्स्ट आबय वाला विद्यार्था के 10 हजार रुपया के छात्रवृत्ति देल जाएत. एकर शुरूआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी पटना मे किछ छात्र के 10 हजार रुपया के चेक द कएलखिन्ह. अहांके कि लगैत अछि कि ई एकटा नीक कदम अछि? कि एहि सं बेसि सं बेसि विद्यार्थी पढ़ाई-लिखाई के तरफ ध्यान देताह ? कि ई राज्य मे साक्षरता लाबय के दिशा मे नीक पहल अछि? आ फेर एकरो हाल दोसर योजना के जकां रहत? सरकार एहि सं पहिनहुं चरवाहा विद्यालय... साइकिल योजना... मिडडे मील नहि जाने कि कि चलाबैत अछि...कि एकरो हाल ओकरे जकां होएत? अहां सभ अपन-अपन विचार जरूर राखु आओर इहो बताउ जे शिक्षा क्षेत्र मे बेहतरी के लेल सरकार के आओर कि- कि करबाक चाही?   Mithila News Fropper.com - Indian Dating, Friendship, Romance हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com Mithila, Maithili,Madhubani Paintings, Darbhanga, Samastipur, Muzaffarpur, Sitamarhi,nepal, janakpur,kamla balan, bagmati,Janki, Kosi, Purnea, Saharsa, Madhepur...

सौभाग्य मिथिला : मैथिलीक अपन चैनल

मैथिली के चौबीसों घंटा वाला अपन चैनल 18 जून सं शुरू भs रहल अछि. चैनल के नाम अछि सौभाग्य मिथिला . मिथिला... मैथिलीक लेल ई नीक खबर अछि. करीब पांच करोड़ मैथिल के लेल ई मैथिलीक पहिल मनोरंजन चैनल होएत. लाइन मे किछ आओर चैनल अछि मुदा किछ एहन पेंच... कारण अछि जेहि सं ओ ऑन एयर नहि भS रहल अछि. सौभाग्य मिथिलाक तैयारी अखन जोर-शोर सं चलि रहल अछि. चैनल के काज देख रहल छथिन्ह प्रफुल्ल कुमार मिश्रजी. प्रफुल्लजी करीब 14 साल सं टीवी सं जुड़ल छथिन्ह. आओर सौभाग्य मिथिला के धरातल पर लाबय लेल दिन-राति एक कएने छथिन्ह. प्रफुल्ल जीक संग चैनल सं कइटा आओर अनुभवी लोक सभ जुड़ल छथिन्ह जे मिथिला... मैथिल सभ्यता... संस्कृति आओर साहित्य के लोक के बीच पहुंचाबय लेल प्रयासरत छथिन्ह. प्रिंट पत्रकारिता आओर रंगमंच सं जुड़ल कुमार शैलेन्द्र जी चैनल के प्रोग्रामिंग देख रहल छथिन्ह. उम्मीद करबाक चाही जे ओ नीक-नीक कार्यक्रम लsक अएताह. कईबेर हुनकर नाटक देखय के मौका मिलल अछि. नीक काज करय छथिन्ह. सौभाग्य मिथिला पर भोर मे 6 बजे सं लs क राति साढ़े दस बजे धरि अहां के नबका-नबका कार्यक्रम देखायल जाएत. राति मे अहां दिनका किछ नीक कार्यक्रम...