गरीब रथ के लेल आब बेसि दिन तक इंतजार नहिं करय पड़त . रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव कहलथिन्ह अ जे जयनगर सं दिल्ली जाय वाला गरीब रथ जल्दीए खुलत. लहेरियासराय के पोलो मैदान में भेल एकटा अभिनंदन समारोह में ओ कहलथिन्ह जे पटना भs क दिल्ली जाय वाला एहि गरीब रथ में मात्र पांच सय रुपया में एसी के आनंद मिलत. लालूजी इहो कहलथिन्ह जे जल्दीए दरभंगा सं मुजफ्फरपुर के बीत रेल लाइन बिछाबय के काज सेहो शुरू कएल जाएत जाहि सं दिल्ली जाय में लोक के कम समय लागत आओर मुजफ्फरपुर जनाय सेहो आसान भs जाएत. रेल मंत्री के इहो कहनाय छलन्हि जे आब बिहार के कोनो इलाका रेल सं अछूता नहिं रहत. आठ टा नवका कारखाना खोलत जाएत. हुनकर कहनाय छलन्हि जे मिथिलांचल में रेलवे के अखन आओर विकास होएत. अभिनंदन समारोह में केंद्रीय मंत्री आओर दरभंगा के सांसद अली अशरफ फातमी सेहो मौजूद छलाह.
श्वेता के जन्मदिनक पार्टी सं डेरा त आबि गेलहुं, मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल। मोन एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेल—कॉलेजक दिन, जे जीवन के सबसे रंगीन, मस्ती आओर मासूमियत सं भरल समय छल। बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन, कहिओ नहि बिसराबय वाला दिन। ओहि दिन पहिल बेर मिलल छलीह अल्का। क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल। परिचय सं पता चलल जे अल्का सेहो दरभंगा के छथीह। बिहार सं आओर छात्र सभ छल, मुदा अपन शहर के बाते किछु आओर होए छै। जखन बात अपन शहर के होए त लगाव कनि बेसि बढ़ि जाए छै। अल्का यानी मैथिल ब्यूटी, सभ सं अलग। एकदम सं मासूम। एकटा अलगे भोलापन लेने। मोन सं, दिल सं एकदम आईना जकां साफ। दुनियादारी के छल-कपट, होशियारी सं दूर। बोली अतेक मीठ जेना आवाज में मिश्री घुलल होए। मोन होएत छल जे एकटक दैखेत रही आ हुनका सुनिते रही। केतबो खिसिआएल छी, अल्का के आवाज सुनि लिअ सभ शांत भ जाएत। मैथिली त ओहिना मीठ होएत अछि, मुदा अल्का के आवाज मे एकटा अलगे जादू आ कहु सम्मोहन छल जे अहां अपना के बिसैरि हुनका मे खो जएतौं। मंदिर के घंटी जकां मन प्रसन्न करि देबय वाला। सादगी एहन जे देखिते मुंह...
ई त बढिये बात न भेल.
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