बिहार सरकार खेती के लेल तकनीक पर विशेष जोर द रहल अछि. सरकार चाहैत अछि जे लोक खेती मे बेसि सं बेसि आधुनिक तकनीक के प्रयोग करय. एहि लेल पटना मे किसान मेला के आयोजन सेहो कएल गेल अछि. ई मेला सोम दिन 20 अक्तूबर तक चलत. मेला मे किसान भाई सभ के खेती... बागवानी... डेयरी आओर मछली पालन के बारे मे जानकारी देल जा रहल अछि. मेला मे फल आओर सब्जी के प्रदर्शनी सेहो लगाएल गेल अछि. जाहि ठाम उन्नत किस्म के फल आओर सब्जी के उपजाबय के जानकारी देल जा रहल अछि. एहि लेल करीब ढाई हजार किसान के प्रशिक्षन सेहो देल गेल अछि. मेला मे नुक्कड़ नाटक...कृषि गोष्ठी के आयोजन सेहो भs रहल अछि. मेला मे खेती के काम मे आबय वाला मशीन... बीज...खाद...कीटनाशक सभ राखय गेल अछि. राज्य भर सं आएल किसान सभ के खेती... औषधीय पौधा...पशुपालन...माइटक जांच के बारे मे सेहो बताएल गेल.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
nitish sarkar kich karat
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