पूर्णिया के ब्रजमोहन ठाकुर विधि महाविद्यालय में पिछला दिन सत्रहवां अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक आयोजन कएल गेल. एहि सम्मेलन में देश भर सं आएल मैथिल विद्वान लोकनि मैथिली के दशा-दिशा पर चर्चा कएलाह. सम्मेलन में मैथिलीक वर्तमान स्थिति आओर विकासक लेल जरूरी कदम पर विचार- विमर्श कएल गेल. एहि अवसर पर अलग मिथिला राज्य के मांग सेहो दोहराएल गेल. सभ गोटे के कहनाय छलन्हि जे बिना अलग राज्य बनने एहि इलाका के विकास संभव नहिं अछि. एहि में मिथिलांचल के नेता लोकनि से आग्रह कएल गेल जे ओ पार्टी पॉलिटिक्स बिसरि मिथिलांचल के विकास पर ध्यान देथि. अगर ऐना भs गेल तs मिथिलांचल विकास के डगर पर दौड़य लागत. सम्मेलन में मैथिली गीत के कार्यक्रम सेहो भेल. विद्यापतिक गीत सं लोक सभ मंत्रमुग्ध भs गेलाह.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
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