सिफी डॉट कॉम पर मैथिली भोजपुरी ब्लॉग के बारे में एकटा लेख आएल अछि. शीर्षक अछि भोजपुरी और मैथिली में भी हैं ब्लॉग. एहि खबर में गिरीन्द्र जी लिखने छथिन्ह जे अंग्रेजी... हिंदीए टा नहिं आब आंचलिक भाषा में सेहो ब्लॉग लिखल जा रहल अछि. खास कय मैथिली आओर भोजपुरी में रोज नवका ब्लॉग आबि रहल अछि. एहि में मैथिलीक कतेक रास बात, मिथिला मिहिर, माटिक लोक, टोला आओर हेलो मिथिला क चर्चा अछि. ब्लॉग के संग- संग अगर मैथिली लोक गीतक आनंद लेबय चाहय छी तs मैथिली लोक गीतक नामक ब्लॉग सेहो अछि. एकर संग एकटा ब्लॉग आओर अछि समदिया. ओना एहि लेख में एकर जिक्र नहिं अछि मुदा एहि ब्लॉग पर लिखय वाला रौशनजी अमर उजालाक पत्रकार छथि आओर नीक कोशिश कय रहल छथिल्ह. सिफी डॉट कॉम पर जेहि ब्लॉगक जिक्र कएल गेल अछि ओहि सभ ब्लॉगक लिंक हमर ब्लॉग में अछि अहां ओकरा क्लिक कय ओहि ब्लॉग के पढ़ि सकय छी.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
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